संस्करण: 30 अप्रेल- 2012

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भाजपा में आत्ममुग्धता और 'इगो' का द्वन्द

मिशन- 2013 नौकरशाही के भरोसे

           ध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी विधानसभा के अगले निर्वाचन की वैतरणी नौकरशाही की पूंछ पकड़कर पार होने की तिकड़म में लग गई है। सत्ता प्रमुख श्री शिवराज सिंह को यह महसूस होने लगा है कि उनके राजनैतिक संगठन के बलबूते पर उनका तीसरी बार का सत्ता में आना दूर की कौड़ी हो गया है। मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी इन दिनों बुरे हालातों से गुजर रही है। विगत दिनों ओरछा में संपन्न हुई कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं प्रदेश में भाजपा के अंतर्द्वन्द से तंग आकर पार्टी को एकजुट रहने के लिए जिन शब्दों में लताड़ लगाई वह मीडिया से छुप नहीं पाई है।  

  ? अजय सिंह 'राहुल' नेता प्रतिपक्ष (मप्र विधानसभा)


जनतंत्र में राजद्रोह कानून की प्रासंगिकता !

        देश दुनिया के स्तर पर कई सारी अहम घटनाएं इस कदर सूर्खियों में रही कि गुजरात उच्च अदालत के एक अहम फैसले की तरफ किसी का धयान नहीं गया। मालूम हो कि गुजरात उच्च अदालत में न्यायमूर्ति हर्षा देवानी की पीठ ने पूर्वपुलिस कमीश्नर ओ पी माथुर के खिलाफ लिखी श्रृंखला के चलते अग्रणी राष्ट्रीय अख़बार 'टाईम्स आफ इण्डिया पर लगाए गए देशद्रोह के आरोपों को निरस्त कर दिया। (टाईम्स आफ इण्डिया, 19 अप्रैल 2012) अदालत ने अहमदाबाद संस्करण के स्थानीय सम्पादक एवं सम्वाददाता एवं फोटोग्राफर के खिलाफ दायर उन पांचों प्रथम सूचना रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि अख़बारों में प्रकाशित रिपोर्टों के जरिए जनता को भड़काया गया।

? सुभाष गाताड़े


तीर्थयात्रा योजना या रथयात्रा योजना

    संघ परिवार के जितने भी संगठन हैं वे सब अपने कार्यक्रम ऐसे तय करते हैं जिससे कि समाज में साम्प्रदायिक भेदभाव में वृध्दि हो। अपना काम बहुत ही महीन तरीके से करने वाले ये संगठन 'अश्वत्थामा हतो:नरो वा कुंजरो'' की तरह का सत्य बोल और घिर जाने पर वैकल्पिक अर्थ निकाल स्वयं को निर्दोष बताते हैं । यही कारण है कि उनके शिखर नेतृत्व में वकीलों की भरमार होती है जो अपने मुवक्किल को हर हालत में बचाने की कोशिश में रहते हैं। उनके इतिहास में वे ही नायक महान हैं जिन्होंने अपने राज्य के लिए मुगल काल में मुस्लिम शासकों के साथ संघर्ष किया वे चाहे राणा प्रताप हों या शिवाजी।

? वीरेन्द्र जैन


महिलाओं को संरक्षण देने में मध्यप्रदेश फिसड्डी

राष्ट्रीय महिला आयोग की टिप्पणी

          विज्ञापनों और प्रचार माध्यमों में जिस तरह से मध्यप्रदेश में नारी सशक्तिकरण की तस्वीर पेश की जा रही है उससे लगता है कि पूरे देश में ही नहीं बल्कि सारे संसार में मध्यप्रदेश ही एक ऐसा राज्य है जहां बेटियों पर केन्द्रिय अनेक योजनाएं संचालित हो रही है। विशेष अभियान के रूप में महिलाओं के उत्थान के लिए सरकारी मशीनरी को चुस्त और दुरूस्त बनाया गया है जिस पर भारी बजट का भी प्रावधान किया गया है। यह तो हुई प्रचार की बात, जिसके प्रमाण है गांव-गांव और नगर-नगर तथा गलियों-चौराहों पर चिपके पोस्टर्स, टंगे हुए होर्डिंग्स और समाचार पत्रों के रंगे हुए पृष्ठ पर पृष्ठ।

? राजेन्द्र जोशी


लोकतंत्र की उलटबांसी

         यी आर्थिक नीतियों के लागू होते जाने के साथ कल्याणकारी राज्य की अवधारणा का अर्थ किस तरह बदलता गया, झारखंड इसका मिसाल बन गया है। एक स्थानीय आदिवासी नेता के शब्दों में कहें तो सरकार अब टाटा और मित्तल को सबसे गरीब और भूमिहीन मान कर मुफ्त में जमीन देने लगी है जबकि आदिवासी अब सरकार की नजर में जमीनदार हो गये हैं जिनसे हर कीमत पर उनकी जमीन का मालिकाना हक छीन कर इन नवभूमिहीनों में बांटना उसकी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी हो गयी है। समझा जा सकता है कि उदारीकरण के साथ राज्य की भूमिका खत्म नहीं हुयी है जैसा कि अक्सर कहा जाता है।

 ? राजीव कुमार यादव


संदर्भ : बैलेस्टिक मिसाइल का परिक्षण

अग्नि पांच स्वदेशी तकनीक का कमाल

           20 मिनट में 5 हजार किलोमीटर की दूरी तक का अचूक निशाना साधने वाली बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण देश के लिए सामरिक दृष्टि से तो महत्वपूर्ण हैं ही जनता का मनोबल मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि हमें यह कामयाबी आशंकाओ के उस संक्रमण काल में मिली हुई है जब देश के सेना प्रमुख जैसे व्यक्ति सेना के पास गोला बारूद की कमी बता रहे थे और देश के प्रधानमंत्री विज्ञान समारोह में यह कमजोरी जाहिर कर रहे थे कि विज्ञान के क्षेत्र में भारत चीन से पिछड़ रहा है।

? प्रमोद भार्गव


मुस्लिम वैवाहिक कानून में सुधार की पहल

       थाकथित फतवों के नाम पर मुस्लिम महिलाओं पर जो ज्यादतियां होती हैं उनसे निज़ात दिलाने के लिए और उन्हें इस्लाम और कुरान के नियमों के अनुसार समाज में बराबरी का स्थान दिलाने के लिए वैवाहिक परिवार कानून का प्रारूप तैयार किया गया है। कानून का प्रारूप अनेक न्यायविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर तैयार किया है। इस प्रारूप पर राष्ट्रीय विमर्श जारी है। विमर्श की इसी श्रृंखला में एक आयोजन भोपाल में किया गया था। प्रारूप में निकाह, मैहर के साथ तलाक पर विस्तृत प्रकाश डाला गया है। तलाक के नाम पर मुस्लिम महिलाओं पर भारी जुल्म किया जाता है।

? एल.एस.हरदेनिया


लोन : पुराने ग्राहकों को

फायदा क्यों नहीं देते बैंक

      रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज में कमी का असर अब साफ नजर आने लगा है। कई बैंकों ने अपने लोन सस्ते किए हैं,हालांकि घर के लिए कर्ज लेने वालों को अभी भी राहत की दरकार है। क्योंकि अधिकतर बैकों ने केवल ऑटो लोन के ब्याज में कटौती की है। वैसे बैंकों ने महज कर्ज सस्ता करने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है,उन्होंने जमा पर मिलने वाले ब्याज में भी कमी की है। ये दोनों बदलाव रेपो और रिवर्स रेपों दरों में कमी का परिणाम हैं। आगे बढ़ने से पहले रेपा और रिवर्स रेपो को गहराई से समझना जरूरी है। रेपो वो ब्याज दर होती है जिसपर बैंक आरबीआई से लोन लेते हैं,उसके उलट रिवर्स रेपो बैंकों द्वारा आरबीआई के पास पैसा रखने पर मिलने वाला ब्याज है।

? नीरज नैयर


6 मई : बुध्द जयंती के शुभ अवसर पर

भगवान बुध्द की शिक्षा का सार-ऊर्जा के नियमानुसार

(प्रज्ञा की व्यवहारिक जानकारी संलग्न है)

        राग और द्वेष की प्रतिक्रिया करने से हृदय की धड़कन सामान्य के ऊपर बढ़ती है। साथ-साथ श्वास की गति, अणु-अणु के कंपनों की गति, ऊर्जा की खपत की दर और शरीर के तापमान ये सब सामान्य के ऊपर बढ़ते हैं।

                सामान्य के ऊपर की धड़कनों की ऊर्जा (ऊर्जा के नियमानुसार) राग और द्वेष की ऊर्जा में रूपांतरित होकर चित्त पर संग्रहित होती है। यही संस्कार कहलाते है। ऊर्जा का नियम है- न ऊर्जा का निर्माण किया जा सकता है, न उसे नष्ट किया जा सकता है।

? यू.एस.वावरे


प्रदूषण से मुक्ति,

कचरे से कमाई की नई मिसाल

    देश दुनिया में लगातार बढता प्रदूषण प्रकृति एंव समाज के लिए बडी समस्या बनता जा रहा है। इसने पर्यावरण को बहुत नुकसान पहॅुचाया है। प्रदूषण के दुष्प्रभाव से जीव जन्तुओं, वनस्पतियों को भी नुकसान हो रहा है। दुनिया भर के वैज्ञानिक प्रदूषण को कम करने कम करने के उपाय पर लगातार चर्चा,चिन्तन कर रहे है। प्रदूषण बढने का प्रमुख कारण हानिकारक तत्वों की मात्रा का जल,भूमि,वायु में बढना है। विकास के नाम पर कटते जंगल, जल का दुरपयोग,जनसंख्या का बढता दबाव और उसके कारण पैदा होने वाली विभिन्न समस्याएं भी प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं।

 

? अमिताभ पाण्डेय


उ.प्र. में अब

शुल्क-प्रतिपूर्ति घोटाला

     उ.प्र. में अब शुल्क-प्रतिपूर्ति घोटाले की चर्चा है। तकनीकी व प्रबंधन संस्थानों के इस कथित घोटाले में अभी तक का अनुमान सात अरब रुपये का है लेकिन स्वयं प्रदेश के समाज कल्याण विभाग का कहना है कि हो सकता है कि ये घोटाला राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के चर्चित घोटाले से भी बड़ा निकले!शुल्क प्रतिपूर्ति,प्रदेश सरकार की 'दशमोत्त्र छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना'के तहत दिया जाता है। प्रदेश में हाई स्कूल के बाद पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से शिक्षण शुल्क के नाम पर जो धनराशि कालेज प्रबन्धन द्वारा ली जाती है,उसे समाज कल्याण विभाग सत्रान्त तक वापस कर देता है।

? सुनील अमर


शिक्षा का अधिकार बनाम समान शिक्षा

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 को बरकरार रखा है। इस कानून के तहत अब सभी निजी शिक्षण संस्थानों को 25फीसद सीटें गरीब बच्चों के लिए आरक्षित करनी होगी। निजी शिक्षण संस्थानों को सरकार का यह फैसला मंजूर नहीं था,जिसको उन्होंने शीर्ष में चुनौती दी थी। इस कानून और फैसले से कई ऐसी बातें जुड़ी हैं जो मौजूदा व्यवस्था को स्थापित रखने के लिए अहम है। असल में यह कानून निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ न होकर उनके अस्तित्व को मजबूत करने के लिए बना है।

 

? विजय प्रताप


चर्चा में विकी डोनर के बहाने

मर्दानगी पर खतरा

     हाल ही में एक फिल्म आई है विकी डोनर। लोग भले ही आज इसे हल्के तौर पर ले रहें हों, पर यह भविष्य की फिल्म है। अगर हमारी जीवनशैली न बदली, तो संभव है कुछ वर्षो बाद ही पुरुष की उर्वरा शक्ति इतनी कम हो जाएगी कि वे एक स्वस्थ बच्चे के पिता भी नहीं बन पाएँगे। एक शोध में यह रहस्योद्धाटन हुआ है कि पुरुषों के शुक्राणुओं मंए दर वर्ष दो प्रतिशत की कमी आ रही है। इसका कारण यह बताया गया है कि हमारे खान-पान मे डीडीटी जैसे जंतुनाशक दवाओं की मात्रा बढ़ रही है। जिसका सीधा असर पुरुषों की उर्वरा शक्ति पर पड़ रहा है।

? डॉ. महेश परिमल


विकास का बुरा असर स्वास्थ्य पर

    सिंगरौली म.प्र. का बिजलीघर कहलाता है। यह बिजली प्रदेश और देश के विकास की तस्वीर को रोशन करती है। लेकिन यहॉ के बिजलीघर अपने आसपास चौबीस घंटो सिर्फ कालाधुऑ छोड़ते है। यहॉ की हवा में राख और धूल के कणों को छोड़ते रहते हैं। इस राख और धुएॅ में जहरीले आर्सेनिक,बोरान और कैडमियम जैसे घातक तत्व और कार्बन डायआक्सइड,नाइट्रस आक्साइड और कार्बन मोनोआक्साइड जैसी घातक गैसें,जो कि यहॉ के पर्यावरण को तो तबाह कर ही रही हैं साथ ही साथ मानव स्वास्थ को भी खतरा बन गई हैं। नई दिल्ली की गैरसरकारी संस्था सेंटर फार सांइस और इनवायरमेंट द्वारा किए गए इस क्षेत्र के सर्वे से ये तथ्य सामने आएॅ हैं कि सिंगरौली और इसके आसपास के क्षेत्र मे ह्नदयरोग,अस्थमा और एलर्जी के रोगियों में बेतहाशा वृद्वि हो रही है।

? डॉ. सुनील शर्मा


  30 अप्रेल2012

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