संस्करण: जुलाई-2012

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नीतिश कुमार बनाम नरेन्द्र मोदी :

नूरा कुश्ती के बदलते रंग !

           राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में तमाम सियासी गठबन्धनों में नयी दरारों को जनम देगा, ऐसी भविष्यवाणी शायद ही किसी राजनीतिक विश्लेषक ने की थी। इनमें वैसे सबसे बुरी गत भाजपा की अगुआईवाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबन्धन की हुई है, जिसे न केवल अपने दो वफादार सहयोगियों -जनता दल यू एवं शिवसेना -को सत्ताधारी खेमे के साथ खड़ा देखना पड़ रहा है, वहीं चुनाव के लिए दूसरी पार्टी से उठे उधार के प्रत्याशी से ही काम चलाना पड़ रहा है।

  ? सुभाष गाताड़े


बहुसंख्यकवाद के सहारे बहुमत का स्वप्न

        रएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि देश का प्रधानमंत्री हिंदुत्ववादी होना चाहिये।   वास्तव में हर हिंदू को हिंदुत्ववादी होना चाहिये,केवल प्रधानमंत्री ही क्यों क्योंकि हिंदुत्व का अर्थ है हिंदू धर्म की शिक्षायें, मान्यतायें तथा उनका पालन करते हुये तदनुसार जीवनयापन.  हिंदुत्व एक जीवनशैली है जिसको अपनाना हर हिंदू पर बंधनकारी है इसलिये हिंदू अगर हिंदुत्ववादी नहीं होगा तो और क्या होगा।हर व्यक्ति को धर्म परायण होना चाहिये क्योंकि धर्म ही वह शक्ति है जो मनुष्य को बुराई से बचने तथा भलाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

? मोकर्रम खान


मध्य प्रदेश --राज्य सरकार के संरक्षण में मची लूट   

    ''कानून अपना काम करेगा''   ''जब तक अदालत किसी को दोषी नहीं करार देती तब तक वह निर्दोष है''

                ''यह सब बदले की भावना से की जा रही कार्यवाही है''

                ''मूल्यांकन अतिरंजित है''

                ''सम्बन्धितों की व्यापारिक गतिविधियों से हमारा कोई सम्बन्ध नहीं है''

 

? वीरेन्द्र जैन


लगातार रसातल में जा रही भाजपा

          डॉ. हेडगेवार, गुरु गोलवलकर, पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी ने जिस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गठन हिंदुओं को संगठित करने और उनका उध्दार करने के लिए किया था,वही संगठन आज दिशाहीन हो चुका है। संघ की मौजूदा राजनीतिक इकाई भारतीय जनता पार्टी आज संघ के हाथों का खिलौना बनकर रह गई है। कल तक संघ जिस भाजपा को नियंत्रित करने पर तुला था, वही भाजपा आज संघ की करतूतों के कारण दिशाहीन हो चुकी है।

? महेश बाग़ी


देशभक्ति का ढोल पीटने वाली भाजपा

राजनैतिक लाभ के लिए देशद्रोहियों से हाथ मिलाने को तैयार

         पिछले कुछ दिनों में कई ऐसी घटनायें हुई हैं, जिनसे अवसरवादी राजनीति का विकृत चेहरा सामने आया है। राष्ट्रपति चुनाव, पंजाब एवं गुजरात में घटित घटनाओं ने पुन: सिध्द किया है कि सत्ता की खातिर न सिर्फ सिध्दांत एवं उसूलों को वरन् राष्ट्र के बुनियादी हितों की भी बलि दी जा सकती है।

 

 ? एल.एस.हरदेनिया


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बताए दिलीप सूर्यवंशी से उनके संबंधों और सुधीर शर्मा की समृध्दि का सच

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री से किए 11 सवाल

                  नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने 26 जून  2012 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से उनके विदेश यात्रा से लौटने पर हाल ही में भाजपा से जुड़े दो व्यवसायियों के यहां पड़े छापे को  लेकर  सवाल किए हैं।

                 अजय सिंह ने आयकर विभाग द्वारा निर्माण व्यवसाय से जुड़े दिलीप सूर्यवंशी और शिक्षा तथा खदान व्यवसाय से जुड़े सुधीर शर्मा के यहां पड़े छापों पर कहा कि यह मामला इसलिए गंभीर है कि दिलीप सूर्यवंशी जहां सीधे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह से जुड़े है उनके परिवारिक मित्र है 

? डॉ. महेंद्र सिंह


तकनीकी विकास का एक पहलू यह भी

लोग भूल रहे हैं कलम पकड़ना

      ह दौर तकनीकी विकास का है। इस दौर में जहां इंसान तकनीकी साधन और सुविधाओं के मामले में संपन्न होता जा रहा है वहीं वह कतिपय हमारी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासतों से दूर होता भी जा रहा है। टेक्निकल उपलब्धियों पर हम सचमुच गर्व करते आ रहे हैं। यह वह युग है जिसमें हम घर बैठे ही सारी दुनिया से जुड़ने का दंभ भर सकते हैं। आज कम्प्यूटर,मोबाइल जैसे साधान हमारी ऊंगलियों पर नाच रहे हैं। एक जगह से दूसरी जगह संदेशों का आदान-प्रदान चुटकी बजाते संभव हो रहा है। जहां हम दुनियाभर से प्रतिस्पर्धा की दौड़ में शामिल होते जा रहा हैं वहीं हम हमारी कतिपय सांस्कृतिक पहचान भी खोते जा रहे हैं।

? राजेन्द्र जोशी


सीबीआई विशेष न्यायालय का अनूठा फैसला-

भ्रष्टाचारी पति की पत्नी को भी मिली सजा

      दिल्ली की सीबीआई अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में अनूठा फैसला सुनाकर दण्ड का भय कायम करने की शानदार मिसाल पेश की है। दिल्ली में सीबीआई विशेष न्यायालय के जज धर्मेश शर्मा ने दिल्ली नगर निगम के इंजीनियर को रिश्वत तथा भ्रष्टाचार का दोषी पाया। न्यायालय ने पूर्व इंजीनियर आरके डवास को तीन साल की सश्रम कैद और पांच लाख के जुर्माने की सजा सुनाई, साथ ही आरोपी की पत्नी को एक साल की साधारण कैद अथवा ढाई लाख रूपए जुर्माने की सजा सुनाकर ऐतिहासिक फैसला दिया। जज ने स्पष्ट किया की आरोपी की पत्नी घरेलू महिला जरूर है लेकिन वह अपने पति को काली कमाई के लिए उकसाती थी और इस कमाई से चल व अचल संपत्ति जोड़ती थी।

? प्रमोद भार्गव


कई सवाल खड़े करती है माही की मौत

        दुनिया की दुश्वारियों से नावाकिफ चार साल की मासूम बच्ची माही हरियाणा के मानेसर में उस अंधे कुऐं में गिरकर मर गयी जो किसी और का गुनाह था। उसे बचाने में सेना के जवानों ने हमेशा की तरह प्रशंसनीय कार्य किया लेकिन वह नन्हीं सी जान कुॅऐ में गिरने के बाद ज्यादा देर तक जीवित ही नहीं रही थी जबकि पथरीली जमीन को काटते हुए 80 फुट नीचे उस तक पहॅुचने में सेना के जवानों को 87 घंटे लग गये थे। बोरवेल के ये हादसे नये नहीं हैं और बीते पॉच वर्षों में लगभग डेढ़ दर्जन ऐसे हादसे देश भर में हो चुके हैं।

? सुनील अमर


किसानों को बैंकिग से जोड़ा जाए

    भारतीय रिजर्व बैंक का ऑकलन है कि वर्ष 2000 से 2010 के बीच कृषि ऋण का कुल वितरण 775 प्रतिशत बढ़ा है।मगर इसके बाद भी न तो कृषि उत्पादकता में क्रांतिकारी वृद्वि परिलक्षित हुई है और न ही बीज,खाद,कीटनाशक और कृषि उपकरणों की बिक्री में इजाफा देखने मिला है।तथा कृषि ऋण के लिए दूसरे स्त्रोतों खासकर साहूकारों पर भी निर्भरता कम नहीं हुई है। ऐसे में प्रश्नचिन्ह है कि आखिरकार कृषि ऋण में भारी इजाफे के बाबजूद  इसका किसानों को फायदा क्यों नहीं हो रहा है? और इस मुद्रा प्रवाह में कौन हर गंगे कर रहा है? इस प्रश्न के उत्तर में सर्वप्रथम तो योजना आयोग के ऑकड़ों को देखा जाए जिनके मुताबिक भारत के 12.8 करोड़ जमीन मालिक किसानों में से करीब 8 करोड़ किसान अब भी ऋण की संस्थागत प्रणाली अर्थात बैंक तथा सहकारी समितियों के दायरे से बाहर ह

? डॉ. सुनील शर्मा


अब ग्रामीण महिलाएं मोबाइल फोन नहीं,

टॉयलेट चाहती हैं....

     भारत की गणना विश्व के ऐसे देशों में की जाती है, जो सर्वाधिक प्रदूषित हैं। चाहे हम महानगरों की बात करें या गांवों और कस्बों की, सर्वत्र कचरे का ढेर और गंदगी देखी जा सकती है। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाली आबादी आज भी नित्य क्रियाओं के लिए खुले मैदान, तालाब और नदियों के किनारे बैठी देखी जा सकती है। सुबह बसों एवं रेल से यात्रा के दौरान ऐसे दृश्य दिखाई देते हैं जो भारतीय जन जीवन की कड़वी सच्चाई उजागर करते हैं। एक विदेशी प्रतिनिधि मंडल द्वारा की गई यह टिप्पणी कि 'भारत एक विशाल शौचालय है', हमारे लिए नितांत लज्जास्पद है।

? डॉ. गीता गुप्त


संदर्भ : राजस्थान बेरोजगारी भत्ता योजना-2012

योजना का फायदा, पात्र लोगों को ही मिले

    देश में बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने वाले राज्यों की फेहरिश्त में अब राजस्थान का नाम भी जुड़ गया है। बेरोजगारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अशोक गहलोत सरकार ने राज्य में 'राजस्थान बेरोजगारी भत्ता योजना-2012'को हरी झंडी दिखला दी। सरकार ने इस संबंधा में हाल ही में एक आदेष जारी किया। योजना पूरे राजस्थान में एक साथ 1 जुलाई से अमल में आएगी। योजना के तहत हर बेरोजगार चाहे वह पुरुष हो या महिला, उसे हर महीने 500रूपए बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। जबकि निशक्तजन को यह बेरोजगारी भत्ता 600रूपए दिया जाएगा। यानी,सरकार ने बेरोजगारी भत्ता योजना बनाते समय ये बात विशेष रूप से धयान रखी कि पुरुश व महिला में कोई भेद न हो।

? जाहिद खान


  02जुलाई2012

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