संस्करण: 6 अक्टूबर- 2014

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मैडिसन पर मोदी के मुरीद

     क्या मैडिसन स्क्वेयर गार्डन पर जनाब मोदी के स्वागत समारोह को मुमकिन बनाने के लिए कुछ विवादास्पद किस्म के लोगों की सहायता ली गयी थी। अगर समूचे आयोजन के पीछे की हकीकत को बयां करती बिजनेस स्टेण्डर्ड की (27 सितम्बर 2014 http://wap.business-standard.com/article/current-affairs/it-wasn-t-a-cakewalk-for-madison-event-organisers-114092700850_1.html)  रिपोर्ट पलटें तो इसी बात के संकेत मिलते हैं।

? सुभाष गाताड़े


मोदी अमेरिकी दौरे पर थे या चुनावी दौरे पर

        प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे को किस तरह देखा जाए? उस तरह जैसा की मीडिया ने दिन-रात मेहनत करके दिखाया या उस तरह जैसे कोई पिकनिक मनाने जाता है वहां कुछ लोगों से मिलजुल कर बात करके चला आता है। या फिर इस तरह से देखें कि ताकत और मौका मिलने के बाद व्यक्ति अपने आप को सर्वशक्तिमान की तरह प्रदर्शित करने के लिए हर संभव कोशिश करता है। ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि मोदी के अमेरिकी दौरे में ऐसा विलक्षण कुछ भी नहीं हुआ जो चौंकाता हो,कि मोदी जी अमेरिका में यह बड़ी उपलब्धि हासिल करके आए हैं। 

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विवेकानंद


सामाजिक आदर्श और हमारा लोकतंत्र

     हाल ही के लोकसभा चुनावों में एक करोड़ इक्यासी लाख वोट लेकर तामिलनाडु में अपनी पार्टी को 95 प्रतिशत सीटें जिताने वाली सुश्री जय ललिता को आय से अधिक सम्पत्ति रखने के आरोप में जेल जाना पड़ा, और वे ऐसी पहली मुख्यमंत्री नहीं है जिन्हें अदालत के फैसले के बाद पद त्यागने को विवश होना पड़ा हो। पिछले दिनों ऐसी अनेक घटनाएं हुयी हैं कि ऐसे सैकड़ों लोग संसद और विधानसभाओं में जनप्रतिनिधि बन कर पहुँचे हैं जिन्हें गैरकानूनी कामों के लिए जिम्मेवार माना गया है, और सैकड़ों ऐसे भी हैं जिन पर वर्षों से प्रकरण लम्बित हैं।

 ? वीरेन्द्र जैन


क्या हिन्दू धर्म का चेहरा बदल रहा है?

      जाने माने विधिवेत्ता फाली एस नरीमन ने हाल में एक बहुत महत्वपूर्ण बात कही। वर्तमान राजनैतिक स्थिति के संदर्भ में उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म, पारंपरिक रूप से, अन्य सभी भारतीय धर्मों से तुलनात्मक रूप में सबसे अधिक सहिष्णु रहा है परंतु हाल में कट्टरवादियों द्वारा फैलाये जा रहे धार्मिक तनाव और घृणा फैलाने वाले भाषणों से ऐसा लगता है कि...हिंदू धर्म अपना सौम्य चेहरा बदल रहा है...

? राम पुनियानी


मनुवादी तंत्र में क्यों ढूंढ़े दलित गणतंत्र

           बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पिछले दिनों मधुबनी के एक मंदिर में पूजा करने के बाद मंदिर को धुलवाने के बाद इस बात पर बहस हो रही है कि मुख्यमंत्री छुआछूत के शिकार हो गए। वहीं यूपी में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्या के यह कहने कि शादियों में गौरी गणेश की पूजा नहीं करनी चाहिए, के बाद पार्टी सुप्रीमो मायावती ने मौर्या की निजी राय कहते हुए पल्ला झाड़ लिया। पर यह सवाल न यहां से शुरु होता है और न खत्म। भारतीय समाज में लगातार इन सवालों पर बहसें ही नहीं बल्कि आंदोलन भी हुए।

  ?  राजीव यादव


लोकतंत्र के लिए चुनौती भरे दिन

         मझौता एक्सप्रेस, मालेगांव और मक्का मस्जिद में हुए आतंकवादी हमले की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ​सिंह ठाकुर के साथ, लगभग पांच साल पहले किसी गोपनीय वैठक में अपनी तस्वीर के सार्वजनिक हो जाने से चर्चा में रह चुके राजनाथ सिंह एक बार फिर गलत कारणों से चर्चा मे हैं। बेशक इस बार देश के गृहमंत्री के बतौर, जिन्हें पिछले दिनों तिरुअनन्तपुरम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता संतोष ने सार्वजनिक तौर पर पगड़ी पहनाई।

? गुफरान सिद्दीकी


मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थल जो बच्चों के शोषण स्थल भी हैं

      जिस दिन पूरा देश पर्यटन दिवस मना रहा था, उस दिन भोपाल में एक विशेष रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट का शीर्षक था पर्यटन में बच्चों का शोषण। यह रिपोर्ट मध्यप्रदेश के दो प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में किये गये सर्वेक्षण पर आधारित है। पहला खजुराहो, जो हमारे देश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और जहां शायद ताजमहल के बाद सबसे बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। दूसरा है उज्जैन, जो देश के महान तीर्थस्थलों में से एक है। उज्जैन एक ऐसा स्थान है जहां पर आम हिंदुओं के साथ-साथ अनेक प्रमुख हस्तियां जिनमें राजनेता, न्यायाधीश, वकील, अभिनेता और अभिनेत्रियां शामिल हैं, आते हैं।

? एल.एस.हरदेनिया


सौदेबाजी की राजनीति में माहिर आठवले

     हाराष्ट्र में पन्द्रह अक्टूबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव में पहली बार पांच बड़े दल स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा और शिव सेना का गठबंधन जहां सीट बंटवारे के सवाल पर हाल ही में टूट चुका है, वहीं कांग्रेस और एनसीपी का गठबंधन भी इसी विवाद की भेंट चढ़ गया। इस बार चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम भी मुस्लिम बहुल इलाकों में जहां अपने प्रत्याशी उतार चुकी है, वहीं उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रही है।

? हरे राम मिश्र


कैसे होगा भारत स्वच्छ ?

        मारा भारत देश महान है। विदेशियों (पश्चिमी देश वाले) का कहना है कि भारत सपेरों, नटों और ठगों (भिखारियों से  लेकर टैक्सी व आटो ड्रायवर और होटलों के दलालों तक) का देश है। (अब मोदी जी बनायेंगे आधुनिक भारत।) चूँकि यह अत्यंत प्राचीन देश है, इसकी संस्कृति भी अति प्राचीन है (उपरोक्त सभी विशेषज्ञताएँ, धर्म, दर्शन, कर्मकांड, पाखंड, अंधविश्वास इत्यादि को मिलाकर) इसलिए भी भारत महान है।   

? शैलेन्द्र चैहान


संवैधानिक पदों की गरिमा की अनदेखी

      भारत में यह परम्परा बन गई केन्द्र में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राज्यों में संवैधानिक दायित्वों का निर्वाह कर रहे राज्यपालों को पद से त्याग पत्र देने कहा जाता है, कहना नहीं मानने पर बडे राज्यों से छोटे राज्यों में स्थानांतरित कर दिया जाता है तथा पद से पृथक भी कर दिया जाता है। केन्द्र में सत्ता परिवर्तन होते ही नरेन्द्र मोदी सरकार के सौ दिन पूर्ण होने तक देश के आठ राज्यपालों को पद से त्यागपत्र देने मजबूत किया गया।

? विजय कुमार जैन


कागजी तैयारी से गंगा की सफाई मुमकिन नहीं

        गंगा नदी को प्रदुषण मुक्त करने के मौजूदा सरकार के रोडमैप पर उच्चतम न्यायालय की कड़ी टिप्पणी कि सरकार की मौजूदा रणनीति से गंगा 200 साल में भी प्रदुषण मुक्त नहीं हो पाएगी रेखांकित करता है कि गंगा सफाई को लेकर केंद्र सरकार की कार्ययोजना सिर्फ कागजी भर है। शीर्ष न्यायालय ने सरकार को ताकीद किया है कि वह आम आदमी की भाषा में समझाए कि परियोजना पर कैसे काम किया जाएगा। साथ ही निर्देष भी दिया है कि वह 2500 किमी लंबी गंगा नदी की सफाई की चरणबद्ध योजना को तीन सप्ताह के भीतर पेश करे।                    

? अरविंद जयतिलक


पोंजी योजनाओं से कैसे लुटता है- आम आदमी ?

      पोंजी योजनाओं से लूट का पहला केस मास्टर धनराज और उनके साथियों का है। धनराज पेशे से प्राइमरी स्कूल में शिक्षक हैं बैंक और पोस्ट आफिस जमा योजनाओं के विषय में जानते हैं मगर शेयर बाजार से अनजान हैं। फिर भी शेयर बाजार में निवेश करने के इच्छुक रहते हैं क्योंकि उन्होंने सुना है कि शेयर बाजार में बैंकों के मुकाबले रूपया तेजी से बढ़ता है। एक दिन उनके साथी शिक्षक एक व्यक्ति को लेकर आते हैं जिसका परिचय इन्वेस्टमेंट कंपनी के सेल्स आफीसर के तौर पर कराया जाता है और वो सज्जन...

? डा. सुनील शर्मा


10 अक्तूबर : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष

मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी हो ठोस पहल

        मानसिक स्वास्थ्य की समस्या आज समूचे विश्व में व्याप्त है। विकसित राष्ट्रों में इस समस्या के निदान हेतु निरंतर शोध एवं अनुसंधान हो रहे हैं जबकि विकासशील देशों में धनाभाव और सरकारों की उदासीनता के कारण मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में कोई उल्लेखनीय कदम नहीं उठाये गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनेस्को और मानसिक स्वास्थ्य विश्व फेडरेशन जैसे कुछ अन्तरराष्ट्रीय संगठन निश्चय ही इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।                   

? डॉ. गीता गुप्त


  06  अक्तूबर- 2014

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