संस्करण: 8 अप्रेल-2013

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राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के संकेत

बेशर्मी पर उतर आयी है भाजपा

       किसी भी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन में यह कोशिश की जाती है कि पार्टी के संगठन का गठन ऐसा हो जिससे वह पहले की तुलना में और भी अच्छी तरह काम करे व लोकप्रियता हासिल करे, किंतु राजनाथ सिंह को मजबूरन भाजपा का राष्ट्रीय अधयक्ष बनाये जाने के बाद घोषित की गयी राष्ट्रीय कार्यकारिणी लोकतंत्र की दिशा में जाती हुयी दिखाई नहीं देती। देश भर के निष्पक्ष प्रिंट और विजुअल मीडिया ने भाजपा के इस कदम की एक स्वर से निन्दा की है व भाजपा का पेड मीडिया भी इसकी प्रशंसा नहीं कर सका अपितु उसने मौन रहना ही ठीक समझा।

?   वीरेन्द्र जैन


नरेंद्र मोदी के रिकैनलाइजेशन के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं

       हाल ही में एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र की वेबसाइट पर एक समाचार आया है कि नरेंद्र मोदी का अपनी पत्नी से पैच अप हो गया है और अब वह नरेंद्र भाई के साथ मुख्यमंत्री निवास में रहने को राजी हो गई हैं।  यह समाचार किसी अजूबे से कम नहीं है क्यों कि अभी तक लोगों को यही मालूम था कि भाई नरेंद्र मोदी आरएसएस के बड़े नेताओं की तरह अविवाहित हैं।  स्वयं मोदी ने कभी यह जाहिर नहीं किया कि वे कभी किसी स्त्री  के मोह-पाश में बंधे थे। भला हो कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह का जिन्होंनने नरेंद्र मोदी को चुनौती दे डाली कि.....

? मोकर्रम खान


मोदी की छवि, झूठ का बुलबुला

       गुजरात सरकार ने हाल ही में दो कानून बनाए हैं, यह दोनों कानून उस व्यक्ति की हकीकत बयान करते हैं जिसे इस देश के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर भाजपा प्रस्तुत करना चाहती है। यह कानून बताते हैं कि देश का प्रधानमंत्री के लिए लालायित यह व्यक्ति देश के गरीबों के प्रति कितना संवेदनशील है और उद्योगों के प्रति कितना समर्पित। भ्रष्टाचार मिटाने के लिए कितना कृतसंकल्पित है और उसे दबाने के लिए किस हद तक जा सकता है। इन कानूनों के आईने में यह भी साफ समझा जा सकता है कि मोदी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने के पीछे मूल कारक क्या हैं? विकास या विघटनकारी नीति?

? विवेकानंद


अमित शाह और नरेन्द्र मोदी को अपनी टीम में शामिल कर क्या संदेश देना चाहते हैं राजनाथ सिंह

         गुजरात के पूर्व गृहमंत्री अमित शाह को अपनी कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण पद देकर भारतीय जनता पार्टी ने यह संदेह दिया है कि उन्हें व उनकी पार्टी को इस बात की तनिक भी परवाह नहीं है कि जघन्य अपराधों में लिप्त किसी व्यक्ति को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने की समाज में क्या प्रतिक्रिया होगी। यहां यह उल्लेखनीय है कि अमित शाह के विरूध्द एक झूठी मुठभेड़ में कुछ व्यक्तियों की हत्या करने का आरोप है। इस मामले को लेकर उनके विरूध्द अदालत में मुकदमा भी चल रहा है।

? एल.एस.हरदेनिया


डेविड जीते और गोलिएथ हारा

आम जनता बनाम दुनिया की महाकाय दवा कम्पनी नोवार्टिस

      मुल्क की आला अदालत ने पिछले दिनों अपने एक अहम फैसले में नोवार्टिस नामक स्विस मूल की दवा के निर्माण में मुब्तिला बहुदेशीय कम्पनी के दावे को खारिज कर कैन्सर के करोड़ों मरीजों के लिए सस्ती दवा पाने का रास्ता खोल दिया। आला अदालत का कहना था कि गिलवेक नामक कैन्सर की दवा को लेकर विशिष्ट पेटेण्ट अधिकार प्रदान करने का कम्पनी का दावा इस आधार पर गलत है कि भारत के कानून के तहत ''आविष्कार एवं पेटेण्ट देने की योग्यता के दोनों परीक्षणों में'' यह सही नहीं ठहरता।

 ?   सुभाष गाताड़े


'दुर्योधनों' के हाथों मारा गया 'संजय'

                  द्वापर युग में महाभारत युध्द प्रारंभ होने के पूर्व जब अर्जुन ने अपने सगे-संबंधियों के विरुध्द हथियार उठाने से मना कर दिया था, तब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म, नीति और वचन की शिक्षा दी थी, जिसे हमें गीतोपदेश के रूप में जानते हैं और उसका पठन-पाठन भी करते हैं। श्रीकृष्ण के उपदेश के बाद जब अर्जुन युध्द के लिए तैयार हुए और युध्द प्रारंभ हुआ, तब धृष्टद्युम्न के नेतृत्व में लड़ रही कौरव सेना की स्थिति और युध्द का हाल जानने के लिए धृतराष्ट्र नरे संजय को तैनात किया था, जो युध्द का आंखों देखा हाल बताता था।  

? महेश बाग़ी


प्रजनन दर में नहीं आई अपेक्षाकृत कमी

ऊपर के तीन राज्यों में म.प्र. भी शामिल

      राष्ट्रीय स्तर पर प्रजनन दर में जरूर कमी आ गई है किंतु वर्तमान में कई ऐसे राज्य है जिनमें महिलाओं को औसतन तीन से ज्यादा बच्चे पैदा हो रहे हैं। राष्ट्रीय जनसंख्या नीति के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर 2.1 बच्चों का निर्धारण किया गया था किन्तु वर्ष 2010 तक 2.4 बच्चों का औसत निकाला गया। इसके पूर्व एक वर्ष पहले तक की प्रजनन दर का अंक 2.5 था।

? राजेन्द्र जोशी


शिवराज सिंह जी- जनता आपको अलविदा कहने जा रही है!

      सामाजिक कल्याण की योजनाओं के नाम पर सरकारी खजाने को लुटा रही मध्यप्रदेश सरकार की योजनाएँ क्या प्रदेश की जनता को समुचित लाभ पंहुचा पा रही है? वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली को जानने के लिये यह प्रश्न प्रदेश की जनता के लिये विचारणीय है। सर्वप्रथम प्रदेश सरकार के ''बेटी बचाओ अभियान'' को ही लें तो इसकी सफलता का प्रमाण प्रदेश के थानों में दर्ज महिलाओं के विरूध्द अपराध के ऑंकड़ों से मिल जायेगा।

? जे.पी.शर्मा


अवसरवादी राजनीति का घृणित रूप

        पा-कांग्रेस के संबंधों में कड़वाहट बढ़ती जा रही है। कभी मुलायम यादव के गहरे मित्र रहे बेनी प्रसाद अब उनके ही खिलाफ हो गए हैं। दोनों तरफ से लगातार आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। दो सप्ताह पहले जब बेनी प्रसाद ने मुलायम को आतंकवादियों का साथी कहा था, तब मुलायम काफी कठोर दिखाई दिए थे। एक बार तो उन्होंने यह तय कर लिया था कि केंद्र सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेंगे। काफी गहमा-गहमी की स्थिति थी। सोनिया ने मुलायम को समझाया। तब कहीं जाकर मुलायम ठंडे पड़े। बेनी प्रसाद को भी समझाइश दी गई। 

? महेश परिमल


रिटायर होने के बाद भी इन्साफ के लिए लड़ते हैं जस्टिस मार्कंडेय काटजू

       प्रेस काउन्सिल के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने 1993 के मुंबई धमाकों के आभियुक्त संजय दत्त और जेबुन्निसा की सजा को माफ करवाने के लिए राष्ट्रपति और महाराष्ट्र के राज्यपाल से अपील करने का फैसला कर लिया है। आज जब उनको बताया गया कि संजय दत्त ने कहा है कि वे कोई माफी नहीं मांगने जा रहे हैं और वे निर्धारित समय पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार समर्पण कर देगें और देश की सबसे बड़ी अदालत ने उन्हें जो सजा दी है उसे भुगत कर ही बाहर आयेगें ,तो जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा कि उनकी योजना पर संजय दत्त के इस बयान से कोई फर्क नहीं पडेगा क्योंकि वे संजय दत्त के प्रतिनिधि के रूप में नहीं जा रहे हैं। वे अपनी तरफ से सजा को माफ करवाने के लिए अपील करेगें।

 

? शेष नारायण सिंह


सबके लिए स्वास्थ्य

बजट के साथ-साथ राजनैतिक इच्छाशक्ति भी जरूरी

        भारत ने अपने नागरिकों के स्वास्थ्य के सन्दर्भ में मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स (एम्.डी.जी.) और 11वीं पंचवर्षीय योजना में जो वादे किये थे हर बार की तरह वे भी अधूरे ही रह गये। वादे करने और तोड़ते जाने की यह परम्परा आजादी के बाद से अब तक बदस्तूर जारी है।इसी क्रम में पिछले कुछ समय से सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया वादा फिर से उछाला जा रहा है वह है व्यापक स्वास्थ्य सेवा (यूनिवर्सल हेल्थ केयर) का वादा। सवाल यह है कि सन 1946में भोर कमेटी द्वारा सार्वजानिक स्वास्थ्य तक सबकी समान पहुँच हेतु की गयीं अनुशंसाओं से लेकर तमाम अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय मंचों पर किये गए वादों को पूरा नहीं करने की जवाबदेही किसकी तय हो?

? राहुल शर्मा


शिक्षा का अधिकार अधिनियम

निजी स्कूलों के लिए बाध्यकारी हो।

       यूपीए सरकार के बेहतरीन कार्यों में से एक है शिक्षा का अधिकार अधिनियम। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लागू होने के साथ ही देश में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए निशुल्क और अनिवार्य मौलिक अधिकार बन चुका है। चूॅकि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है अत: इसे लागू करने में राज्यों की भूमिका महत्तवपूर्ण है, सभी राज्यों को इसे अमल में लाने की मियाद भी 31 मार्च 2013 को समाप्त हो गई है। लेकिन इसे पूर्णत: लागू करने की स्थिति कहीं से नजर नहीं आ रही है।    

? डॉ. सुनील शर्मा


...ताकि बच्चे आत्महत्या न करें

        हाल ही में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एक विद्यार्थी ने रेल से कटकर आत्महत्या कर ली। बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले प्रकाश परमार के दो परचे बिगड़ गए थे। हताशा में प्रकाश ने अपने जीवन का अन्त कर दिया। उसने सुसाइड नोट में लिखा 'मेरे घर वाले मुझे आई.पी.एस. बनाना चाहते हैं। लेकिन मेरे दो पेपर खराब हो गए हैं। मैं उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। अब मैं जीकर क्या करूंगा ?' महर्षि विद्या मंदिर जैसे प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान में पढ़ने वाले विद्यार्थी ने ऐसा क़दम उठाकर एक बार फिर तमाम शिक्षा संस्थानों, माता-पिताओं और समाज के दायित्वों पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

? डॉ. गीता गुप्त


  8 अप्रेल-2013

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