संस्करण:  08 नवम्बर-2010

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT


क्या भगवा आतंकवाद भी आस्था का मामला ह

  योध्या के राम जन्मभूमि मन्दिर बाबरी मस्जिद मालिकाना विवाद का फैसला आने से पहले जब संघ परिवार के लोगों को लग रहा था कि न्यायिक सम्भावनाओं के अनुसार उनके पक्ष के लोग मुकदमा हार जायेंगे तब>वीरेंद्र जैन
 


राम चबूतरे से हिन्दू राष्ट्र के सिंहासन तक
 

  'इस दृष्टिकोण से हिंदुस्थान की विदेशी नस्लों को या तो निश्चित तौर पर हिन्दू संस्कृति और भाषा अपना लेनी चाहिये, हिन्दु धर्म का सम्मान तथा उस पर श्रध्दा रखना सीखना चाहिये>अशोक कुमार पाण्डेय


इन चुनावों से कैसे हो जन-प्रतिनिधित्व

 

 देष के दो बड़े राज्यों- उ.प्र. और बिहार में इन दिनों क्रमश: पंचायत और विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। पंचायत चुनावों के तो प्राय: नतीजे भी आ चुके हैं।>सुनील अमर


कतिपय राज्यों में सत्ता की नौटंकिया!

 

 राजनैतिक पार्टियों को सत्ता का ऐसा चस्का लग चुका है कि कतिपय राज्यों में जिस तरह के दृश्य उपस्थित हो रहे हैं उससे राजनैतिक शुचिता दूषित होती जा रही है।>राजेंद्र जोशी


सुषमा स्वराज ने सच ही कहा कि नरेन्द्र मोदी का जादू सिर्फ गुजरात में चलता है।

 भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा में नेता सुषमा स्वराज ने अक्षरश: सही कहा था कि बिहार में नरेन्द्र मोदी का जादू नहीं चलेगा।>एल.एस.हरदेनिया


उस वीरांगना का संघर्ष सशस्त्र बल विशेष
अधिकार अधिनियम आखिर कब तक?


  क्तूबर माह के आखरी दिन मणिपुर की राजधानी इम्फाल की सड़कों पर अखिल मणिपुर रिक्शाचालक एवम रेहडीचालक कल्याण संघ की अगुआई में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया।>सुभाष गाताड़े


वहशी बनते हुए युवा मर्द

   मोह के तेजगढ़ थाने के मगदपुरा गांव की 12 वीं की छात्रा को खेत में अकेला पाकर जबलपुर में इंजीनियरिंग के छात्रा सौरभ ने बलात्कार किया और धमकी दिया कि घर में बताया तो मार ड़ालूंगा।>अंजलि सिन्हा


स्वयंसेवी संगठन विकास के वाहक

  देश में स्वयंसेवी संगठनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के अनुसार इस समय देश में 33 लाख एनजीओ यानि स्वयंसेवी संगठन कार्यरत है।>डॉ. सुनील शर्मा


बढ़ती भूख, मिट्टी बनता भोजन


  क तरफ हमारे देश में भूख और खाद्य सुरक्षा जबरदस्त द्वंद्व के दौर में हैं। अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान की ओर से जारी किए भुखमरी के सूचकांक में भारत का स्थान महज 84 देशों में 67 वां है।>प्रमोद भार्गव


आखिर इस मर्ज पर कैंसे काबू पाएं

  मारे मुल्क में चिकित्सकों-वैज्ञानिकों ने लगातार अनुसंधान कर भले ही कई जानलेवा बीमारियों पर काबू पा लिया हो, लेकिन एक साधारण बुखार मलेरिया को काबू कर पाने में सरकारी और सभी चिकित्सकीय कोशिशें बिल्कुल नाकाम रहीं हैं।> जाहिद खान


राज है ऊपरवाले का


  कुछ दिन पूर्व एक विदेशी पर्यटक ने भारत के पर्यटन का आनंद लेते हुए एक बड़ी रोचक टिप्पणी की थी कि भारत की व्यवस्थाओं के चलते देख अनीश्वरवादी भी सोचने लगता है कि कोई भगवान है>डॉ. देवप्रकाश खन्ना


08 नवम्बर-2010 

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved