संस्करण: 3 मई-2010  

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मोहम्मद युनूस क्यों दुखी हैं ?
महासूदखोरों को जन्म देती माईक्रो क्रेडिट योजना !


 स्वयंसेवी संस्था के तौर पर कभी शुरू हुई मेक्सिको की कोम्पार्टामोस के नाम से धरती के इस हिस्से में बहुत कम लोग वाकीफ होंगे। स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स) के निर्माण या लघु वित्त योजनाओं के संचालन >सुभाष गाताड़े


 

खाप पंचायतों का असभ्य फैसला
संविधान को खुली चुनौती है

विचारहीन राजनीति में जातिवाद का अभिशाप कहाँ तक ले जा सकता है, इसका ताजा तरीन उदाहरण हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पिछले दिनों हुई खाप महापंचायत द्वारा करनाल के सत्र न्यायालय द्वारा दिये गये फैसले को>वीरेंद्र जैन


 

खाद्य सुरक्षा कानून
गरीबों के लिए सौगात

 

केन्द्र सरकार देश में खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने की तैयारी कर रही है। यह उसके चुनावी वायदे के अनुरुप ही होगा। इस बात के लिए केन्द्र की संप्रग सरकार को बधाई दी जानी चाहिए कि उसने ऐतिहासिक और>सुनील अमर


 

ब्रिटिश राजनीति में हावी यौनवाद
 

ब्रिटेन के आम चुनाव लगातार दिलचस्प होते जा रहे हैं। अमेरिका की तर्ज पर वहां पहली बार प्रधानमंत्रीपद के प्रत्याशियों की टेलीविजन चैनलों पर सजीव प्रस्तुति ने अचानक अब तक तीसरे नम्बर पर चल रहे लिबरल>अंजलि सिन्हा


विवादों की खदान-
हमारा हिन्दुस्तान

    मीडिया के माध्यम से दुनियाभर को जो संदेश जा रहा है उससे लगता है कि हमारे हिन्दुस्तान में विभिन्न देशों की तुलना में विवादों की खदानें कहीं ज्यादा हैं। कोई ऐसा क्षेत्र नहीं बचा है जिसकी जमीन के भीतर>राजेंद्र जोशी


 

बंदूक और विकास से ही
नक्सलियों का मुकाबला संभव है

दंतेवाड़ा की लोमहर्षक घटना ने जिसमें माओवादियों द्वारा किए गए आक्रमण में सीआरपीएफ के 76 जवान मारे गए, पूरे देश को हिला दिया है। इस घटना ने पुन: इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस को जन्म दिया है कि इस तरह के>एल.एस.हरदेनिया


 

विद्रोह का पर्याय
बनता आतंक


दंतेवाड़ा में नक्सली हिंसा में 76 जवानों के शहीद होने के बाद गृहमंत्री ने इस्तीफा दिया, निश्चित ही यह चिंताजनक है, क्योंकि बजाय नक्सल के कारण और उपायों के चिंतन करने के उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की।>राखी रघुवंशी


 

फर्जी मास्टर फर्जी डाक्टर असली डिग्री

    .प्र. के इंदौर शहर में स्थित एक निजी मेडिकल कालेज की मान्यता के लिए तैयार किए गए फर्जीबाड़े की चर्चा यहॉ अखबारों की सुर्खियों में थी कि इस दौरान देशभर में  मेडिकल कालेजों को मान्यता प्रदान करने वाली>डॉ. सुनील शर्मा


 

बीमारियों को महामारी में बदलने का खेल
   भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में साधारण बीमारियों को महामारी में बदलने का खेल चल रहा है। यह खेल बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियां अरबों-खरबों का कारोबार करने के लिए खेल रही हैं। हाल ही में कुछ ऐसी जानकारियां>प्रमोद भार्गव


 

क्या हम मना पाएँगे रुठे हुए पानी को....

मौसम विभाग ने भविष्यवाणी कर दी है कि इस बार मानसून सामान्य होगा। लोग झमाझम बारिश के लिए तैयार रहें। मौसम विभाग पर कितना विश्वास किया जाए, यह शोध का विषय हो सकता है। उसकी भविष्यवाणी सच साबित>डॉ. महेश परिमल


3 मई-2010

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