संस्करण: 05  दिसम्बर- 2011

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आइए देखें, आर.एस.एस. ने कैसे किया अन्ना का इस्तेमाल।

       आर.एस.एस. ने अन्ना में एक संभावना देखी और अपने लाभ के लिये जिस तरह उनका इस्तेमाल किया, यह उसी की एक गाथा है।

                 हम कितनी बार विमान में यात्रा के दौरान अनजान लोगों से मिलते है और हमें लगता है कि यह संभवत:एक लंबी दोस्ती की शुरूआत हो सकती है?यही बात यहाँ है कि किस प्रकार योग गुरू बाबा रामदेव और पूर्व पुलिस अधिकारी किरण बेदी 2010के मधय में दोनों एक दूसरे से मिले जब वे एक ही विमान में यात्रा कर रहे थे

  ? ज्ञान वर्मा एवं श्रीलता मेनन


संविधान कानून और अनियंत्रित बयान  

        संसद और विधानसभाओं के लिए चुने जाने के बाद नेता लोग संविधान की शपथ खाते हैं और उसमें विश्वास व्यक्त करते हैं किंतु इन्हीं नेताओं के आचरण बताते हैं कि या तो वे संविधान में भरोसा नहीं करते या उसकी परवाह नहीं करते। खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश की अनुमति देने के बारे में राजनीतिक दलों में मतभेद हो सकते हैं और वे लोकतांत्रिक तरीके से संसद और उसके बाहर अपनी असहमति दिखाने को स्वतंत्र हैं, किंतु एक राजनीतिक दल की एक कद्दावर नेता जो एक प्रदेश की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हों,

? वीरेन्द्र जैन


तो क्या काँग्रेस है बसपा की चुनावी प्रतिद्वन्दी?

      त्तर प्रदेश के आसन्न चुनावी परिदृश्य में सत्तारुढ़ बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा ने कॉग्रेस को अपना मुख्य प्रतिद्वन्दी मान लिया है। उस काँग्रेस को,जो पिछले चुनाव में चौथे स्थान पर रही थी!बीते 27 नवम्बर को लखनऊ में आयोजित संभवत:चुनाव पूर्व की अपनी अंतिम बड़ी रैली को सम्बोधित करते हुए बसपा प्रमुख व प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने सारा फोकस कॉग्रेस पर ही रखा। यह रैली एक तरह से बसपा का चुनावी शंखनाद थी और आश्चर्यजनक यह रहा कि अपने सवा घंटे के भाषण में उन्होंने एक घंटे से अधिक का समय कॉग्रेस,राहुल और सोनिया गाँधी की चर्चा को दिया।

? सुनील अमर


उत्तर प्रदेश में बदल रहा है जाति समीकरण

 विकल्प के रूप में कांग्रेस का उभरना अभी भी बाकी

          त्तर प्रदेश का चुनाव जाति समीकरणों से प्रभावित रहता है और अगले साल का चुनाव भी इन्हीं समीकरणों से प्रभावित होगा,पर इस बार जाति समीकरण बदल गए हैं। पिछले चुनाव में ब्राह्मण और मुस्लिम समीकरण के कारण मायावती सत्ता में आई थीं, लेकिन अब ये दोनों सामाजिक समूह मायावती से दूर जा चुके हैं। सतीश चन्द्र मिश्र ने ब्राह्मणों के मायावती के साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी,लेकिन इस बार वे चुनावी परिदृश्य से गायब दिखाई दे रहे हैं।

? हरिहर स्वरूप


फर्जी मुठभेड़ों के मास्टर माइंड पर कब कानून का शिकंजा कसेगा

         गुजरात के अंदर बीते एक दशक में हुई मठभेड़ों की कहानी का सच एक-एक कर हमारे सामने आता जा रहा है। सोहराबुद्दीन शेख, तुलसीराम प्रजापति, सादिक जमाल और समीर खान के बाद इशरत जहाँ मुठभेड़ का भी राजफाश हो गया है। इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में यह माना है कि इशरत जहाँ और उनके तीन साथियों की मौत फर्जी मुठभेड़ में हुई थी। गुजरात हाई कोर्ट को हाल ही में सौंपी गई रिपोर्ट में एसआईटी का निष्कर्ष है कि इशरत जहाँ और उसके तीन साथियों को गुजरात पुलिस ने जून 2004में अमदाबाद के बाहरी इलाके में मंसूबाबंद तरीके से मारा था।

 ? जाहिद खान


लालच का गतिरोध

जनता जाए भाड़ में, हमारे हित पूरे करो   

           नता को भाड़ में जाने दो पहले वो सुनो जो हम कहना चाहते हैं, यह रवैया शायद न तो हिन्दुस्तान के अलावा किसी और देश के विपक्ष का है और न ही हो सकता है। दूसरी बात यदि आप केंद्र सरकार का विरोध करते हैं तो विपक्ष आपके हर अपराध में आपके साथ खड़ा है, ऐसा विपक्ष भी शायद ही किसी और देश में देखने को मिले। हिन्दुस्तान के विपक्ष में यह दोनों ही खासियतें मौजूद हैं। 

? विवेकानंद


भोपाल में कुछ लोग तीन बजे

सुबह पानी भरने के लिए मजबूर है

       क्या इस बात की कल्पना की जा सकती है कि भोपाल में एक मोहल्ला ऐसा है जहां के निवासियों को तीन बजे सुबह उठकर पानी भरना पड़ता है। यह तथ्य और ऐसे अनेक चौकाने वाले तथ्य भोपाल में आयोजित एक जन सुनवाई के दौरान सुनने को मिले। जनसुनवाई का आयोजन अनेक संस्थाओं ने संयुक्त रूप से किया था। जन सुनवाई में भोपाल की राजधानी की गरीब बस्तियों में रहने वाले अनेक पुरूषों और महिलाओं ने स्वयं उपस्थित होकर अपनी पीड़ा सुनाई। बौध्द विहार निवासी अनुसईया ने बताया कि उनके मुहल्ले में पानी मिलने का समय 3बजे रात्रि है।

? एल.एस.हरदेनिया


शराब छुड़वाने का 'अन्ना नुस्खा' क्रूरता का तालीबानी तरीका

    लोगों में पड़ी शराब की लत छुड़ाने के लिए अन्ना हजारे ने जो तरीका बताया है उसके अनुसार यदि शराबियों के साथ व्यवहार किया जाता है तो ऐसा ही तरीका उन व्यक्तियों और संस्थाओं पर लागू किया जाना चाहिए जो शराब बेचने का काम करते हैं। यदि शराब पीना गुनाह की श्रेणी में आता है तो बेचने वाले को भी गुनहगार माना जाना चाहिए। अपने गांव रालेगन में लोगों में शराब छुड़ाने के लिए जिस तरह के क्रूर नुस्खे का अन्नाजी ने प्रयोग किया है वह अमानवीय तो कहा ही जा सकता है। उनका यह कहना कि रालेगण सिध्दि में शराबियों को खम्भे से बांधकर पीटा करते थे। उन्होंने इस तरीके को सही ठहराते हुए कहा है कि अब गांव में कोई भी शराब नहीं पीता है।

 

? राजेन्द्र जोशी


राहुल गांधी के बयान के मायने

     कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने खुल कर स्वीकार किया है कि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार राजनीतिक व्यवस्था में है। भ्रष्टाचार के खात्में के लिए युवाओं को आगे आना होगा। तभी राजनीतिक प्रणाली की सफ़ाई संभव है। युवक कांग्रेस के दो दिनी सम्मेलन के उद्धाटन अवसर पर राहुल ने ज़ोर देकर कहा कि लोग भ्रष्टाचार की बातें करते हैं, लेकिन राजनीतिक व्यवस्था को बदले बग़ैर भ्रष्टाचार के खिलाफ़ लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती। राहुल गांधी के इस बयान की प्रशंसा कर उन्हें धन्यवाद देना चाहिए। देश में भ्रष्टाचार को लेकर बातें तो खूब होती हैं, लेकिन राजनीतिक बिरादरी में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कोई राजनेता मुंह नहीं खोलता।

? महेश बाग़ी


10 दिसम्बर : विश्व मानवाधिकार दिवस पर विशेष

शिक्षा में शामिल हो :
मानवाधिकारों का ज्ञान

    10 दिसम्बर 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानव अधिकारों की विश्वव्यापी घोषणा की गई और सन् 1950 में महासभा में एक प्रस्ताव पारित कर 10 दिसम्बर को मानव अधिकार दिवस के रूप में मनाने का निश्चय किया गया। मानव अधिकारों की घोषणा का मुख्य उद्देश्य था कि दुनिया के सभी देश,समाज एवं व्यक्ति इन अधिकारों के प्रति जागरूक हों एवं इनका सम्मान करना सीखें। वे न तो दूसरों के मानव अधिकारों का हनन करें न स्वयं हनन का शिकार हों। संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र में स्पष्ट कहा गया कि 'सभी व्यक्ति जन से स्वतंत्र हैं। इन अधिकारों को प्राप्त करने में लोगों के बीच लिंग, नस्ल, वर्ण, भाषा, धर्म, राजनीति, राष्ट्रीय अथवा सामाजिक-किसी भी स्तर पर भेदभाव नहीं किया जाएगा।'

? डॉ. गीता गुप्त


  05  दिसम्बर-2011

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