संस्करण: 9 अप्रेल- 2012

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चुनावी निष्कर्ष और

भारतीय लोकतंत्र

           मारे देश में चुनावों में विजय की सम्भावनाओं और चुनाव परिणामों के बाद उनके निष्कर्ष निकालने के तरीके बहुत किताबी हैं। जबकि सच तो यह है कि जनता की लोकतांत्रिक चेतना और राजनीतिक दलों में कार्य प्रणाली का विकास् अभी बहुत ही प्रारम्भिक अवस्था में है तथा निरंतर जारी चुनाव सुधारों के काम में अभी बहुत कुछ और किया जाना बाकी है। बड़ी संख्या में निरक्षरता,हर समय बदलती रहने वाली चुनाव प्रणाली का अज्ञान,जातिवाद, साम्प्रदायिकता, भाषावाद, क्षेत्रवाद, सामंतवाद, लोकप्रियतावाद, धनबल, बाहुबल, सत्तारूढ नेताओं से उम्मीदें, पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग,आतंकवाद,आदि अनेक कारण हैं जो चुनावों को प्रभावित करते हैं और जिनकी गणना कर निष्कर्ष निकालना फिलहाल सम्भव नहीं है।

  ? वीरेन्द्र जैन


राजोअना को ना ! कसाब को हां !!

आतंकवाद पर संघ-भाजपा के दोहरे मापदण्ड

        ब्बर खालसा इण्टरनेशनल का सदस्य बलवन्त सिंह राजोअना, जो पंजाब के पूर्वमुख्यमंत्री बेअन्त सिंह को मानव बम बना कर उड़ा देने की साजिश का अहम सदस्य था,जिस दौरान सोलह अन्य निरपराध लोग मारे गए थे, को फिलवक्त जीवनदान मिल गया है। 31 मार्च को उसकी मौत का परवाना निकल चुका था,मगर आखरी वक्त में सिखों के सर्वोच्च्च धार्मिक स्थल अकाल तख्त का इस मामले में अल्टीमेटम और फिर अकाली दल के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की कोशिशें आदि के चलते केन्द्र सरकार ने मामले को मुल्तवी किया है।

? सुभाष गाताड़े


बढ़ सकता है भाजपा पर संघ का नियंत्रण

      भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गड़करी का कार्यकाल पूरा होने के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी उनका स्थान ले सकते हैं, ऐसी चर्चा है। श्री गड़करी का मनोनयन जिस प्रकार से हुआ था उससे यह साफ हो गया था कि भाजपा की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अब बहुत ज्यादा परदे में नहीं रहना चाहता। पॉच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव से हासिल परिणाम तथा भाजपा शासित राज्यों के ताकतवर क्षत्रपों द्वारा की जा रही असहनीय मनमानी को देखते हुए संघ और उसके कैडर के भाजपाइयों में यह सलाह होती बतायी जा रही है कि............

? सुनील अमर


अन्ना और बाबा के दुष्चक्र से सावधान!

          हाँ एक ओर अन्ना हजारे और उसकी टीम के लोग गाँधी की कथित शालीनता का चोगा उतार कर, जन्तर मंतर पर आसीन होकर अभद्र और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने पर उतर आये हैं,जिस पर संसद में एकजुट विरोध हो रहा है। वहीं दूसरी ओर अन्ना हजारे टीम जो अभी तक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ तथा भारतीय जनता पार्टी से असम्बध्द होने का लगातार दावा करती रही थी,अब सार्वजनिक रूप से संघ एवं भाजपा के निकट सहयोगी और सत्ताधारी प्रमुख दल काँग्रेस के कटु आलोचक बाबा रामदेव का साथ लेकर और उन्हें साथ देकर सरेआम संयुक्त रूप से आन्दोलन चलाने के लिये कमर कस चुकी है।

? डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'


अपना गिरेबां भी देखें बाबा रामदेव

         क बहुत प्रसिध्द कहावत है जिसका काम उसी को साजे। इस कहावत को चरितार्थ करते कई उदाहरण भी हमारे सामने मौजूद हैं। फिर भी न जाने क्यों लोग इसकी अनदेखी कर देते हैं। अब बाबा रामदेव को ही देखिए, अच्छा खासा योग सिखाते थे, लेकिन आजकल सत्ता संघर्ष का हिस्सा बने हुए हैं। बाबा को जिसकी ए-बी-सी-डी भी नहीं पता, उसमें अपने लिए संभावनाएं तलाश रहे हैं।

 ? नीरज नैयर


बीजेपी की किसानों के साथ वादाखिलाफी

           चुनाव के समय मतदाताओं से बड़े-बड़े वादे करने वाली सियासी पार्टियां, सत्ता में आने के बाद किस तरह उनसे वादाखिलाफी करती हैं,हाल ही में यह बात मध्यप्रदेश में सामने निकलकर आई है। पिछले विधानसभा चुनाव में अपने चुनावी घोषणा-पत्र में किसानों के 50हजार रूपए तक के कर्ज माफ करने का वादा करने वाली बीजेपी, आज अपने वादे से पूरी तरह मुकर गई है। चार साल होने को आए, पर सूबे में ये वादा पूरा होता नहीं दिख रहा। हद तो तब हो गई,जब मध्य प्रदेश विधानसभा के अंदर बीजेपी शासन के मंत्रियों ने ऐसे किसी वादे से अपनी अनभिज्ञता जताई।

? जाहिद खान


क्या मध्यप्रदेश गेंग रेप प्रदेश हो गया है?

       हिलाओं और बेटियों के साथ दिन-प्रतिदिन बढ़ते यौन अपराधों से यह महसूस हो रहा है कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार इनकी रक्षा करने में पूरी तरह फिसवी साबित हो रही है। लगभग प्रतिदिन महिलाओं और बेटियों के साथ जघन्य अपराध होरहे हैं। अभी हाल में प्रदेश के बैतूल जिले में एक ऐसी घटना घटी है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। बैतूल जिले के मुख्यालय के पास स्थित एक गाँव की 15वर्षीय छात्रा के साथ बलात्कार की घटना होती है। छात्रा की माँ इमरती बाई ने साहस दिखाया और उसने बलात्कारियों के विरूध्द पुलिस थाने में रिपोर्ट कर दी। बलात्कार की घटना फरवरी में घटी थी। घटना के कुछ समय बाद माँ ने रिपोर्ट लिखाई।

? एल.एस.हरदेनिया


राजनीति में 'चिलम भरना' सेवा नहीं अब स्वार्थ है

महत्वपूर्ण शब्दार्थ नहीं भावार्थ है

      र्तमान दौर में जहां सब कुछ बदल रहा है वहीं मनुष्य की प्रवृत्ति भी बड़ी तेजी से बदलती जा रही है। मनुष्य की प्रवृत्ति, उस के आचरण और उसके चरित्र के आधार पर ही अनेक कहावतों और मुहावरों ने जन्म लिया है। मानव चरित्र के साथ ही उस पर बनी कहावतों और मुहावरों के शब्दार्थ और भावार्थ भी बदलते जा रहे हैं। अनेक ऐसे मुहावरों से हमारा साहित्यिक भंडार पूरी तरह से भरा-पूरा नज़र आता है। यह हमारी भाषागत संपदा और पारम्परिक समृध्दि का प्रतीक है।

 

? राजेन्द्र जोशी


मध्यप्रदेश में यह कैसा राज

        पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामप्रसाद मुखर्जी के आदर्शों की दुहाई देने वाली भारतीय जनता पार्टी आज जिस मुकाम पर है,उससे यह नहीं लगता कि इस पार्टी में शुचिता और पवित्रता कायम है। विधानसभा के हालिया सत्र में तो भाजपा की सरकार ने वह सब कर दिखाया जो किसी भी सरकार के लिए शर्म का विषय तो है ही संवैधानिक मर्यादाओं का हनन है। नरसिंहपुर के गोटेगांव में गैंग 999 के आतंक पर जब विधानसभा में विपक्ष ने चर्चा करानी चाही तो सरकार ने वह किया जो किसी भी दृष्टि से न संवैधानिक है और न ही कानून संमत। इस मामले में विपक्ष दो महीनों से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा था।

? महेश बाग़ी


बाबाओं के फैलते जाल में जुड़ा एक और नाम

    न दिनों बुध्दू बक्से के कई प्रसारण चौनलों पर निर्मल बाबा का दरबार सजा हुआ हैद्य हाल ही में अचानक निर्मल बाबा के भक्तों की संख्या में बेतहाशा वृध्दि हुई है। अगर इंटरनेट पर ही बाबा जी की वेबसाइट की लोकप्रियता का आकलन किया जाए तो पता चलता है कि एक साल में इसे देखने वालों की संख्या में 400 प्रतिशत से भी अधिक की बढ़ोत्तारी हुई है। टीवी चैनलों पर उनके कार्यक्रम के दर्शकों की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है। हालांकि उनके समागम का प्रसारण देश विदेश के 35से भी अधिक चैनलों पर होता है जिन्हें खासी लोकप्रियता भी मिल रही है,लेकिन उनके बीच कोई ब्रेक या विज्ञापन नहीं होता।

 

? सिध्दार्थ शंकर गौतम


समाज में जागीर कौर मानसिकता की मौजूदगी

     पंजाब सरकार में मन्त्री रही बीवी जागीर कौर पर बेटी हरप्रीत कौर को बन्धक बनाने ,जबरन गर्भपात कराने तथा हत्या की साजिश रचने के आरोप तय किए गए है और जेल भेज दिया गया है। हत्या के आरोप से वह बरी हो गयी हैं। ज्ञात हो कि हरप्रीत कौर ने एक ऐसे युवक कमलजीत से अन्तर्जातीय विवाह किया था,जो सामाजिक सोपानक्रम में 'नीचली' जाति से सम्बधित था, जिससे जागीर कौर की सहमति नहीं थी। वह उन दिनों सिखों की अहम कमेटी शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी की अध्यक्ष थी।

? अंजलि सिन्हा


क्षेत्रीय वैमनस्य का जिम्मेदार कौन ?

    1950-60 के दशक में दक्षिण भारत से जो लोग रोजी रोटी की तलाश में मुंबई (तत्कालीन बांबे) आये थे उन्होंने धीरे धीरे शहर में अपने पैर अच्छी तरह जमा लिये। जो इडली, दोसा, सांबरवड़ा के ठेले लगाते थे उन्होंने बड़े बड़े होटल खोल लिये, कइयों ने बड़े बिजनेस अंपायर खड़े कर लिये। जो स्वयं जम गये, उन्होंने अपने हजारों रिश्तेंदारों को भी बुला लिया, मुंबई में दक्षिण भारतीयों की अच्छी खासी तादाद हो गई। कुछ दक्षिण भारतीयों ने राजनीति में भी पैठ बनानी शुरू कर दी।जब गरीबी के बाद एक दम से पैसा आने लगता है तो व्यक्ति में घमंड और अकड़ अपने आप ही आ जाते हैं

 

? मोकर्रम खान


आईपीएल के लिए लोगों का पिघलता उत्साह

     चार अप्रैल से आईपीएल का कुंभ शुरू हो गया है। अब तक चार आईपीएल हो चुके हैं। इन चारों में दर्शकों की भागीदारी बेहतर रही। पर इस बार पांचवें आईपीएल में दर्शक काफी निराश हैं। उनका उत्साह अब पिघलता दिखाई दे रहा है। इस बार आईपीएल की ब्रांड वेल्यू में भी कमी आई है। मीडिया पर छाने वाले विज्ञापनों की आवक भी कम हुई है। इन बातों को देखते-समझते हुए यही कहा जा सकता है कि इस बार दर्शकों में आईपीएल को लेकर कोई विशेष उत्साह नजर नहीं आ रहा है। कहा जाता है कि किसी भी चीज की अति हमेशा बुरी होती है। चार वर्ष पहले आईपीएल को लेकर दर्शकों की तरफ से काफी रिस्पांस मिला था। आईपीएल शुरू होने के पहले ही अखबार और टीवी इसके विज्ञापनों से लद जाते थे। मैच के दौरान तो सिनेमा घरों में सन्नाटा छा जाता था।

? डॉ. महेश परिमल


  9 अप्रेल2012

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