संस्करण: 24दिसम्बर-2007

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT

किताबों से फूटती हिंसा
यह सच्चाई कल्पना से परे लगती है कि विद्या के मंदिर में पढ़ाई जा रही किताबें हिंसा की रक्त रंजित इबारत भी लिखेंगी ? लेकिन हैरत में डाल देने वाली यह हृदयविदारक घटना एक हकीकत  >प्रमोद भार्गव


              


             

किशोरों में बढ़ती हिंसा : जिम्मेदार कौन ?
हाल ही में सुपरमॉल संस्कृति के प्रतिरूप साइबर सिटी गुड़गाँव के यूरो इण्टरनेशनल स्कूल के दो किशोर वय छात्रों ने अपने ही एक सहपाठी को गोलियों से भून डाला। यह सुनियोजित हिंसात्मक घटना एक ऐसे विद्यालय में>डॉ. गीता गुप्त


बाली सम्मेलन की विफलता कैसे टलेगा तबाही का मंज़र ?
इंडोनेशिया की राजधानी बाली में आयोजित 180 देशों के सम्मेलन में ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निपटने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। हालांकि सम्मेलन में यह बात   >महेश बाग़ी


   


         

सवालों के घेरे में सब्सिडी वितरण व्यवस्था
आर्थिक विकास के क्षेत्र में ऊंचाईया हासिल करने के लिए वर्तमान में सब्सिडी वितरण की व्यवस्था सवालों के घेरे में है। यह सब्सिडी गरीबों तक नहीं पहुँच पा रही है। न तो दी जा रही सब्सिडी से ग्राम >राजेन्द्र जोशी


राष्ट्रहित के साथ राजनीतिक मज़ाक कब तक ?
गत दिनों विश्व हिन्दू परिषद के स्वयंभू अंर्तराष्ट्रीय महासचिव प्रवीण तोगड़ियाजी इंदौर में थे। पिछले कुछ दिनों से उन्होंने गुजरात के हिंदुओं की चिन्ता से हाथ खींच लिया है या कहें कि   >वीरेन्द्र जैन


                            


 


उपचुनावों में हार से भाजपा में मतभेद
खरगोन लोकसभा के व सांवेर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव में करारी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी के भीतर पारस्परिक दोषारोपण का दौर प्रारंभ हो गया है। प्रदेश की मंत्रिपरिषद भी दोषारोपण के इस दौर से अछूती नहीं रह पाई। चुनाव के परिणाम  >एल.एस.हरदेनिया


मध्यप्रदेश में उद्योग नहीं, उद्योपगतियों का विकास
अगर आपको कम कीमत पर ऊपजाऊ जमीन खरीदना है तो सीधो मध्यप्रदेश चले आईये जहाँ राज्य सरकार किसानों की खेत खलिहान वाली जमीन भी बड़े-बड़े औद्योगिक कुबेरों को देने को   >अमिताभ पाण्डेय


       

                            

 


    

बदहाल सहकारी बैंक
भारत में सहकारी आंदोलन एक सौ वर्ष पुराना हो चुका हैं, लेकिन आर्थिक सुधारों के डेढ़ दशक के नये दौर में सहकारी आंदोलन खस्ता हालत में आ गया हैं। सहकारी आंदोलन की शुरूआत, कृषि, पशुपालन और ग्रामीण >विनय दीक्षित


पचासी करोड़ चालीस लाख भुखमरी से पीड़ित
बाली में जलवायु परिवर्तन पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र ने जो चेतावनी दी है वह पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण होना चाहिए। उसके खाद्य और कृषि संगठन >अखिलेश सोलंकी


          


     


''प्लास्टिक अवशिष्ट और पर्यावरण''
एक उक्ति है कि यह आप पर निर्भर है कि आप स्वर्ग में रहे, नहीं तो अवशिष्ट आपको नर्क में पहुंचा देंगे'' यहाँ अवशिष्ट से आशय है कि किसी निर्माण क्रिया से उत्पन्न नष्ट हुई, खराब अथवा अतिरिक्त  >डॉ. सुनील शर्मा


किसान को चाहिए जादू की झप्पी
किसान कड़ी मेहनत करते हुए अच्छी फसल उगाने के लिए रात को दिन बनाकर काम में लगे रहते हैं। फिर भी जीवन जीने की मुल आवश्यकताओं की पूर्ती हो नहीं हो पाती है। इसलिए आज  >दुलार बाबू ठाकुर


      


    


''मौत का निवाला पान मसाला''
आज से 16-20 वर्ष पूर्व तक पान मसाले का अधिक प्रचलन नहीं था। इसका प्रयोग तो लोगों ने सिगरेट या अत्यधिक पान खाने की आदत को छोड़ने या सीमित करने के उपाय के रूप में आरंभ किया था। आज स्थिति   >स्वाति शर्मा


ऐसे क्रिकेटर किस काम के
क्रिकेट अन्य देशों के लिए भले ही एक खेल से ज्यादा कुछ न हो मगर भारत में यह किसी धर्म से कम नहीं. क्रिकेट के प्रति समर्पण और उन्माद का जो नजारा भारत में देखने को मिलता है वह कहीं और नहीं मिल   >नीरज नैयर


                       


                  


स्वागत नववर्ष के स्वर्णिम सूरज....
नवप्रभात के स्वर्णिम सूरज तुम्हारा स्वागत है।साथ ही तुम्हारी रश्मियों से छनकर आते नववर्ष के प्रकाश पुंज का भी हार्दिक... हार्दिक स्वागत है।तुम्हारे और नववर्ष के स्वागत में हम पलक  >भारती परिमल


 
                  24 fnlacj 2007
 

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved