संस्करण: 2 जनवरी- 2012

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छंट गए संदेह के बाद

यह कांग्रेस के खिलाफ साजिश है

           समें संदेह की कोई संदेह नहीं कि अन्ना हजारे का स्वास्थ्य खराब था और जरूरी था कि वे अनशन जैसे सख्त कदम न उठाएं इसलिए डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने लोकपाल बिल के लिए किए गए अपने तीन दिन के अनशन को एक दिन पहले ही खत्म कर दिया। लेकिन इस दौरान जो अन्य घटित हुआ उसने इस संदेह की गुंजाइश खत्म कर दी कि भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा आंदोलन वास्तव में कांग्रेस के खिलाफ साजिश नहीं है। यह संदेह भी करीब-करीब खत्म हो गया कि अन्ना हजारे की टीम भाजपा और आरएसएस से मिली हुई है  

  ? विवेकानंद


यह केन्द्र से सहायता की

माँग है या राजनीति!

        त्तर प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है और अब तक 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस आपदा से निपटने के लिए प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने केन्द्र सरकार से आर्थिक मदद की मॉग की है। देश के संविधान में यह व्यवस्था है कि अपनी आकस्मिक या विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए राज्य केन्द्र सरकार से धन की मॉग कर सकते हैं। वैसे भी केन्द्र राज्यों में तमाम ऐसी योजनाऐं चलाता रहता है जिसमें उसकी आंशिक, अर्ध या पूर्ण भागीदारी होती है। प्राकृतिक आपदाओं के समय भी केन्द्र राज्यों की मदद करता है।

? सुनील अमर


वाहनों पर विशिष्टता वाले प्रतीक

      त दिनों दिल्ली में काल सेन्टर में काम करने वाली एक लड़की जिगिशा घोष की हत्या कर दी गयी थी जिसकी जाँच में न केवल जिगिषा के हत्यारे ही पकड़े गये अपितु पिछले दिनों एक पत्रकार सौम्या विशवनाथन की हत्या का राज भी खुल गया। दोनों ही हत्याएं उन्ही अपराधियों ने की थीं। जाँच में सबसे उल्लेखनीय बात यह सामने आयी कि अपराधियों के पास से अतिविशिष्ट व्यक्तियों द्वारा प्रयोग के लिए अधिकृत लाल बत्ती, पुलिस विभाग के प्रतीक चिन्ह,जज और प्रैस के स्टिकर, पुलिस महानिदेशक और उपमहानिरीक्षक की गाड़ियों पर लगने वाली नीली प्लेट, पुलिस की वर्दी, तथा वायरलैस सैट भी मिले हैं।

? वीरेन्द्र जैन


शिव सरकार की

कथनी और करनी

          ध्यप्रदेश की शिवराज सरकार की कथनी ओर करनी का अंतर एक बार फिर सामने आया है। राम नाम का सहारा लेकर केन्द्रीय सत्ता का स्वाद चखने वाली भाजपा की प्रदेश सरकार ने भाजपाई मानसिकता के एक पत्रकार को उन स्थलों को चिन्हित करने का ठेका दिया है,जहां से भगवान राम गुज़रे थे। इसी सरकार के रहते राम पथ गमन के चिन्हित स्थान को नष्ट करने का काम जारी है। लोक मान्यता है कि भगवान श्रीराम वनवास के दौरान सतना से भी गुजरे थे।

? महेश बाग़ी


सरकारी स्कूलों को सरस्वती

शिशु मंदिर बनाने की तैयारी

         पिछले दरवाजे से मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों को सरस्वती मंदिर बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। पिछले दिनों मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की थी कि ''हिन्दुओं का पवित्र ग्रन्थ गीता स्कूलों में पढ़ाई जाएगी''। मुख्यमंत्री चौहान की घोषणा के बाद प्रदेश के सरकारी अमले ने गीता के पढ़ाने की तैयारी प्रारंभ कर दी है। तैयारी के तारतम्य में मध्यप्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंडल ने औपचारिक रूप से गीता की पढ़ाई को स्कूली शिक्षा में शामिल करने का निर्णय ले लिया है।

 ? एल.एस.हरदेनिया


राजनीति की पाठशाला में युवाओं का दाखिला

यह है वक्त का तकाज़ा

           राजनैतिक लोग ही अब बूढ़े हो चले हैं बल्कि राजनीति भी अब बूढ़ी लगने लगी है। ऐसे वातावरण में यदि राजनीति का क, ख,ग सीखने के लिए राजनीति की पाठशाला में कोई युवा दाखिला ले रहा है तो इसे न तो विवादग्रस्त ही बनाना उचित है और न ही युवा पीढ़ी द्वारा बढ़ाये जा रहे कदमों का मज़ाक बनाया जाना उचित है। युवा पीढ़ी के राजनीति में प्रवेश से जहां आने वाली एक नौजवान पीढ़ी राजनीति के लिए तैयार हो रही है वहीं राजनीति के परम्परागत ढांचे की चरमरा रही दीवार की नींव को भी मजबूती मिलने की संभावनाऐं देखी जा रही हैं। युवाओं के राजनैतिक कदमों का निश्चित रूप से राजनैतिक दलों को स्वागत करना चाहिए।

? राजेन्द्र जोशी


हिन्दी प्रदेश में भी हिन्दी हाशिये पर ?

       मुझे यह ज्ञात नहीं कि राजभाषा के नीति-निर्देशों के संबंध में गृह मंत्रालय द्वारा जारी नये 'परिपत्र' ने राष्ट्रभाषा की ताबूत में जो कील ठोंकने का काम किया है, उस पर प्रदेश के दिग्गजों और शिक्षाविदों की क्या राय है ? लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा हिन्दी भाषा को कठिन निरूपित कर 'हिंगलिश' को राजकाज की भाषा के रूप में मान्यता देना हिन्दी की सामर्थ्य और सम्प्रेषणीयता पर सवाल खड़े कर उसके अस्तित्व को दी गई खुली चुनौती है।

? डॉ. गीता गुप्त


बाजारवाद और अपनी स्त्रीद्रोही दृष्टिकोण की शिकार होती महिलाएं।

    माज और महिलाओं का स्वयम् अपने शरीर के प्रति जो नजरिया है उसके चलते वे अपने प्रकृतिप्रदत्त शरीर को काटछांट कर या अन्य तरीके अपना कर अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के कई खबरें लगातार आती रहती हैं। इसके चलते कई महिलाएं गम्भीर बीमारियों की चपेट में आ जाती हैं तथा कई जान से भी हाथ धों बैठती हैं।

 

 

? अंजलि सिन्हा


संदर्भ : खाद्य सुरक्षा कानून

एक क्रांतिकारी कानून, गरीबों के हक में

     मारा मुल्क लंबे अरसे से जिन गंभीर चुनौतियों या समस्याओं से जूझ रहा है, उनमें कुपोण और भुखमरी की समस्या अव्वल नंबर पर है। गोया कि हमारे यहां कुपोण का दायरा जितना व्यापक है,उतना शायद ही दुनिया में कहीं और हो। पसमंजर यह है कि मुल्क में तकरीबन 47फीसद बच्चे कुपोण के शिकार हैं। हर साल हजारों लोगों की मौत कुपोण और भुखमरी की वजह से होती हैं। ऐसा नहीं है कि हमारी सरकार इस समस्या से अंजान थी या उसे इसका अहसास नहीं था। समस्या से पार पाने के लिए सरकार कोशिशें तो कर रही थी,लेकिन कामयाब नहीं मिल पा रही थी।

? जाहिद खान


गणित से दूर होती शिक्षा

    विश्व प्रसिद्व भारतीय गणितज्ञ रामानुजम की 125 वीं जयंती पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री सहित सभी वक्ताओं को इस बात  का मलाल  रहा कि भारत में अब  विश्व स्तर के गणितज्ञ नहीं हैं तथा वक्ताओं ने इस बात पर पर भी चिंता जताई कि भारतीय बच्चे भी गणित में कमजोर हो रहे है। वास्तव में यह सच है कि रामानुजम के बाद भारत में कोई विश्वस्तर का गणितज्ञ नहीं हुआ। हालॉकि रामानुजन के बाद वशिष्ठ नारायण सिंह का नाम था मगर वो स्वास्थ्य और नियति के चलते वो गुमनामियों में खो गए। जहॉ तक युवा गणितज्ञों की बात है तो अभी तक कोई नए नाम सामने नहीं आ पाए है। 

 

? डॉ. सुनील शर्मा


  2 जनवरी- 2012

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