संस्करण: 31दिसम्बर-2007

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गुजरात के चुनाव परिणाम इस खबर को इधर से भी देखें
यह आसानी और सुविधा की ओर भागने का समय है। मीडिया में भी समाचार व दृष्टि की खोज समाप्त होती जा रही है और रेडीमेड सूचनाओं से काम चलाया जा रहा है जिसके परिणाम स्वरूप बड़ी  >वीरेन्द्र जैन


  


             

भविष्य के सपने और भूत के भय के परिणाम
गुजरात विधानसभा चुनाव के परिणाम प्रचार अभियान में सकारात्मक सोच की सार्थक अभिव्यक्ति का जनादेश  सिद्ध हुए हैं। भाजपा बनाम नरेन्द्र मोदी ने जहां भविष्य के सपने दिखा >प्रमोद भार्गव


भ्रष्टाचार और कालाबाज़ारी की चपेट में सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीबों तक एक रूपये की मदद पहुँचाने पर चार रू. का खर्च
हाल ही में हुई राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में केन्द्रिय वित्तमंत्री श्री पी. चिदम्बरम  >राजेन्द्र जोशी


       


         

उथल-पुथल से भरपूर 2007
पिछला वर्ष भारत के पड़ोसियों के लिए अत्यधिक दुखदायी व चिंता का रहा। भारत के दो पड़ोसी देशों की-बंगलादेश व पाकिस्तान प्रजातंत्र की व्यवस्था चरमरा कर धाराशायी हो गई। वहीं >एल.एस.हरदेनिया


''भंवरजाल के बीच जनस्वास्थ्य समस्याएँ''
कमीशन ऑफ मैक्रो इकानॉमिक्स ऐण्ड हेल्थ की वर्ष 2001 की रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य पर निवेश में 500 फीसदी का मुनाफा है। विश्व बैंक द्वारा आंकलित आंकड़े इस कमीशन का रिपोर्ट पर  >डॉ. सुनील शर्मा


                     


              


तीसरे मोर्चे का सच
1991 में केन्द्र में सत्ता में आई काँग्रेस सरकार के अलावा 1989 से जो भी सरकार बनी वह मोर्चे या गठबंधन की ही सरकार रही हैं। दरअसल किसी एक दल या चुनाव से पूर्व के गठबंधान के बहुमत में न  >कृष्ण गोपाल सिन्हा


'गर्दिश में गंगा'
भारतीय जनमानस में अथक आस्था के रूप में पूजित 'गंगा' असामान्य दिख रही है। गंगा का पानी कम हो गया है जो बचा खुचा पानी है भी वह अशुध्द है। विगत कई वर्षों से खासकर उत्तर प्रदेश   >विन्ध्यमणि


            


                

स्त्री : दोयम दर्जा कब तक
आजकल स्त्रियों की स्वतन्त्रता, समानता और अधिकारों की चर्चा सुर्ख़ियों में है। निस्सन्देह पूर्वापेक्षा स्त्रियों में एक जागरूकता दृष्टिगत हो रही है। वे खुलकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सामने आयी हैं। समाज में एक >डॉ. गीता गुप्त


बढ़ती बेरोजगारी पर लगाम लगाने की चिंता
भारत के आर्थिक विकास की नीतियों का बेरोजगारी उन्मूलन के लक्ष्य से कोई सरोकार नहीं है। यद्यपि पिछले एक दशक में रोजगार के क्षेत्र खुले हैं, जिनमें प्रतिवर्ष हजारों शिक्षित लोगों को लाभप्रद रोजगार अवसर प्राप्त हुए  >विनय दीक्षित


             


            


वृध्दावस्था कल्याण विधेयक और वृध्दों का कल्याण
माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की दुर्दशा और अनदेखी इस देश में और विदेशों में भी कोई नई बात नहीं है। वृध्दाश्रमों में बढ़ती हुई संख्या इस बात की गवाह है कि वृध्दावस्था स्वयं के शरीर के साथ-साथ उन बच >डॉ.राजश्री रावत 'राज'


''युवाओं को नैतिक अवनति की ओर ले जाती तकनीकी प्रगति''
आज की युवा पीढ़ी संचार माधयमों व प्रौद्योगिकी की दीवानी है। ये उनकी जिंदगी का अहम् व अविभाज्य हिस्सा बन चुके हैं। युवाओं के आई. पॉड आदि आवश्यकताओं के साथ-साथ फैशन की अभिव्यक्ति का माधयम  >स्वाति शर्मा


             


 


घरेलू हिंसा को क्यों जायज मानें महिलाएँ
मैं आपसे एक साधारण सा सवाल पूछता हूं मान लें आप एक महिला हैं और आपके पति आपको बच्चों की ठीक से देखभाल न करने, खाना जला देने और पति से बहस करने पर आपकी पिटाई कर देते हैं। क्या आप   >मिथिलेश कुमार


योजनाओं में रखें आखिरी आदमी का खयाल
केन्द्रीय मंत्रिपरिषद के बाद अब ग्यारहवीं योजना के मसविदे पर राष्ट्रीय विकास परिषद की भी मुहर लग गई है। यानी इसे अमल में लाने का रास्ता साफ़ हो गया है। गौर करें तो इस योजना का जोर तीन बातों पर है।   >अखिलेश सोलंकी


     


                 


मोबाइल मेसेज और डिप्रेशन की शिकार युवा पीढ़ी
नवप्रभात के स्वर्णिम सूरज तुम्हारा स्वागत है।साथ ही तुम्हारी रश्मियों से छनकर आते नववर्ष के प्रकाश पुंज का भी हार्दिक... हार्दिक स्वागत है।तुम्हारे और नववर्ष के स्वागत में हम पलक  >भारती परिमल


 
                  31 fnlacj 2007
 

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