संस्करण: 30 सितम्बर-2013

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नरेन्द्र मोदी का रिपोर्ट कार्ड

       ब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का ताज पहनाया जा चुका है। अब यह भारतीय मतदाताओं के समक्ष एक बड़ा फैसला लेने का समय है। मैं प्रतिदिन ऐसे असंख्य लोगों के संपर्क मे आता हूॅ जो गुजरात में तथाकथित विकास के लिए मोदी का समर्थन करते हैं लेकिन जब मैं उन्हे बौध्दिक तर्क देकर उनके भ्रम को दूर कर देता हूॅ तो मैं महसूस करता हूॅ कि उनकी विचारधारा मे बदलाव होता है। किन्तु जैसा कि एक प्रसिध्द कहावत हैं कि ''एक अज्ञानी व्यक्ति को आप तर्कों से कभी पराजित नही कर सकते, इसलिये लोग आपके तर्कों को कभी स्वीकार नही करेंगे।    

? बिशाल पॉल


यह समर्थन नहीं चापलूसी है

        न दिनों कुछ बड़े चेहरे यूपीए विरोधी अभियान में लगे हुए हैं। इसमें खासतौर से उनके निशाने पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी,राहुल गांधी और पूरा नेहरू परिवार है। लोकतंत्र में यद्यपि अपनी भावनाएं प्रकट करना और अपना समर्थन देना नितांत व्यक्तिगत मामला है,इसलिए इन पर उंगली तो नहीं उठाई जा सकती,लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी इन लोगों पर लगे आरोपों को खारिज करके इन्हें सुरक्षा कवच उपलब्ध करा रही है। इन लोगों में बाबा रामदेव, जनरल वीके सिंह, आसाराम मौजूदा किरदार हैं और इससे पहले उन लोगों को तब तक बचाने का प्रयास किया जब तक यह तय नहीं हो गया कि अब कानून के शिकंजे से इन्हें बचाना मुश्किल है।

? विवेकानंद


मोदी सेना को धर्मनिरपेक्ष मानते हैं पर

उस आदर्श को स्वयं अपनाते नहीं हैं

        भी हाल में नरेन्द्र मोदी ने अपने एक भाषण में कहा कि सेना धर्मनिरपेक्षता का आदर्श उदाहरण है। उनका यह कथन सौ प्रतिशत सही है। यदि नरेन्द्र मोदी सेना के मॉडल की धर्मनिरपेक्षता अपना लें और उस पर ईमानदारी से पालन करें तो शायद, शासन उनकी स्वीकार्यता बढ़ाने के प्रयासों में एक कदम आगे बढ़ेगा।  

 ? एल.एस.हरदेनिया


भाजपा को सत्ता मिली तो

दशकों तक कीमत चुकानी होगी!

      भारतीय जनता पार्टी का हर एक कार्यकर्ता और राजनेता बार-बार इस बात को नकारता आया है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का भाजपा के राजनैतिक मामलों में किसी प्रकार का हस्तक्षेप रहता है। लेकिन पहले नितिन गडकरी की और अब नरेन्द्र मोदी की ताजपोशी को लेकर जिस प्रकार संघ ने खुलकर भाजपा को निर्देश दिये हैं, उससे ये बात निर्विवाद रूप से साफ हो गयी है कि संघ एक ऐसा संगठन है,जिसके पास किसी भी प्रकार की लोकतान्त्रिक ताकत नहीं है, फिर भी वह भाजपा को संचालित करता रहा है।

? डॉ. मीना 'निरंकुश'


भाजपा तथा सपा के बीच कल्चरल एक्सचेंज

         स समय कुछ ऐसा वातावरण बन रहा है मानों भाजपा तथा सपा के बीच कल्चरल एक्सचेंज हो रहा है। गुजरात दंगों के बाद हिंदू हृदय सम्राट की पदवी से विभूषित भाई नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी घोषित हुये हैं, वे अपनी खूंखार छवि को बदलने के लिये निरंतर प्रयासरत हैं। दंगों के दाग मिटाने के लिये बार बार फेशियल करा रहे हैं किंतु कभी सीबीआई, कभी अदालत, कभी वंजारा उनका सदभावना का फेस पैक हटा देते हैं। फिर भी मोदी हार नहीं मान रहे हैं, अपनी इमेज सुधारने तथा स्वीकार्यता बढ़ाने में लगे हुये हैं।

 ?   मोकर्रम खान


झांकियों का धंधा

किस की दम पर किस के हित में

           प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी देश के बड़े हिस्से में गणेश की झांकियां सजायी गयीं और पितृ पक्ष की समाप्ति के बाद दुर्गा की झांकियां सजायी जाने वाली हैद्य ये झांकियां न केवल एक बड़े व्यवसाय में बदल चुकी हैं अपितु नगरों,कस्बों की नई रिहायश में सामाजिक सम्बन्धों का माधयम भी बन चुकी हैं। नगरों में नवनिर्मित कालोनियां या बहुमंजली रिहायशी इमारतें विभिन्न क्षेत्रों, मान्यताओं, और संस्कृतियों के लोगों से भरी होती हैं व इस तरह के आयोजन उन्हें एक साथ एकत्रित कर के आपस में परिचित होने के अवसर देते हैं।  

? वीरेन्द्र जैन


जेफरी विगेण्ड को जानना क्यों जरूरी है ?

कब साकार होगा टोबॅको मुक्त दुनिया का सपना

      सियासी घटनाओं की आपाधापी में एक अमेरिकी शख्स - जिनका नाम जेफरी विगेण्ड है - उनकी भारत की यात्रा पर अधिक चर्चा नहीं हो सकी। टोबॅको उद्योग में रिसर्चर के तौर पर कभी कार्यरत रहे विगेण्ड दुनिया में टोबॅको उद्योग के खिलाफ अपने ऐतिहासिक संघर्ष के लिए जाने जाते हैं,जिन्हें व्यक्तिगत तौर पर इसकी बहुत कीमत चुकानी पड़ी थी। और यह उनकी कोशिशों का ही नतीजा था कि अमेरिकी टोबॅको उद्योग पर तमाम बन्दिशें लगीं, ऐसे कानून बनें कि टोबॅको कम्पनियों के मालिकानों को राज्यों को कई कई बिलियन डालर मुआवजा देना पड़ा ताकि वह धूम्रपान जनित बीमारियों के मेडिकल खर्चे भरें।

?  सुभाष गाताड़े


मिस अमेरिका नीना दावलुरी पर टिप्पणियों से परेशानी

वे कहें तो संकीर्णता और हम कहें तो देशभक्ति

      भारतीय मूल की नीना दावुलरी के मिस अमेरिका चुने जाने पर सोशल मीडिया पर नस्लवादी किस्म की प्रतिक्रियायें आयी हैं। एक टिव्ट में यह भी कहा गया था 'मिस अमेरिका को अमेरिकी होना चाहिए।' किसी ने 'ओसामा बिन लादेन' तो किसी ने 'अल कायदा' का हवाला दिया है। किसी के मुताबिक अश्वेत मूल के राष्ट्रपति ओबामा को खुश करने के लिए नीना को चुना गया है। हालांकि खुद नीना ने - जो मेडिकल की छात्रा है - इन प्रतिक्रियाओं पर धयान नहीं दिया है और खुद को सबसे पहले अमेरिकी ही बताया है। 

 

? अंजलि सिन्हा


ऐसा तो नहीं था हरदा जिले का मिज़ाज

        ह घटना एकदम चौंकाने वाली लगी जब अमन चैन और भाईचारे के प्रतीक हरदा जिले के खिरकिया-छीपाबड़ कस्बे में कर्फ्यू लगाने की नौबत आ गई। नर्मदा अंचल की माटी की पहचान परस्पर सद्भाव, प्रेम और भाई चारे के लिए मशहूर है। जब ऐसे इलाकों में कर्फ्यू, अश्रुगैस, पथराव, आगजनी जैसी घटनाएं घटना शुरू हो जाय तो इसका यह संकेत जाता है कि राजनीति की भाषा में शांति का टापू उच्चारित किए जाने वाले मध्यप्रदेश में सद्भाव का अभाव होता जा रहा है। इन हालातों को देखकर अब तो लगने लगा है कि समाज में कतिपय विघ्नसंतोषी शक्तियों की नज़र में भाई चारे और एकता की परिभाषा एकदम उल्टे अर्थों में की जाने लगी है।   

? राजेन्द्र जोशी


संदर्भ : म.प्र. सरकार की 'मां तुझे प्रणाम यात्रा' योजना

सरहद पर भ्रमण मात्र से युवाओं में देशभक्ति पैदा नहीं होगी !

       क सवाल से बात शुरू करती हूं। क्या आप मानते हैं कि तीर्थदर्शन करने मात्र से व्यक्ति का मन निर्मल, निष्पाप और ईश्वरोन्मुख हो सकता है ?आपका जवाब होगा-'नहीं।'क्योंकि ऐसा संभव होता तो सरकारें तमाम दुष्कर्मियों/अपराधियों को जेल में डालने की बजाय नि:शुल्क तीर्थयात्रा पर भेज देतीं,ताकि देश अपराध और अपराधियों के कलंक से मुक्त हो सके।     

 

? डॉ. गीता गुप्त


भारत में धर्म निरपेक्षता की रक्षा होना चाहिये

        न् 1947 में हमारा प्यारा देश भारत गुलामी से आजाद हुआ । 26 जनवरी 1950 को लागू हुए भारत के संविधान में धर्म निरपेक्षता को प्रमुखता से स्वीकार किया है। यह भी सर्वविदित है धर्म निरपेक्षता को खण्ड़ित अथवा समाप्त करने के लिये आज तक सुनियोजित प्रयास होते रहे हैं मगर भारत का धार्म निरपेक्ष स्वरूप कायम है तथा आगे भी इसको ऑच नहीं आनी चाहिये।  

? विजय कुमार जैन


कितना कामयाब होगा भारत का मंगल मिशन ?

       अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक और अहम कदम बढ़ाते हुए, हमारे देश के विशेषज्ञों की एक राष्ट्रीय समिति ने मंगल मिशन पर अपनी मुहर लगा दी है। इसके साथ ही हमारा देश, उन छह देशों की अग्रिम कतार में शामिल हो गया है, जिन्होंने इस जोखिम भरी यात्रा के समर्थन का खतरा उठाया। 450 करोड़ रुपए की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी योजना को काफी सोचने-विचारने के बाद हाल ही में हरी झंडी दी गई।    

 

? जाहिद खान


भोजन का अधिकार:

जरूरी है पीडीएस में सुधार

        केन्द्र सरकार द्वारा लागु किया गया भोजन का अधिकार युपीए का सबसे महत्तवपूर्ण एवं जनहितैषी कदम है। इसके दायरे में देश की 75 फीसदी ग्रामीण और 50 फीसदी शहरी जनसंख्या आ जाएगी। इस प्रकार की देश की 67 प्रतिशत अर्थात 82 करोड़ लोगों को राशन की दुकानों से क्रमश: 3,2, और 1 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से 5 किलोग्राम चावल, गेहूॅ और मोटे अनाज लेने का कानूनी अधिकार मिल गया है।   

? डॉ. सुनील शर्मा


  30 सितम्बर-2013

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