संस्करण: 29जून-2009

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बिछड़े कांग्रेसियों के एक हो जाने का स्वर्णिम अवसर  यू.पी.ए. की पुनरावृत्ति ने दिया कांग्रेस की एकता और मजबूती का नया संदेश
रतीय लोकतंत्र में नये नये राजनैतिक दलों का गठन होना और फिर आपस में मिलकर समय समय पर उनका गठबंधन होते रहना कोई नई बात नहीं रह गई हैं। >राजेंद्र जोशी


सियासत और वकालत का झगड़ा है भाजपा में


15वीं लोकसभा के लिए भाजपा के 116 सांसद जीते हैं जो उसे सदन में दूसरे नम्बर की सबसे बड़ी पार्टी बनाते हैं व इस नाते उसे विपक्षी दल का दर्जा भी दिलाते हैं। भाजपा की गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखण्ड,में अपने दम पर सरकार है,>वीरेंद्र जैन


भाजपा का फैसला : हम सिर्फ हिंदुओं की पार्टी है

अंतत: भारतीय जनता पार्टी ने यह तय कर लिया है कि वह अपने मूल स्वरूप को कायम रखेगी। एक लंबी बहस के बाद उसने यह तय किया है कि वह न तो हिंदुत्व को त्यागेगी और न ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपने संबंध  तोड़ेगी। इससे यह स्पष्ट है >एल.एस.हरदेनिया


मुल्क की एकता और तरक्की हिन्दोस्तानी ख्याल में पैवस्त है
 14वीं लोकसभा और अब 15वीं लोकसभा चुनाव यानि लगातार दो आम चुनावों में मिली शर्मनाक शिकस्त के बाद भी लगता है कि मुल्क की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी ने कोई सबक नहीं लिया है. >जाहिद खान


'आक्रामक शाकाहारवाद' का वक्त ?

टली से ख़बर आयी है कि मिलान के लोम्बार्डी इलाके की स्थानीय नगरपरिषदें इस प्रस्ताव पर गम्भीरता से सोच रही हैं कि क्या ऐसे रेस्तरां पर पाबन्दी लगायी जानी चाहिए जो गैरइतालवी खाना परोसते हैं।  >सुभाष गाताड़े


कानून के दायरे में आस्था
 हा में अमेरिका के एरिजोना शहर के क्राइस्ट द किंग चर्च के पादरी रिचर्ड पेण्टल को दस दिन के लिए कैद की सज़ा पर भेज दिया गया तथा तीन साल तक उसकी नौकरी की प्रोबेशन को बढ़ा दिया गया। >अंजलि सिन्हा


तालिबानियों की राह पर भारतीय माओवाद
भारत में 15 राज्यों में सक्रिय माओवादियों ने अब अपनी रणनीति बदल दी है। पहले से ही केन्द्र और राज्य सरकारों की नाक में दम करने वाले माओवादी और आक्रामक हो गए हैं। पश्चिम बंगाल की लालगढ क़ी घटना में तालिबानी रणनीति की झलक दिखाई दे रही है। >एम.के.सिंह


श्रीलंका : तो नहीं बिगड़ते हालात
र्षों तक खौफ, दहशत और रक्तपात के साय में जिंदगी गुजारने वाले को अगर अथक प्रयास और कुर्बानियों के बाद इससे मुक्ति मिल जाए तो वो क्या करेगा. जाहिर है जशन के नशे में चूकर होकर वो खौफजदां पलों को भूलाने का प्रयास करेगा. एलटीटीई के सफाए के बाद श्रीलंका भी यही कर रहा हों >नीरज नैयर


समस्त धाराओं को बौना साबित करते दलितों पर अत्याचार
 मारे देश में दलित उध्दार की बातें बहुत सुनी जाती हैं। सरकारी घोषणाओं को सुनकर ऐसा लगता है कि अब दलितों पर अत्याचार होना बंद हो जाएगा। दलित उध्दार के जुमले नेताओं के लिए वाणी विलास बनकर रह गए हैं। देखने में तो यहाँ तक आ रहा हैं >डॉ.महेश परिमल


भूख का बढ़ता दायरा

 पिछले सप्ताह महगाई की दर नकारात्मक होने की खबर के साथ ही उ.प्र. में भूख से पिता-पुत्र की मौत की खबर भी पढ़ने को मिली। वास्तव में घटती मंहगाई की दर से गरीबों की दीवाली होना थी,पर खाद्यानों की बढ़ती कीमतों ने अच्छे अच्छों का दिवाला निकाल दिया है।  >डॉ.सुनील शर्मा
 


युवा पीढ़ी रोक सकती है : कन्या भूरण हत्या
 ह कटु सत्य है कि भारत में कन्या भ्रूण हत्या रोकने की सभी चेष्टाएं विफल रही हैं और आज भी यह गंभीर चुनौती के रूप में हमारे सामने है। यद्यपि इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया द्वारा ऐसे कई विज्ञापन एवं लेख निरंतर जारी किये गये जिनके माध्यम से जनता की संवेदना को जीवंत कर इस बुराई को दूर किया>डॉ.गीता गुप्त



29 जून 2009

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