संस्करण: 28 दिसम्बर-2009

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वोट क्यों नहीं देंगे आप ?

क्या वोट नहीं डालने पर आपको दंडित किया जाना चाहिए ? क्या आपको आर्थिक दंड दिया जाना चाहिये ? आपका राशनकार्ड जब्त कर लिया जाना चाहिए ? आपकी तरक्की रोक देनी चाहिये या फिर आपको चुनाव लड़ने से>शब्बीर कादरी


 

संदर्भ : गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में अनिवार्य मतदान कानून
जम्हूरियत का निजाम या तानाशाही


गुजरात की मोदी सरकार भले ही मुल्क में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार हो, लेकिन उसके फैसलों से जब-तब तानाशाही की झलक दिखाई देती रहती है। मोदी सरकार का ताजा फरमान है, सूबे में स्थानीय निकाय >जाहिद खान


 

डूबती नाव का खिवैया
 

ख़िरकार भाजपा अध्यक्ष का फैसला हो ही गया। नितिन गडकरी जैसे गुमनाम नेता के नेतृत्व में भाजपा कोई कमाल दिखा सकेगी, इसकी संभावना क्षीण ही है। राजनाथ सिंह ने जिस बेमन से अध्यक्ष पद छोड़ा है, उसे स्पष्ट हो>महेश बाग़ी


 

वक्त का तकाजा-
जवान हुई राजनैतिक पार्टिया


'ओल्ड इज़ गोल्ड' और 'पुराने चावल की महक' जैसी कहावतें अब अप्रासंगिक होने लगी है। स्वर्णधातु जितनी पुरानी होती है उतनी ही उसकी चमक बढ़ती जाती है और चावल जितने पुराने होते हैं, पकने>राजेंद्र जोशी


 

रूचिका काण्ड :
न्याय पाने का लम्बा सफर


संसद में ऐसे मौके कम ही आते हैं कि समूचा सदन एक सुर से किसी घटना के प्रति अपने आक्रोश को प्रगट करे। मंगलवार 22 दिसम्बर को राज्यसभा में ऐसा एक वाकया पेश हुआ जब सीपीएम से सम्बध्द सांसद सुश्री>अंजलि सिन्हा


 

चोरियों पर चुप रहने की
भाजपा की मजबूरी या चालाकी


भाजपा टैक्स बचाने वाले व्यापारियों की प्रिय पार्टी रही है, और कहा जाता रहा है कि जब ऐसा कोई व्यापारी लुट जाता था या उस के यहाँ चोरी हो जाती तो उसकी मजबूरी होती थी कि वह लूटी गयी>वीरेंद्र जैन


राम को नोंचती भाजपा

भारतीय जनता पार्टी द्वारा सम्पूर्ण स्वर्णिम मध्यप्रदेश में निकाय चुनावों के दौरान मंहगाई की झुठी अर्थी निकाली जा थी और राम नाम सत्य है जैसे उद्धोष किये जा रहें थे। एसी ही एक अर्थी निकाली जा रही थी तो>डॉ. मृत्यंजय जोशी


 

यदि बुन्देलखण्ड राज्य बना तो
वहां संविधान का नहीं
बाहुबलियों का शासन होगा

पृथक तेलंगाना की मांग के बाद देश के विभिन्न कोनो से नए राज्यों के गठन की मांग उठने लगी हैं। जिन पृथक राज्यों की मांग उठ रही है उनमें पृथक बुन्देलखण्ड की मांग भी शामिल है। पृथक बुंदेलखण्ड की मांग उत्तरप्रदेश की >एल.एस.हरदेनिया


 

संदर्भ : रंगनाथ मिश्र आयोग की सिफारिश
त्रिभाषी फार्मूला
सभी राज्यों के लिए हितकारी होगा

 

शिक्षा के क्षेत्र में त्रिभाषी-फार्मूला लागू करने का विचार सर्वथा नवीन नहीं है। समय-समय पर मनोविज्ञानी, भाषाविद्, समाजशास्त्री और शिक्षाविद् इस फार्मूले को अपनाने का सुझाव देते आए हैं किंतु अद्यपर्यन्त इस>डॉ. गीता गुप्त


 

ग्लोबल वार्मिंग:
बचने के तरीकें है अनेक

 

कोपेनहेग जलवायु सम्मेलन कार्बन कटौती में किसी बाध्यकारी फरमान के बगैर खत्म हो गया। भारत सहित अनेक देशों को विकास के प्रवाह की चिंता से मुक्ति मिली। लेकिन इससे धरती के बढ़ते ताप से जलवायु>डॉ. सुनील शर्मा


 

दिलचस्प शोध
पुनर्जन्म को मिलने लगी वैज्ञानिक मान्यता

 

लीजिए साहब, अब यह पता चल गया कि सेलिना जेटली पिछले जन्म में मर्द थी, उसने द्वितीय विश्वयुध्द में जर्मन सेना के साथ भाग लिया था और उसके पेट के बायीं तरफ गोलियाँ लगी थीं। आज भी उसके पेट>डॉ. महेश परिमल


28िसम्बर -2009

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