संस्करण: 31 मई-2010  

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पर भाजश के अनाथों की
देखभाल कौन करेगा !


भारतीय जनशक्ति की संस्थापक और सुप्रीमो रहने के बाद उसे छोड़ देने वाली उमा भारती ने अपने ताजा बयान में कहा है कि एक राजनीतिज्ञ और साधवी का जीवन व्यतीत करते हुये उन्हें काफी समय हो गया है लेकिन>वीरेंद्र जैन


 

न बदली है और न बदलेगी भाजपा

त्तीसगढ़ बनने के लगभग 10 वर्ष बाद भी बस्तर एवं छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के विकास एवं आदिवासी क्षेत्र में शांति के स्थायी हल पर श्री दिग्विजय सिंह द्वारा अपने विचार रखने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने विचलित>महेश बाग़ी
 


 

प्रदेश में धधकता अंडरवर्ल्ड
 

पुरे स्वर्णीम मध्यप्रदेश में अंडरवर्ल्ड आग की तरह धधक रहा हैं। ये अंडरवर्ल्ड अब गांव गांव में इंदोर से होकर पहुच चुका है। प्रदेश के हर सरकारी विभाग में कुछ लोग इस अंडरवर्ल्ड के इशारों पर चल रहें है। ये अंडरवर्ल्ड>डॉ. मृत्युंजय जोशी
 


 

प्रकृति और संस्कृति के खजाने
बस्तर को बस्तर ही रहने दो
इसे बद् से बद्तर मत बनाओ !

 दिम संस्कृति का एक समृध्द गढ़ है बस्तर। सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं प्राकृतिक सौंदर्य से धनी यह क्षेत्र सदैव ही पर्यटकों को लुभाता चला आ रहा है। यहां के लोक जीवन की अपनी एक अलग पहचान>राजेंद्र जोशी


कहां फरार हैं 'महामहिम' ब्रह्मेश्वर सिंह ?
बथानी टोला जनसंहार के बहाने न्याय के माखौल पर एक नज़र


    क्सर कभी कभी ऐसा समय आता है जब दलित अत्याचार और उससे निपटने में राज्य के विभिन्न अंगों एवं नागरिक समाज का व्यवहार अचानक सूर्खियों में आता है।>सुभाष गाताड़े


 

दहेज का नासूर और
कानून का दुरूपयोग


हा जाता है कि मर्ज बढ़ता ही गया ज्यों ज्यों दवा की। दहेज की समस्या और उसके समाधान की चली कोशिशें दोनों के देखें तो यह मुहावरा ठीक जान पड़ता है। मालूम हो कि दहेज की समस्या एक पुराना मुद्दा है, लेकिन>  अंजलि सिन्हा


 

देश के सर्वाधिक क्षमतावान मुख्यमंत्री के गुजरात में
अनेक क्षेत्रों में हाल बेहाल


भी हाल में किये गए एक सर्वेक्षण के अनुसार गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रशासनिक क्षमता के क्षेत्र में सारे देश में नंबर वन हैं। परंतु हाल में कुछ ऐसे तथ्य उभरकर सामने आए हैं जिनसे सर्वेक्षण के नतीजे>एल.एस.हरदेनिया


 

खतरनाक मोड़ पर
खाप पंचायत


       जाति व्यवस्था की जूनी पोषक पंचायतें इन दिनों चर्चा का विषय हैं, पिछले कुछ समय से खाप पंचायतें सिर्फ दो वजहों से चर्चा में आईं हैं या तो किसी मुददे पर धरना या रास्ता जाम करने के लिए या फिर किसी प्रेमी जोड़े>राखी रघुवंशी


 

सिक्कों को प्रचलन के
बाहर करने की माँग


  देश के अंदर कुछ लोगों द्वारा इन दिनों पचास पैसे के सिक्कों को प्रचलन के बाहर करने की माँग बाकायदा अभियान चलाकर की जा रही है। इस वर्ग का कहना है कि देश की बाजारों में अब इस सिक्के की कोई>सुनील अमर


 

इस भीषण गर्मी से कुछ सीखा हमने?

 र्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। लोग बेमौत मारे जा रहे हैं। बड़े-बूढ़े क़हते हैं कि अपने पूरे जीवन में उन्होंने इतनी गर्मी नहीं देखी। गर्मी है कि लगातार बढ़ती ही जा रही है। कम होने का नाम ही नहीं लेती। एसी, कूलर>डॉ.महेश परिमल


 

बेअसर होते फतवे

 हिंदुस्तानी मीडिया में एक बार फिर फतवे चर्चा में हैं। मजहबी फतवों को लेकर प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया दोनों ही मीडियमों में बहस-मुवाहिसे जारी हैं। गोयाकि जब-तब आने वाले इन फतवों पर कई मुख्तलिफ रायें>जाहिद खान


 

विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून पर विशेष
शाकाहार से पर्यावरण की रक्षा


ज्ञानिक अल्बर्ट आइंसटीन ने कहा था कि इस धरती पर जीवन बनाए रखनें में कोई भी चीज मनुष्य को उतना फायदा नहीं पहुचाएगी जितना कि शाकाहार का विकास। लेकिन आज दुनिया का अस्तित्व ही संकट में>डॉ. सुनील शर्मा


31 मई-2010

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