संस्करण: 27जूलाई-2009

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT

रीता बहुगुणा-मायावती प्रकरण
भाजपा की भाषा प्रयोग करने के भटकाव

त्तर प्रदेश काँग्रेस पार्टी की अध्यक्ष श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी ने कुमारी मायावती के लिए जिस भाषा का प्रयोग किया वह काँग्रेस की भाषा नहीं है। रोचक यह है कि बदले समय और परिस्थितियों में ये > वीरेंद्र जैन


कितनी बार मथुरा ? या
क्या 'बुरी औरतें' बलात्कार का
शिकार नहीं होतीं !
'वर्तमान भारतीय परिवेश में जब भी कोई महिला या लड़की बलात्कार के मामले को सामने लाती है तो वह निश्चित रूप से अपने परिवार, मित्रों, संबंधियों, पति, भावी पति आदि की नज़रों में गिरने, घृणा की पात्र बनने जैसे>  सुभाष गाताड़े


 

बैंकों के राष्ट्रीयकरण की चालीसवीं वर्षगांठ
एक कदम जिसने राजनीति और अर्थव्यवस्था की दिशा बदल दी थी

बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने वाला विधोयक जब लोकसभा में पेश हुआ तो भारतीय जनसंघ और स्वतंत्र पार्टी को छोड़कर लगभग सारे सदन ने उसका स्वागत किया था। मूल रूप से इन बैंकों को केन्द्रीय सरकार ने एक >एल.एस.हरदेनिया


 

आतंकवाद की जिन्न को करें बाहर

तंकवाद की आग में झुलस रहे भारत के लिए सुखद खबर है कि 26/11 को मुंबई बम कांड के मुख्य आरोपी कसाब ने अपराध स्वीकार करने के साथ स्वयं को पाक का नागरिक भी बताया। गुटनिरपेक्ष देशों के सम्मेलन>अंजनी कुमार झा


क्या करचोरी का मॉरिशस रास्ता बन्द होगा ?
पिछले दिनों राज्यसभा में चली बहस में वित्तामंत्री प्रणव मुखर्जी ने मॉरिशस का विशेष उल्लेख किया। उनका कहना था कि 'काले धान का स्त्रोत यहां की कम्पनियों' से निर्मित स्थिति को ठीक करने के लिए सरकार > सुभाष गाताड़े


लोकप्रिय हो रही है रेल्वे की भारत दर्शन यात्रा
सुविधा और असुविधा के बीच लोग ले रहे हैं आनंद

भारतीय रेल द्वारा आयोजित की जा रही भारत दर्शन-विशेष पर्यटन योजना इन दिनों मध्यम वर्ग के पर्यटकों और श्रध्दालुओं के बीच काफी लोकप्रिय होती जा रही है। आई.आर.सी.टी.सी. (इंडियन रेल्वे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन) >  राजेंद्र जोशी


सरकारी स्कूलों से बढ़ती दूरी

च्चों को मुफ्त भोजन, किताबें, गणवेश (डेरस), छात्रवृत्ति और शिक्षकों को अपेक्षाकृत बेहतर वेतन। ये सभी वे सुविधाएं हैं जो कि देश, प्रदेश के सरकारी स्कूलों में उपलब्ध कराने का दावा सरकार की ओर से किया जाता है।>अमिताभ पांडेय


एन.जी.ओ और सरकारी तंत
न.जी.ओ. यानि गैर सरकारी संगठनों की विकास में बढ़ती भागीदारी तथा जनमानस में बढ़ता विश्वास इस बात को सिध्द करता है कि इस 21वीं सदी में सर्वांगीण विकास की कवायद में एन.जी.ओ की भूमिका दिनों दिन>ॉ. सुनील शर्मा


आधुनिक विकास के संकट


ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक संपदाओं का दोहन वर्तमान आधुनिक एवं आर्थिक विकास नीति का आधार है। लेकिन हमारे यहां जिस निर्दयी बेशरमी से प्राकृतिक संसाधानों का दोहन जारी है, उस परिपेक्ष्य में मौजूदा आर्थिक>प्रमोद भार्गव


पर्यावरण पर्यटन-पर्यटन का नया स्वरूप
 

 ज की भागती दौड़ती जिंदगी में जहाँ मानव मशीन की तरह सुबह से शाम तक लगा रहता है, उसे अपने व अपनों के लिए समय ही नहीं रहता, मनोरंजन के नाम पर उसके जीवन में कुछ नहीं रहता, अत: उसे जीवन>स्वाति शर्मा


खामोश परिंदों का व्यापार
क्या आप जानते है कि विश्व में जो गैरकानूनी व्यापार धांधो हैं, उसमें ड्रग और शस्त्र के बाद किसका नम्बर आता है? जी हाँ, खामोश पक्षियों का। विश्व में पक्षियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। आखिर कम कैसे ने>डॉ. महेश परिमल



27जूलाई  2009

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved