संस्करण: 28जुलाई-2008

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सड़कों पर उतरा राज्य कर्मचारियों का असंतोष

शासकीय अमला सरकार की रीढ़ की हड्डी होता है। मध्यप्रदेश में यह रीढ़ की हड्डी कितनी मज़बूत है, इसकी हकीकत अब खुलकर सामने आने लगी है। अपने मुँह, मियां मिट्ठूँ बनने वाली इस सरकार ने प्रदेश में विभिन्न स्तरों  >अजय सिंह 'राहुल'

      


चुनावी सुधारों को जारी रखने की जरूरत
देश में दलबदल विरोधी विधेयक  आने के पूर्व तक किसी दल की राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता का केवल इतना ही मतलब होता था कि उस पार्टी द्वारा टिकिट दिये जाने की स्थिति  >वीरेन्द्र जैन


संसद में विश्वास जीता सांच को नहीं आई आंच
केन्द्र की यू.पी.ए. सरकार ने संसद के दो दिवसीय विशेष सत्र में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा प्रस्तुत विश्वासमत को 256 मतों के विरूध्द 275 मतों 
>राजेन्द्र जोशी


  

नैतिक हार कांग्रेस की नहीं,भाजपा की हुई है
संसद में हुए मतदान के बाद भारतीय जनता पार्टी एवं लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता श्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि ''संख्या के खेल में कांग्रेस सरकार की जीत भले ही हो >एल.एस.हरदेनिया


शह-मात के खेल में फंसी भाजप
दिल्ली का तख्त हासिल करने का ख्वाब लिये भारतीय जनता पार्टी की स्थिति बड़ी ही दुविधापूर्ण है। पार्टी की रीढ़ या मेरूदण्ड कहे जाने वाले संगठन महामंत्री और प्रदेश के मुखिया से तालमेल न होने   >राजेन्द्र श्रीवास्तव


हमारी जम्हूरियत में खुमानलीमा
क्या इरोम शर्मिला की मांग पूरी होगी ?

अगर आप को जिन्दगी के साठ बसन्त पार कर चुकी खुमानलीमा (Khumanleima) के बारे में बताया जाए तो क्या आप पहचान सकते हैं ? सम्भवत: नहीं। खुमानलीमा ने  >सुभाष गाताड़े


करार पर रार, पता नहीं आधार
हमारे देश में हर अच्छे काम के विरोध की परंपरा सी बन गई है. यहां तक की देश हित के मुद्दे भी इससे अछूते नहीं हैं. आजकल परमाणु करार को लेकर मुल्क में बवाल मचा हुआ है. संसद से लेकर सड़क तक हर कोई यही साबित करने पर तुला है >नीरज नैयरी

              


अंधविश्वास के यज्ञ में जन-धन की आहूति
 भारत सदियों तक अंधविश्वासों की जंजीरों में कैद रहा हैं, जिससे मुक्त होने के लिए हमें लंबा संघर्ष करना पड़ा हैं। इसके बावजूद अंध विश्वास को बढ़ावा देने वाले आज भी है। इसी के चलते कभी देवी प्रतिभा के आगे >डॉ. दर्शना सिंह


कहां तक भागोगे? तेजाब हमलों पर सार्थक पहल
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसने तेजाब फेंकने के अपराध  के खिलाफ सख्त सजा वाले कानून में संशोधान का मसविदा तैयार कर लिया है तथा उस पर सभी राज्यों की मंजूरी भी ले   >अंजलि सिन्हा

     


लक्ष्य से दूर होती शिक्षा
जब भारत पराधीनता की जंज़ीरों में जकड़ा था, तब ब्रिटिश राजनेता विंस्टन चर्चिल ने कहा था कि किसी भी देश की सभ्यता-संस्कृति को नष्ट करना हो तो उस देश की शिक्षा प्रणाली बदल दो >महेशबाग़ी


क्या सेमेस्टर पध्दति से उच्चशिक्षा में गुणवत्ता आयेगी ?

मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर हाय-तौबा मची हुई है। मज़े की बात तो यह कि चिन्तित वे लोग हैं, जिनका शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। समाधान भी वे ही सुझाने के  >डॉ. गीता गुप्त

    


अंग्रेजी वर्चस्व के भाषाई संकट
अंग्रेजी वर्चस्व चाहे उसका विस्तार औपनिवेशिक साम्राज्यवादी नीतियों के लिए हुआ हो अथवा भू-मण्डलीयकरण के बहाने बाजारवाद को बढ़ावा देने की दृष्टि से, >प्रमोद भार्गव
 

एन.जी.ओ के रास्ते विकास की नयी संभावनायें
देश की प्रसिध्द पर्यावरण पत्रिका डाउन टू अर्थ के 30 अप्रेल 2008 के अंक में एक कार्टून प्रकाशित हुआ है, इस कार्टून में एक सरकारी कर्मचारी अपने सीने पर एन.जी.ओ का टेग लगाये हुए प्रदर्शित है  >डॉ. सुनील शर्मा


नारी, तुम सचमुच शक्ति हो
महिलाओं के स्वालम्बन और आत्मनिर्र्भर होने की बात हमेशा कही जाती है, पर इसे चरितार्थ करने के नाम पर केवल बयानबाजी  >डॉ. महेश परिमल

28जुलाई2008

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