संस्करण: 29 अप्रेल-2013

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दक्षिण एशिया में

बहुसंख्यकवाद के प्रयोग

       प बर्मा के 'बिन लादेन' को जानते हैं ?

                चन्द रोज पहले लन्दन से निकलनेवाले अख़बार 'गार्डियन' ने अपने आप को 'बिन लादेन' कहलानेवाले एक बौध्द भिक्खु विराथू पर स्टोरी छापी थी, जिस पर यह इल्जाम है कि वह बर्मा अर्थात माइनामार में धार्मिक घृणा फैलाने की मुहिम का सूत्रधार है। कइयों का मानना है कि उसके नफरत भरे भाषणों ने ही बौध्दों और देशज रोहिंग्या मुसलिम समुदाय में बीते जून में हिंसक झड़पे हुई थीं जिनमें 200 लोग मारे गए थे और एक लाख से अधिक विस्थापित हुए थे।

?  सुभाष गाताड़े


म.प्र. मंत्रिमण्डल से विजय शाह की मुक्ति  

यह व्यक्ति का नहीं वृत्ति का प्रश्न है

       ध्य प्रदेश में जिस दल का शासन है, वह अपने किसी राजनीतिक घोषणा पत्र या ऐतिहासिक कारणों से सत्ता में नहीं आया अपितु अपने प्रादेशिक नेताओं को दरकिनार कर साधवी की वेषभूषा में रहनेवाली, बाबरी मस्जिद ध्वंस की आरोपी, एक महिला राजनेता के नेतृत्व में चुनाव लड़ने व चुनाव में एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर के कारण सत्तारूढ हुआ था। इस दल ने दूसरे आम चुनाव में पहले से कम समर्थन पाया था। यही कारण है कि आज के मुख्यमंत्री समेत पार्टी के सभी बड़े नेता आगामी चुनाव में खतरे के साफ संकेत सूंघ रहे हैं और कार्यकर्ताओं के समक्ष अपनी आशंकाएं भी प्रकट कर रहे हैं।

? वीरेन्द्र जैन


क्या मध्यप्रदेश

बलात्कार प्रदेश बन गया है?

       गता है मध्यप्रदेश बलात्कार प्रदेश बन गया है। कम से कम आंकड़े तो यही दर्दनाक कहानी बयान करते हैं। आप कल्पना कर सकते हैं कि पिछले 90दिनों में प्रदेश में 88बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनायें हुई हैं। इनमें 27बच्चियां ऐसी हैं जिनकी आयु 10वर्ष से भी कम हैं। एक अनुमान यह भी है कि बच्चियों के साथ हुई इन हैवानियत की घटनाओं का आंकड़ा इससे ज्यादा हो। यह संभावना इसलिए भी दिख रही है क्योंकि नेशनल क्राइम रिकार्डस की रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में अकेले 2010 में 1182 बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनायें हुई थीं।

? एल.एस.हरदेनिया


क्या मीडिया में मोदी से भी ज्यादा

खतरनाक लोग घुस चुके हैं ?

         पिछले सप्ताह 17  अप्रैल 2013 को टी वी पर प्रमुखता से यह खबर आई कि गुजरात सरकार माया कोडनानी तथा बाबू बजरंगी जैसे 10 दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिये हाई कोर्ट में अपील करेगी।  यह खबर कुछ इस तरह चलाई गई मानों स्वयं नरेंद्र मोदी इन अपराधियों को फांसी दिलाने का प्रयास कर रहे हैं जब कि वास्तविक स्थिति कुछ और ही थी।  अगस्त 2012 में विशेष न्यायालय ने वर्ष 2002 में हुये गुजरात दंगों के सिलसिले में माया कोडनानी को 28 वर्ष तथा बाबू बजरंगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

? मोकर्रम खान


अच्छी योजना पर भारी दलगत राजनीति और भ्रष्टाचार

         रीबों को उनके ही क्षेत्र में रोजगार दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक अभिनव योजना लागू की थी। यह योजना नहीं बल्कि एक कानून था, जो ग्रामीणों को रोजगार की गारंटी देता था। इस योजना को नाम दिया गया था महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम। लेकिन दलगत राजनीति और भ्रष्टाचार ने एक अच्छी योजना का बंटाढार कर दिया। गरीबों के लिए केंद्र से आया पैसा बंदरबांट में लुट गया और गरीब मुंह ताकते रहे गए। हाल ही में सीएजी ने इस योजना को लेकर जो रिपोर्ट पेश की है उसमें स्पष्ट रूप से कहा है कि योजना के चलते 63 फीसदी लोगों को काम की खोज में बाहर नहीं जाना पड़ता।

 ?   विवेकानंद


'बहुत कुछ ऐसा हुआ जिसे मैं समझ नहीं सकती थी।'

'भारत : बाल यौन अत्याचार की राजधानी ! '

                  शहूर सितारवादक अनुष्का शंकर ने कुछ समय पहले महिलाओं के खिलाफ हिंसा विरोधी अभियान के एक कार्यक्रम में हिस्सेदारी करते हुए अपने व्यक्तित्व का एक अलग पहलू उजागर किया था। उन्होंने बताया कि मेरे साथ बचपन में बहुत कुछ ऐसा हुआ जिससे निपटना मैं नहीं जानती थी। उनके परिवार के किसी आत्मीय द्वारा उनके साथ बचपन में की गयी हिंसा का वह जिक्र कर रही थीं।  

? अंजलि सिन्हा


चीन : नापाक इरादों के विस्तारवादी लक्षण

      चीनी सैनिकों की लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी में 10 कि.मी. भीतर तक घुसपैठ करके बकायदा तंबू तानकर डेरा डाल लेना हेरतअंगेज है। यह स्थल वास्तविक नियंत्रण रेखा से भीतर 17हजार फुट की उंचाई पर स्थित है। इस घुसपैठ की पुष्टि न सिर्फ भारतीय वायुसेना ने की है बल्कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी की है। इस घुसपैठ की आसानी इसलिए भी हुई क्योंकि भारत और चीन के बीच 4हजार कि.मी. लंबी जो नियंत्रण रेखा है उसकी स्थायी पहचान नहीं हो पाई है।

? प्रमोद भार्गव


इस साहस का समर्थन करें

      खाप पंचायतों की गुफाकालीन हरकतों से त्रस्त देश के नारी समाज में एक स्त्री ने अपने हक़ के लिए हिम्मत की एक और दस्तक दी है। घर-परिवार और समाज के तमाम एतराज को दरकिनार कर एक फौजी की नि:संतान विधवा ने वीर्य बैंक में रखे अपने पति के वीर्य से गर्भधारण किया है। इस दम्पत्ति का एक अस्पताल में संतानोत्पत्ति हेतु इलाज चल रहा था लेकिन फौजी पति को बार-बार छुट्टी नहीं मिल पाने के कारण चिकित्सकों ने उसका वीर्य सुरक्षित रख लिया था।

? सुनील अमर


मतदाता का मतलब है

राज देने वाला 'राजदाता',

 वह खरीद-फरोख्त की वस्तु नहीं है !

        लोकतांत्रिक प्रणाली में एक-एक मतदाता की सहभागिता का इसलिए भी महत्व होता है कि वह केवल अपनी अकेले की राय ही नहीं देता बल्कि वह प्रजातंत्र की व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए राष्ट्र और राज्य को ऐसी सत्ता के संचालन का अधिकार देता है जिसमें राम राज्य की तरह व्यवस्था हो-'दैहिक, दैविक, भौतिक तापा, राम राज्य काहू नहीं व्यापा।' गरीब से गरीब नागरिक के वोट का भी हमारी निर्वाचन प्रणाली में उतना ही वजन और मूल्य है जितना कि एक अमीर से अमीर किसी एक व्यक्ति का होता है।  

? राजेन्द्र जोशी


तड़ोबा में तनावमुक्ति

       हुआ की महक साल में इस समय बड़ी मादक होती है। महुआ मध्यभारत में एक वन वृक्ष है जिसकी आदिवासियों द्वारा पूजा की जाती है क्योंकि वह उनके भोजन, ऊर्जा पेय और अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। तड़ोबा टाइगर रिजर्व में महुआ बहुतायत में पाया जाता है।

              फरवरी में मेरी पत्नी के देहावसान के बाद मेरी सभी बेटियों और बेटे ने मुझे कुछ दिन आराम करने के लिये कहा। वे सभी वन्यजीव फोटोग्राफी के प्रति मेरे लगाव को जानते है इसलिये उन्होने मुझे वन्यजीव उद्यान में कुछ दिन बिताने की सलाह दी।

 

? दिग्विजय सिंह

(लेखक अखिल भारतीय कांग्रेस के महासचिव एवं मधयप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री है।)


अमीरी का ख्वाब दिखा लूट रहीं : फर्जी कम्पनियॉ

        ज विद्यालयों में बढ़ती हिंसा चिन्ता का विषय है। बच्चों की शिक्षा और परवरिश बहुत कठिन हो चले हैं। विद्यालयों के परिसरों का हिंसा के अखाड़ों में तब्दील हो जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। विद्यालय का अर्थ है-विद्या का आलय, घर या मंदिर। सचमुच, विद्यालय ज्ञान के मंदिर हैं, जहां विद्यार्थी विद्याधययन करने जाते हैं, हिंसा का पाठ पढ़ने नहीं। फिर वे हिंसक क्यों हो चले हैं ? उनमें हिंसा के बीज कहां से आ जाते हैं ?

? डॉ. सुनील शर्मा


पीके घर आज प्यारी दुल्हनिया चली

       बिदाई के समय बेटियों को धार धार रुलाने वाली यह पुरकशिश आवाज की मलिका अब हमारे बीच नहीं है। पर उनकी आवाज का जादू आज भी हमारे सर चढ़कर बोलता है। गीत कोई भी हो, यदि उसे शमशाद जी गा रही हैं, तो तय है यह कंटीली आवाज आपको चुभेगी नहीं। भीतर तक उतर जाएगी। ऐसी आवाज जो रोशनी की तरह बिखरकर पूरे जिस्म में उतर जाती है। लगता है किसी विरही ने अपने प्रियतम के लिए ऐसी तान छेड़ दी है,जो सीधे दिल पर उतर रही है। विरह वेदना से झुलसती नायिका की पीड़ा को यदि किसी ने अपने आवाज दी है, तो वह है केवल शमशाद बेगम। उनकी आवाज का खुरदरापन कभी एक ऐसी टीस पैदा करता है, जिसे समझकर कोई भी तड़प सकता है।

 

? डॉ. महेश परिमल


नर्मदा : सूखती और प्रदूषित नदी की धारा

        ज सभी विकासशील देशों में पेयजल का संकट गहरा रहा है। जहां तक भारत का प्रश्न है नदियों, झीलों, तालाबों और कुओं से हमें जो जल मिलता है, उसका 70 प्रतिशत प्रदूषित होता है। कभी जीवनदायिनी रहीं हमारी पवित्र नदियां आज कूड़ा घर बन जाने से दम तोड़ रहीं हैं। गंगा, यमुना, नर्मदा आदि नदियों के सामने खुद का अस्तित्व बरकरार रखने की चिंता उत्पन्न हो गई है। बालू के नाम पर नदियों के तट पर कब्ज़ा करके बैठे माफियाओं एवं उद्योगों ने नदियों की सुरम्यता को अशांत कर दिया है।

? राखी रघुवंशी


  29अप्रेल-2013

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