संस्करण: 27 अगस्त-2012

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT


कोयला और कैग पर

भाजपा की दोगली राजनीति

           मैं बिल्कुल यह मानने को तैयार हूं कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोयला ब्लॉक आवंटन में 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपए का घोटाला किया है बशर्ते मध्यप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, बिहार आदि रायों की सरकारें यह स्वीकार कर लें कि इन रायों में हुए कार्यों को लेकर कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (कैग)ने जो रिपोर्ट दी हैं वे अक्षरश: सत्य हैं और वास्तव में यहां घोटाला हुआ है। यदि यह राय यह मानने को तैयार नहीं हैं तो फिर इस बात में कोई गुंजाइश नहीं बचती कि कोयला ब्लॉक आवंटन को लेकर कैग ने जो रिपोर्ट दी है उस पर भारतीय जनता पार्टी दोगली राजनीति कर रही है।

? विवेकानंद


हेमा मालिनियां और अन्ना रामदेव

        हेमा मालिनी अपनी युवा अवस्था में भारतीय सौन्दर्यबोध की मानक अभिनेत्री रही हैं, और देश के व्यापक फिल्म दर्शक जगत में विख्यात रही हैं। फिल्मी दुनिया में जब दूसरी नयी और अपेक्षाकृत युवा अभिनेत्रियां उन्हें पीछे छोड़ने लगीं तब उन्होंने विज्ञापन फिल्में करना शुरू कर दीं। यह वही समय था जब किसी भी तरह वोट हथिया कर सत्ता पर अधिकार करने के लिए भाजपा उतावली थी सो उसने साधारण जन को बरगलाने के सारे हथकण्डे अपनाये।   

? वीरेन्द्र जैन


संस्कृति रक्षकों का गुस्सा

   र्चित नाटयनिदेशक भानु भारती, जिन्होंने रविन्द्रनाथ टैगोर की 150 वीं जयन्ती पर एक अलग ढंग के नाटक 'तमाशा न हुआ' की प्रस्तुति की, जिसे देश भर में सराहा गया, उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि कुछ लोग उसे ''राष्ट्रविरोधी'' घोषित कर उनके खिलाफ पुलिस केस करने का ऐलान करेंगे। पिछले दिनों यही नज़ारा सभी के सामने नमूदार था जब भोपाल में उसके प्रदर्शन के दौरान संघ-भाजपा समर्थकों ने उसे ''राष्ट्रविरोधी''घोषित कर निदेशक भारती को भला बुरा कहा और पार्टी की सांस्कृतिक इकाई के मुखिया ने निदेशक महोदय पर पुलिस केस करने का भी ऐलान किया।

? सुभाष गाताड़े


मध्ययुगीन टापू बन गया है मध्य प्रदेश

          हिंदुत्ववादी राजनीति की अतीतजीविता के चलते उसके संक्रमण में आए क्षेत्र आधुनिक दुनिया से घिरे ऐसे मध्ययुगीन टापुओं में तब्दील हो जाते हैं जहां सामाजिक गतिविज्ञान सामंती और बर्बर मध्ययुगीन मानकों से संचालित होने लगते हैं। जिसका सबसे दुखद पहलू होता है समाज के सामूहिक विवेक का अचानक कई सदियों पीछे लौट जाना। मध्य प्रदेश में आज बिल्कुल यही सब होता दिख रहा है। जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बाहरी तौर पर प्रतीकों के स्तर पर उसे एक ऐसे राज्य में तब्दील कर दिया है जिसकी तुलना गुजरात के अलावा किसी दूसरे राज्य की मौजूदा सामाजिक परिवेश से नहीं की जा सकती।

? शाहनवाज आलम


मप्र में परिवहन व्यवस्था का जनाज़ा

         ध्यप्रदेश की भाजपा सरकार आम जनता के हितों का संरक्षण करने का दंभ भरती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विभिन्न वर्गों की पंचायतें आयोजित कर उनकी समस्याएं जानते हैं और उन्हें दूर करने के लिए घोषणाओं के अंबार लगा देते हैं। वे अब तक दो दर्जन से अधिक पंचायतें कर चुके हैं, जिनमें की गई घोषणाओं में से कितनी घोषणाएं पूरी हुई हैं, यह बताने की जरूरत नहीं है। लगभग हर पंचायत से जुड़े लोग सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगा चुके हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री नित नई पंचायत आयोजित करने का ताना-बाना बुनते रहते हैं।

 ?  महेश बाग़ी


अवसरवादी संघ परिवार असम की आग

पर सेंक रहा है रोटियां

                  संघ परिवार सहित अनेक निहित स्वार्थी समूह और व्यक्ति असम में हुई हिंसक घटनाओं के लिये पूरी तरह बांग्ला देशी मुसलमानो को जिम्मेदार बता रहे हैं। इसके लिये दूर जाने की आवश्यकता नही है। संघ परिवार का प्रचार तंत्र ही जोर-शोर से इस भाषा में बोल रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्य के 12अगस्त के अंक में कव्हर पेज पर असम की घटनाओं का विवरण अत्यधिक भड़काउ शीर्षक से प्रकाशित हुआ है। शीर्षक है ''बांग्लादेशी घुसपैठियों ने रचाया यह खूनी खेल अंगारो पर असम। सोनिया पार्टी की देशघाती राजनीति''। शीर्षक से ज्यादा भड़काऊ है समाचार की भाषा।

? एल.एस.हरदेनिया


व्यवस्था से हारते हुए

सेना के जवान

      विकट परिस्थितियों में भी हिम्मत बरकरार रखकर दुश्मनों के छक्के छुड़ा देने वाले हमारी सेना के जवान अपनी घरेलू और विभागीय परेशानियों से हताश होकर आत्महत्या कर ले रहे हैं। सेना की ही रिपोर्ट बताती है कि औसत सौ जवान प्रतिवर्ष खुदकशी करते हैं। बीती आठ अगस्त को जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में तैनात बख्तरबंद डिवीजन के एक जवान द्वारा आत्महत्या कर लेने से इस वर्ष अब तक आत्महत्या करने वाले जवानों की संख्या 63 तक पहुँच गई है और बीते दस वर्षों में कुल 1100के करीब जवानों ने अपनी जीवन लीला समाप्त की है!

? सुनील अमर


संदर्भ : दिल्ली में गौरैया राज्य पक्षी घोषित

गौरैया के संरक्षण के लिए

      मारे घर आंगन को अपनी चहचहाहट से हर दम गुलजार करने वाली नन्हीं सी चिड़िया गौरैया के संरक्षण के वास्ते आखिरकार दिल्ली सरकार आगे आई है। गौरैया की तेजी से घटती संख्या को लेकर पैदा गंभीर चिंता के बीच सरकार ने हाल ही में इसे राज्य पक्षी घोशित कर दिया। दिल्ली में गौरैया संरक्षण अभियान की बकायदा शुरूआत करते हुए, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दिल्लीवासियों को यकीन दिलाया कि सरकार गौरैया के संरक्षण के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगी।

? जाहिद खान


क्या हम आपदा प्रबंधन के मामले में फिसड्डी हैं?

        स साल जून-जुलाई की भीषण गर्मी और मौसम विज्ञान की तमाम अटकलों के बीच मानसून ने अपने विविध रंग दिखाए हैं। जहॉ जुलाई में देश का अधिकांश हिस्सा सूखे की दहशत में था तो अब गुजरात,हरियाणा और पंजाब को छोड़ वाकीं  मानसूनी बारिश का हिस्सा बाढ़ में डूब रहा है। सूखे के लिए प्रसिद्व राजस्थान के जयपुर में कुछ ही घण्टों के दौरान हुई 12 इंच बरसात ने जयपुर शहर और आसपास के हिस्सों में आपदा की स्थिति खड़ी कर दी है। अकेले जयपुर शहर में वर्षाजन्य हादसों में लगभग एक दर्जन लोगों के मरने की खबर है।

? डॉ. सुनील शर्मा


महिला उत्पीड़न महज़ कानून से नहीं रूकेगा

       हिलाओं की सुरक्षा हेतु कानूनों की उपलब्धता के बावजूद समाज में उनका यौन उत्पीड़न निरन्तर बढ़ रहा है। यह एक भयानक, संवेदनहीन, विकृत समाज की निशानी है। पहले गोहाटी की घटना, फिर दाहौद में एक छात्रा के साथ बलात्कार-काण्ड, फिर सहारनपुर में एक छात्रा के साथ गैंग रेप की घटना और अब गीतिका शर्मा का आत्महत्या प्रकरण सुर्खियों में है जिसके कारण हरियाणा के मंत्री गोपाल काण्डा को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। हाल ही में आईआईटी बेंगलुरू की एक छात्रा के साथ परिसर में ही दुष्कर्म का मामला सामने आया है।

    

? डॉ. गीता गुप्त


फिल्म समीक्षा के बहाने

गैंग वासेपुर-2 , गोबरपट्टी की राजनीति पर चुटीला व्यंग्य

        दुर्भाग्य से हमारे यहाँ फिल्मों जैसे बहुआयामी माध्यम को साहित्य से कमतर ऑंका गया है और यही कारण रहा कि टीवी आने से पूर्व लम्बे समय तक इस प्रभावशील माध्यम को लोगों ने ऐसी गणिका की तरह लिया जिससे केवल छुप कर ही मिला जा सकता है, और सार्वजनिक रूप से बुराई की जाती है। जब तक इस माध्यम से पैसों की बरसात नहीं होने लगी तब तक तथाकथित भले घर के लोगों ने अपनी महिलाओं को इसमें भूमिका निभाने की अनुमति देना तो दूर दिखाना भी गुनाह समझा।

? वी. जैन


  27 अगस्त2012

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved