संस्करण:  29 नवम्बर-2010

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काहे का गौरव दिवस ?


 29 नवंबर को शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस दिन को कार्यकर्ता गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा  की है।>महेश बाग़ी


अभिव्यक्ति का या अनर्गल और असत्य सम्भाषण का अधिकार


 किसी संस्था के प्रमुख रहे, किसी जाने माने व्यक्ति के सार्वजनिक रूप से व्यक्त विचारों को उनके व्यक्तिगत विचार मानना या उसकी संस्था के विचार मानने का पैमाना क्या होना चाहिये?>वीरेंद्र जैन


कर्नाटक में भाजपा ने नैतिक मूल्यों की बलि देकर सरकार बचाई

 

 भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक में जो रवैया अपनाया है, उससे पुन: यह सिध्द हो गया है कि इस पार्टी को नैतिक मूल्यों से सत्ता ज्यादा प्यारी है। वैसे भ्रष्टाचार से अब कोई भी दल अछूता नहीं रह गया है।>एल.एस.हरदेनिया


क्या आसिया बीबी को हम यूं ही मरने देंगे ?

 

 पाकिस्तान के ननकानासाहिब के शेखपुरा जिले के इत्तनवाली गांव की रहनेवाली पेशे से खेतमजदूर आसिया बीबी, जिसकी उम्र 45 वर्ष है तथा जो पांच बच्चों की मां है>सुभाष गाताड़े


सरकारी आवास समितियों में सदस्यता के मामले

झूठी जानकारी देकर बने सदस्यों को सुप्रीम कोर्ट का झटका

 

 हमारे देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था में गरीबों और कमजोर तबके के लोगों की जरूरतों की पूर्ति के लिए सहकारिता एक कारगर व्यवस्था सिध्द हुई है।>राजेंद्र जोशी


बहुलताबाद के शत्रु हैं माओवादी
 

 भारत में एक तबका है जो माओवादियों के नृशंस कर्मों पर इन दिनों फिदा है और आए दिन मीडिया और इंटरनेट में माओवादियों के पक्ष में 'जय हो-जय हो' करता रहता है।>राखी रघुवंशी


कृषि में घटती भागीदार

 

 देश के सकल घरेलू उत्पाद में सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों की भागीदारी तो बढ़ रही है लेकिन कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों की भागीदारी घट रही है।>प्रमोद भार्गव


प्लास्टिक कचरे से ऊर्जा तैयार करने में विलंब क्यों ?

 

 कहा जाता है कि किसी बात को टालने का सबसे अच्छा प्रशासकीय उपाय यही है कि उसके लिए कोई कमेटी बना दी जाए।>ठाकुर विक्रम सिंह


जलवायु संकट बढ़ाता धुंआ

 

 जलवायु संकट मौजूदा दौर का एक न बदला जा सकने वाला नंगा सच है। पसमंजर यह है कि हिमयुग के बाद पहली मर्तबा समूची इंसानी बिरादरी के सामने अस्तित्व का संकट आन खड़ा हुआ है।>जाहिद खान


अज्ञान दूर करीये, मुक्ति की ओर अग्रसर होईये

(ऊर्जा पर आधारिक विपश्यना साधना से संबंधित)

 

 भगवान बुध्द के अनुसार हम अपनी अज्ञान अवस्था में क्रोध, घृणा, संदेह, द्वेश, निराशा आदि प्रतिक्रियाओं के कारण चित्तपर विकारों के संस्कार आहार की ऊर्जा से होने वाले शरीर के अणु अणु के कंपन बंद पड़ते है।> यू.एस.वावरे


29 नवम्बर-2010 

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