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अपनी अक्षमता, अकर्मण्यता और अदूरदर्शितापूर्ण ढंग से राज का संचालन करने वाली भाजपा की सत्ता अपनी कमजोरियों को छुपाने के लिए जिस तरह से कुतर्कों का सहारा ले रही है, उनका अब प्रदेश की जनता की नज़र > अजय सिंह 'राहुल'


कुरान में आतंकी हमलों को कोई मंजूरी नहीं

भारत समेत विदेशों में आतंकी हमलों ने ऐसी धारणा बनाई है, मानो जिहाद कुरान की शिक्षा के केंद्र में हो। सबसे पहली बात, जैसा कि हम लगातार निश्चयपूर्वक कहते रहे हैं, कुरान में जिहाद का मतलब युध्द नहीं है, >असगर अली इंजीनियर


मालेगांव से मोडासा :

अब बेपर्द होते हिन्दू आतंकवादी

रमजान के महिने में महाराष्ट्र के मुस्लिम बहुल मालेगांव और गुजरात के साबरकांठा जिले के अल्पसंख्यक बहुल मोडासा में लगभग एक ही वक्त एक ही तरीके से बम विस्फोट हुए। एक ऐसे वक्त में  >सुभाष गाताड़े


  

राज ठाकरे तुम्हारी गुंडागर्दी से देश टूट सकता है

राज ठाकरे और उसके गुंडों ने एक बार फिर उत्तर भारतीयों पर हमला बोल दिया। दिनांक 19 अक्टूबर 2008 को मुंबई में रेलवे में भर्ती के लिए एक परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा देने अन्य स्थानों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश > एल.एस.हरदेनिय


राष्ट्र की सम्प्रभुता को राज ठाकरे की चुनौती

भारत एक धर्मनिरपेक्ष लोकतान्त्रिक देश है। यहाँ के संविधान ने अपने नागरिकों को अनेक मौलिक अधिकार प्रदान किये हैं। तदनुसार कोई भारतीय नागरिक अपने देश में कहीं भी निवास कर सकता है।सन् 1947 में देश का > डॉ.गीता गुप्त


क्षेत्रीयता, धर्म, भाषा और जातियों के नाम पर एकता के देश में अनेकता की राजनीति

'हम सब एक हैं' का नारा क्या सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है ? यह प्रश्न सचमुच भारत की एकता और अखंडता के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती पैदा कर रहा है। धर्म, जाति, संप्रदाय और भाषा के नाम पर 'अनेकता में एकता'  > राजेन्द्र जोशी


लोकतंत्र की राह के काँटे

हमारे देश में लोकतंत्र ने कुछ इस तरह से अपनी जगह बनायी है जैसे कि रेल के जनरल डिब्बे में चार लोगों के बैठने की सीट पर पहले से ही छह लोग बैठे होते हैं और सातवाँ व्यक्ति अपनी बीमारी बुढापे या किसी अन्य दयनीयता का प्रदर्शन कर उस सीट पर अपने लिए जगह बना लेता है। >वीरेन्द्र जैन


आर्थिक मंदी के लाभ

आम नागरिक किसान और मजदूर को मौजूदा आर्थिक मंदी से चिंतित होने की जरूरत नहीं है। सरकार यदि इस मंदी के चलते डूबने वाली कंपनियों को उबारे जाने वाले उपयों के तहत करोड़ों -अरबों रूपयों के राहत पैकेज >प्रमोद भार्गव


मंदी की चपेट में दुनिया

इतिहास की पुनरावृत्ति

अमरीका इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। अमेरिकी राषî