संस्करण: 07  नवम्बर- 2011

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT


किरण बेदी के लिए 10 सवाल ?

       रण थापर ने किरण बेदी को अपने टी.वी. शो में इंटरव्यू के लिये आमंत्रित किया था, सहमति देने के बावजूद जब वे शो में नही आई तो करण थापर ने दिनांक 04 अगस्त 2007 को हिन्दुस्तान टाईम्स में यह लेख लिखा।)

              क्या किरण बेदी के साथ अन्याय हुआ ? यह वह प्रश्न है जिस पर आज शाम किरण बेदी के साथ इंटरव्यू में विस्तार से चर्चा होने के लिये मै आशान्वित था। ओह, मेरा निमंत्रण स्वीकार करने और पुन: पुष्टि करने के बावजूद बगैर कोई तर्कसंगत कारण बताये, वे कार्यक्रम में नही आई।

  ? करण थापर


ईमानदार अन्ना की स्वार्थी टीम

        क वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जिसे प्रशासनिक कार्यों की बारीकियों को पूर्ण ज्ञान है। एक वरिष्ठ पुलिस अफसर जिसे कानूनी पेचेदगियों को समझने में महारथ हासिल है। एक सुप्रीम कोर्ट का वकील जो संविधान और भारतीय दंड संहिता की तमाम धाराएं,इनमें किसी को फंसाने और उसमें से निकालने में महारथ हासिल है और एक पूर्व मंत्री जिसे राजनीतिक हथकंडों और उनकी काट का गहन अनुभव है। यदि इस समूह में एक ऐसा पत्रकार मिल जाए जो हर घटना को रोचक बनाने की कला में महारथ हासिल हो तो वह टीम कैसी होगी इसकी सहज ही कल्पना की जा सकती है।

? विवेकानंद


मोदी का जादू चल गया ?

      र मुड़ाते ही ओले पड़े यह कहावत सूबा गुजरात के यशस्वी कहे जानेवाले मुख्यमंत्री जनाब नरेन्द्र मोदी पर सटीक लागू पड़ती दिख रही है।  अभी ज्यादा दिन नहीं बीता जब गुजरात 2002 के जनसंहार की पृष्ठभूमि में सामने आए गुलबर्ग सोसायटी के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे नीचली अदालत में ले जाने के फैसले को अपने लिए 'क्लीन चिट' घोषित कर जनाब मोदी ने नया पन्ना पलटना चाहा था। सरकारी खर्चे से तीन दिनी भव्य 'सद्भावना उपवास' कर 2002 के दंगों से विवादास्पद बनी अपनी छवि को अधिक स्वीकार्य बनाने की कोशिश की थी।

? सुभाष गाताड़े


अडवाणीजी की हवाई यात्रा

          डवाणी की इस रथयात्रा को हवाई यात्रा कहा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि लोकप्रियता को राजनीतिक औजार बनाने में कुशल भाजपा परिवार में कभी अडवाणीजी की पदयात्रा का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया था, किंतु इसकी व्यवहारिकता पर सन्देह के कारण प्रमोद महाजन ने उसे वाहन यात्रा में बदलने का सुझाव दिया था। यह प्रस्ताव  अनुकूल होने के कारण तुरंत स्वीकार कर लिया गया था। नामकरण के मामले में सीधे मुगल काल से पीछे जाकर शब्द तलाशने वाली इस पार्टी ने उस वाहन यात्रा को पुरातन व हिन्दुत्ववादी रूप प्रदान करने के लिए रथ यात्रा का नाम दिया था।

? वीरेन्द्र जैन


बदहाली का जश्न

          ब रोम जल रहा था, तब नीरों बंसी बजा रहा था। मध्यप्रदेश में भी यही हो रहा है। शिवराज सरकार ने प्रदेश को गर्त में डाल दिया है और दिखावटी आयोजनों पर धन फूंका जा रहा है। ताज़ा मामला मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर आयोजित भव्य समारोह का है। इस आयोजन में 35 लाख रुपयों के 'मानदेय' पर पार्श्व गायिका आशा भोंसले और दस लाख के पारिश्रमिक पर हेमा मालिनी को बुलाया गया। इसके साथ ही लोक कलाकारों के अस्सी सदस्यीय दल को भी आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी के साथ-साथ लेज़र शो भी किया गया।

 ? महेश बाग़ी


क्या किरण बेदी जी का

दामन साफ हैं ?

           किरण बेदीजी यदि हवाई टिकिट में उन्हें मिली रियायत का पैसा पहले तो रख ले और बाद में उसे लौटाने की बात कहे तो क्या इससे वे उनपर लगे अनियमित कार्य करने के आरोप से बरी मानी जा सकती है ? यह सवाल आज पूरे देश के सामने खड़ा है। किरणजी की अंतरात्मा में इस बात की कहीं न कहीं चुभन जरूर महसूस होती होंगी कि वे विवादग्रस्त लोगों की सूची में शामिल हो गईं। हालांकि वे मानती हैं कि हवाई टिकिट रियायत के पैसे अपने पास रखकर उन्होंने कोई धोखाधाड़ी और फरेब नहीं किया है।

? राजेन्द्र जोशी


एक समय कश्मीर को पाकिस्तान में शामिल करवाना चाहते थे सरदार पटेल!

       राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ परिवार प्राय: जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल की तुलना करता है और इस बात का दावा करता है कि यदि पटेल देश के प्रथम प्रधानमंत्री होते तो देश की तस्वीर कुछ और ही होती। संघ परिवार के इस मूल्यांकन को एक बार पुन: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर उन्हें अपने श्रध्दासुमन अर्पित करते हुए व्यक्त किया। चौहान ने सरदार पटेल के योगदान को स्मरण करत हुए यह भी कहा कि यद्यपि कांग्रेस का बहुमत पटेल के साथ था फिर भी उन्हें न तो प्रधानमंत्री बनाया गया और न ही कांग्रेस अध्यक्ष।

? एल.एस.हरदेनिया


सरकार की निष्क्रियता से लुटती बेटीयां

    किसी महान दार्शनिक ने कहा है कि ''नारी जाति स्नेह और सौजन्य की देवी है वह नर पशु को मनुष्य बनाती है, वाणी से जीवन बनाती है, वाणी से जीवन को अमृतमय बनाती है, उसके नेत्र में आनंद का दर्शन होता है वह सतृंप्त ह्नदय की शीतल छाया है, उसके हास्य में निराशा मिटाने की अपूर्व शक्ति है''। क्या इस वाक्यांश के अनुरूप देश में आजादी के छ: दशक बाद भी महिलाओं को समाज की मुख्य धारा में जोडने की सार्थक पहल हो पाई है ? नही।

? जगदीश खातरकर


विकास और पर्यावरण में बने सही अंर्तसंबंध

     देशभर में इन दिनों पर्यावरण और विकास के मामले में भ्रमपूर्ण स्थिति बनती जा रही है। देश का अधिकांश कार्पोरेट जगत और नौकरशाह मानते है कि पर्यावरण का मुद्दा देश के आर्थिक विकास की राह में अड़चन बन रहा है।जबकि अनेक पर्यावरणविद् और एनजीओ सहित पर्यावरण में तनिक भी रूचि रखने वाले लोगों की सोच है कि देश के विकास की वर्तमान शैली पर्यावरण का विनाश करने वाली है। पर्यावरण प्रदूषण और विकास के सहसम्बंधन को कोयले के जरिए आसानी से समझा जा सकता है।

? डॉ. सुनील शर्मा


कर चोरी के सुरक्षा कवच से बाहर आता कालाधन

    खिकार काले धन के चोरों पर कार्रवाही शुरू होती दिखाई देने लगी है। देश की जनता के लिए यह खुशी की खबर है क्योंकि काले चोरों ने घूसखोरी और कर चोरी के सुरक्षा कवच के चलते ही तो जनता की खून पसीने की कमाई को चूना लगाकर देश से बाहर भेजा है। आयकर विभाग जिनेवा में एसएसबीसी बैंक के 782 खातों की जांच कर रहा है। भारतीयों के इन खातों में तीन हजार करोड़ से ज्यादा धन जमा होने की आशंका है। इस बैंक के खाता धारियों में तीन सांसद और एक मुंबई का बड़ा उद्योगपति शामिल हैं।

? प्रमोद भार्गव


अब सरकार की योजना भरेगी :

निसन्तान महिलाकर्मियों की गोद

     मूचे विश्व के पारस्परिक समाजों में सन्तानहीनता एक यंत्रणादायी अभिशाप है। यह अभिशाप कभी-कभी तो स्त्री के पूरे जीवन को नर्क बना देता है। नि:संतान स्त्री को परिवार और समाज में जिस पीड़ा के दौर से गुज़रना पड़ता है,वह मातृत्व से वंचित किसी भी महिला से पूछा जा सकता है। संयोग से चिकित्साविज्ञानियों ने शोध करके ऐसी युक्तियां निकालीं गई जिनकी बदौलत स्त्रियों को इस अभिशाप से मुक्ति दिलायी जा सके। पिछले कुछ दशकों में टेस्ट टयूब के माध्यम से कई स्त्रियां मातृत्व का गौरव प्राप्त कर इस त्रासद अभिशाप से मुक्त हो चुकी हैं।

? डॉ. गीता गुप्त


  07  नवम्बर-2011

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved