समझौते वाले दल को वोट देना चाहिये। इस सौदे में उनका कोई सैध्दांतिक आधार नहीं होता अपितु सौदे से मिलने वाली प्रस्तावित सुविधाएं ही उनके समर्थन का आधार बनती हैं। कई बार ये दूसरे प्रमुख दलों के टिकिट वंचित लोकप्रिय व्यक्ति को टिकिट बेच देते हैं और जाति के आधार पर भावुक हुये अपने जाति भाइयों के वोटों का सौदा कर लेते हैं। गत आम चुनाव में समाजवादी पार्टी ने भाजपा के साथ गुप्त समझौता किया था और सभी क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार खड़े कर दिये थे ताकि काँग्रेस को जाने वाले मुस्लिम वोटों में सैंध लगायी जा सके। इस सौदे के परिणाम स्वरूप वे तो नहीं जीते पर काँग्रेस को इक्कीस सीटों पर हार का मुँह देखना पड़ा था। बहुजन समाज पार्टी से अलग हुये दो गुटों समानता दल व लोकजनशक्ति पार्टी ने वोट काटने के ऐसे ही सौदे किये तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एनसीपी और सवर्ण समाज पार्टी समेत राष्ट्रीय जनता दल जेडी(यू) आदि ने भी सत्य को जानते समझते हुये गैर सैध्दांतिक गुप्त समझौते के आधार पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।
समाचार है कि अपने कार्यकलापों से आतंकित भाजपा ने अपने वोटों के प्रतिशत में जबरदस्त कमी होने की आशंका को स्वीकार कर लिया है और वोट काट कर चुनावी लाभ लेने की उसकी तिकड़में उफान पर हैं। इन दिनों उसके चुनावी प्रबंधक दैनिक आधार पर वोट काटने वाले दलों के साथ बैठकें कर रहे हैं ताकि असंतोष का लाभ काँग्रेस को नहीं जा सके।
भाजपा ने घोषणा की हुयी है कि वह अपनी ओर से आगामी सभी विधान सभा लोक सभा चुनावों में तैतीस प्रतिशत टिकिट महिलाओं को देगी। उल्लेखनीय है कि अभी उसके एक सौ छियासठ विधायकों में से कुल चौदह महिलाएं हैं। वादा पूरा करने पर उसे कम से कम सौ टिकिट महिलाओं को देने होंगे। इस समय उसके यहाँ चुनाव जीतने योग्य नेतृत्व करने वाली महिलाओं की इतनी संख्या नहीं है इसलिए महिला आरक्षण लागू होने से पूर्व वादे को पूरा किये जाने की संभावना कम है। पर यदि उन्होंने ये टिकिट दे दिये तो वर्तमान पुरूष विधायकों में से कम से कम सत्तर विधायकों के टिकिट काटने होंगे या महिलाओं को केवल सुनिश्चित हार वाली सीटों से टिकिट देकर दिखावा करना पड़ेगा।
भाजपा में बार बार गुजरात मॉडल की नकल करने की बात की जाती रही है, पर यदि ऐसा होता है तो स्मरणीय है कि गुजरात में पचास विधायकों के टिकिट काट दिये गये थे तब जाकर वहाँ चुनाव में अपना नुकसान बचा सके हैं। इसके बावजूद भी वहाँ उनकी सीटों की संख्या घटी है और उनके छह मंत