संस्करण: 31 दिसम्बर -2012

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मोदी की माफी से उठते सवाल

       2002 में गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस की बोगी नम्बर छह में लगी आग और फिर उसके बाद पूरे गुजरात में मुसलमानों के खिलाफ हुए नरसंहार को न रोकने या उसे प्रोत्साहित करने के लिए नरेन्द्र मोदी की बदनामी पूरे विश्व में है। पर मोदी के समर्थक यह भी कहते हैं कि उसके बाद गुजरात में ऐसी कोई पुनरावृत्ति नहीं हुयी व बाद के दो आम चुनाव हिंसा रहित हुये। इस बीच दल और बाहर दोनों जगह से पड़े दबाओं के बाद भी मोदी ने 2002 में राजधर्म का पालन न कर पाने पर किसी से कोई क्षमा नहीं माँगी।

?  वीरेन्द्र जैन


ग्रामीण गुजरात ने मोदी को क्यों नकारा ?

        भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश में पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र ने कहा है कि गुजरात में मुसलमानों ने नरेंद्र मोदी को इसलिए वोट दिया, क्योंकि इसके पीछे उनका डर था। यह कोई बड़ा खुलासा नहीं है, लेकिन अच्छा लगा कि विकास के लालच की चासनी में लपेटकर ही सही, भाजपा के किसी नेता यह स्वीकार तो किया कि मोदी ने पूरे गुजरात के मुसलमानों में दहशत फैला रखी है। जिस जगह पर 100 लोग लठ लिए खड़े होंगे वहां 20 लोगों की क्या बिसात कि वे उनका मुकाबला करें।

? विवेकानंद


गुजरात चुनाव के मायने....

गुजराती मुसलमानों को, मोदी ने बनाया अपना ब्रांड एम्बस्डर

      भोपाल। 2012 के गुजरात चुनाव परिणाम के मायने हैं - नरेन्द्र मोदी द्वारा लगातार तीसरी बार दबंगई से डंके की चोट पर गुजरात में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण कर,नरेन्द्र मोदी ध्वज फहराना। इस ध्वज ने पहला संदेश दिया है राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व हिन्दुत्व की दुहाई देने वाले उन सभी संगठनों के जो दिवास्वप्न देख रहे हैं - भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने का। संदेश स्पष्ट है ''वीर भोग्या वसुंधरा'' वीर हैं नरेन्द्र मोदी। तो आओ सब नरेन्द्र मोदी के झण्डे तले।  सफलता मोदी के सिद्वान्त, मोदी की परिकल्पना, उनका एजेंडा, उनके राजनैतिक आचरण में समाहित है।

? मोहम्मद यूनुस


हिन्दुत्व पार्टी का बिखरता शिराज़ा

         से मंज़रों की बहुत कम कल्पना की जाती है। आप खुद राज्य की पार्टी के अध्यक्ष हों और एक अहम ओहदा सरकार में भी सम्भाले हों और सूबे के लोकायुक्त की पुलिस आप के घरों, बिजनेस प्रतिष्ठानों पर या आप के बेहद करीबियों के घर छापा मारे और सम्पत्ति बरामद करे।  अपनी किशोरावस्था से संघ की शाखा में 'चरित्र निर्माण' का प्रशिक्षण हासिल किए स्वयंसेवक जनाब ईश्वरप्पा ने - जो फिलवक्त कर्नाटक की पार्टी की कमान भी सम्भालें हैं और जगदीश शेट्टार के मंत्रिमंडल में रेवेन्यू का महकमा भी देख रहे हैं, ने इस कमी को भी पूरा किया है।

? सुभाष गाताड़े


नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्री पद पर देखने की कामना करना

शेख चिल्ली के सपने जैसा है।

       समें दो राय नहीं कि गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अकेले अपने दम पर एक बार फिर से गुजरात सरकार की कुर्सी पर अपना अधिकार बरकरार रखने में एक बड़ी कामयाबी हासिल कर ली। इसका मतलब कतिपय क्षेत्रों में यह लगाया जा रहा है कि श्री मोदी ने अपनी इस उपलब्धि के आधार पर केंद्र की सत्ता पर काबिज होने का अधिकार प्राप्त कर लिया है। यह सोच श्री मोदी के प्रशंसकों का हो सकता है किंतु एन.डी.ए.के घटक दलों के दिग्गज नेताओं और भाजपा के श्रेष्टि वर्ग का भी यही सोच हो, जरूरी नहीं है।

 ?   राजेन्द्र जोशी


मध्यप्रदेश में महिला हिंसा

                  न्दौर, उज्जैन, भोपाल, छिन्दवाडा, सागर, जबलपुर, रीवा,सतना, छतरपुर, टीकमगढ, सागर, दमोह, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, ग्वालियर, भिण्ड, मुरैना, कटनी, सीधी, विदिशा, धार, झाबुआ, बडवानी, बैतूल, हरदा, होशगांबाद, मण्डला, डिण्डोरी, खण्डवा, बुरहानपुर, मुलताई, खुजनेर, लिम्बोदा । ये सभी मध्यप्रदेश के गॉव,नगर,महानगर हैं जहॉ महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ रही हैं। महिलाओं के शोषण उत्पीडन, दुष्कृत्य,हत्या के मामले बडे बडे शहरों से लेकर छोटे से गॉव हर तक हर कहीं, हर कभी हो रहे हैं। 

? अमिताभ पाण्डेय


अनियंत्रित आक्रोश अराजकता का प्रतीक है

      दिल्ली जहां महिलाओं के विरूध्द किये जाने वाले अपराधों की राजधानी बन गया है वहीं वह आक्रोश प्रगट करने वाले प्रदर्शनों की राजधानी भी बन गया है। इसमें कोई संदेह नहीं कि दिल्ली में चलती बस में जिस क्रूर ढंग से एक 23 वर्षीय युवती के साथ जघन्य यौन शोषण किया गया और उसके बाद उसे और उसके पुरूष साथी को चलती बस से फेंक दिया। अपराधिायों की अपेक्षा होगी दोनों दम तोड़ देंगे, परन्तु ऐसा नहीं हुआ और दोनों बच गये। यदि वे नहीं बचते तो शायद अपराधी कौन है यह पता नहीं लगता।

? एल.एस.हरदेनिया


इस पौरूषीय वातावरण में

खाप पंचायत

      बीत रहे साल में जो मुद्दे छाये रहे उनमें खाप पंचायतों की अत्यधिक सक्रियता, उनकी भूमिका तथा उनके स्त्री विरोधी फरमानों, प्यार, शादी, जाति, गोत्र तथा सम्पत्ति में बेटियों के हक आदि को लेकर उनके विचार सूर्खियों में रहे। वहीं भारतीय संस्कृति में तथा समाज में पुरानी परम्परा के रूप मे, गांवों में एकता आदि के रूप में भी लोगों ने इनकी भूमिका को देखा है।

? अंजलि सिन्हा


बलात्कार की घटनाओं के लिये कौन जिम्मेदार?

        हाल ही में दिल्ली में एक पैरा मेडिकल छात्रा के साथ रात लगभग 9 बजे चलती बस में कुछ लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया। छात्रा मरणासन्न अवस्था  में अस्पताल में मृत्यु से संघर्ष कर रही है। इस घटना ने कई प्रश्न खड़े कर दिये हैं।क्या देश की राजधानी में कानून व्यवस्था इतनी कमजोर हो गई है कि बलात्कारियों के हौसले इस सीमा तक बुलंद हो चुके हैं। जब राजधानी में जहां लगभग हर जगह पुलिस की चौकसी मौजूद है, इस प्रकार की घटनायें हो रही हैं तो देश के अन्य  शहरों तथा छोटे छोटे गांवों में जहां पुलिस तक पहुंच पाना तथा एफआईआर कराना ही दुष्कर कार्य है, वहां क्या स्थिति होगी।

? मोकर्रम खान


प्लास्टिक थैलियों पर रोक नहीं नियमन की जरुरत

       देश की राजधानी दिल्ली समेत आधा दर्जन से अधिक राज्यों ने अपने यहाँ प्लास्टिक थैलियों के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाते हुए इसे दंडनीय घोषित कर दिया है। कुछ खास तरह के उत्पादों जैसे तम्बाकू व गुटखों आदि की प्लास्टिक पैकिंग पर सर्वोच्च न्यायालय ने पूरे देश में रोक लगा रखी है। अनुमान है कि देश के अन्य राज्य भी जल्द ही प्लास्टिक थैलियों के उपयोग पर रोक लगायेगें। हमारे दैनिक जीवन में किस तरह से प्लास्टिक थैलियों का प्रयोग मौजूद है, यह इसी से जाना जा सकता है कि बीते तीन-चार दशक में यह लगभग 400 गुना तक बढ़ गया है। बढ़ती आबादी और मुक्त बाजार व्यवस्था की बड़ी भूमिका इसमें है। प्लास्टिक।    

? सुनील अमर


पोषक आहार में भी कीटनाशकों का जहर ?

        मारा देश बाल कुपोषण की समस्या से जूझ रहा है,बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए  बिस्किट,दूध-दलिया सहित फल और हरी सब्जियों से तैयार अनेक प्रकार का रेडी टू ईट पोषक खाद्य पदार्थ निशुल्क वितरित कराया जा रहा हैं। अक्सर इस पोषक आहार के दूषित होने की खबरें भी हमें मिलती रहती है।लेकिन यह आहार दुषित के साथ साथ कितना प्रदूषित है? शायद इस बात का हमें अहसास  नहीं अहै। सामान्यत: फल,सब्जियां मॉस और मछली आदि को स्वास्थ्य वर्धाक आहार माना जाता है जिसे हम अपने बच्चों से खाने का लगातार आग्रह करते है।

? डॉ. सुनील शर्मा


.....ताकि फिर कोई जेसिन्था न मरे !

       पिछले दिनों आस्ट्रेलिया में सिडनी के रेडियो स्टेशन टुडे एफ.एम. के दो रेडियो जॉकी ने श्रोताओं के मनोरंजन के उद्देश्य अथवा मज़ाक के इरादे से जो ग़ैरजिम्मेदाराना हरक़त की,उसने एक निर्दोष महिला की जान ले ली। इस हृदयविदारक घटना ने मीडिया की भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगा दिये हैं। यह सर्वविदित है कि ब्रिटेन की राजवधू गर्भवर्ती केट मिडलटन लन्दन के प्रसिध्द एडवर्ड सप्तम-अस्पताल में भर्ती हैं। रेडियो जॉकी मेल ग्रेग और माइकल क्रिस्टियन ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और प्रिंस चार्ल्स का स्वांग रचा।     

? डॉ. गीता गुप्त


  31 दिसम्बर-2012

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