संस्करण:  30 अगस्त-2010   

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लगातार खोती विश्वसनीयता
और
भाजपा में नेतृत्व का संकट

सुषमा स्वराज के कमजोर कन्धो पर भाजपा ने बड़ी जिम्मेवारी डाली है। भाजपा देश का सबसे बड़ा विरोधी दल है, जो गत समय में छह साल तक इस देश की सत्ता सम्हालने वाले गठबनधन का सबसे बड़ा दल था।>वीरेंद्र जैन                                                           

 


 

               अपराधियों का
          'स्वर्णिम मधयप्रदेश'

     धयप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की जनता को 'स्वर्णिम मधयप्रदेश' बनाने का सब्जबाग़ दिखाया है। इसके लिए सरकार विज्ञापनों के ज़रिये अपनी कथित उपलब्धियों का गुणगान कर रही है। अख़बारों से लेकर टीवी चैनल्स और होर्डिंग्स से लेकर वाल पेंटिंग्स तक में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार किया जा रहा ह>महेश बाग़ी


 


बुरके का सवाल: इच्छा का या   अनिवार्यता का! क्या भारत बांगलादेश से कुछ सीख सकता है ?
 

 तवों का सवाल भारतीय समाज में अक्सर विवाद का विषय बनता है। दक्षिणपंथी हिन्दुत्ववादी शक्तियां इनका इस्तेमाल अल्पसंख्यक समुदाय के 'पिछड़ापन', 'बन्ददिमागी' आदि को उजागर करने के लिए करती रहती हैं।>सुभाष गाताड़े

 


 

डॉक्टरों-वकीलों की हड़ताल जनहित में नहीं
पिछले दिनों भोपाल में वकीलों और पूरे प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण आम लोगों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ा। समाज के ये दोनों वर्ग ऐसे हैं जिनका कोई विकल्प नहीं है। यदि  >एल.एस.हरदेनिया
 


 

 

   सरकारी प्रचार तंत्र अपनी सीमा में काम करता है
उस पर खीज उतारने के बजाय प्रोत्साहित करना होगा


 प्रजातांत्रिक शासन प्रणाली के अंतर्गत प्रत्येक 'जन' को यह अधिकार हासिल है कि वह निर्वाचित सत्ताओं की जनकल्याणकारी नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों और उनकी उपलब्धियों से निरंतर अवगत होता रहे। एक तरह से जन ही शासक है >राजेंद्र जोशी
 


 

देवदासियों का प्रदर्शन
आन्दोलन के प्रतीक, प्रतीकों के आन्दोलन

 पनी पूर्वघोषित योजना के अनुसार महाराष्ट्र की देवदासियों ने इस साल स्वतन्त्राता दिवस के अवसर पर मुम्बई में अपना अर्धानग्न प्रदर्शन किया। वे सरकार के सामने पहले ही अपनी मांगे कई बार रख चुकी हैं तथा विरोध प्रदर्शन कर चुकी हैं।

> अंजलि सिन्हा


अब 'सरोगेसी' बना मुनाफ़े का      व्यवसाय
 धुनिक युग में ऐसी माताओं की संख्या बढ़ रही है जो मातृत्व प्राप्त करने के बाद शिशु के पालन-पोषण का कर्तव्य और अधिकार स्वत: त्याग देती हैं।  > डॉ. गीता गुप्त


 

  संदर्भ: गोदामों और खुले       
इतनी छोटी सी बात, जो सरकार को समझ में नहीं आती


       मारे मुल्क की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर अनाज की बर्बादी पर सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।> जाहिद खान


 

उच्च शिक्षा की स्थिति: संदर्भ म.प्र.
पिछले एक दशक से म.प्र.में उच्चशिक्षा की स्थिति दिशाहीन बनी हुई। शिक्षक विहीन और सुविधाहीन संस्थाएँ गरीब छात्रों की मजाक उड़ा रही हैं।>डॉ. सुनील शर्मा


 

             आधुनिकता और परंपरा के
                      बीच झूलती नारी


भारतीय संस्कृति उसकी परंपरा और आधुनिकता लगभग एक दूसरे से उलट शब्द हैं जहां भारतीय संस्कृति में लज्जा शर्म और हया को प्रमुख स्थान दिया गया है वहीं आधुनिकता ने नारी की लज्जा शर्म और हया को दोयम दर्जे पर ला खड़ा किया है।  >चैतन्य भट्ट


30 अगस्त-2010   

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