संस्करण: 26मई-2008

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT

किसने खा ली सुनील अमर गरीब की थाली

रीब की थाली नहीं रहेगी थाली का शोर मचाकर जब प्रदेश की भाजपा सरकार और उसके गरीबनवाज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गरीबों की भूख मिटाने और प्रदेश में कोई गरीब भूखा न सोने का >जसविंदर सिंह

      


दलित की बेटी और दलितों की बेटियाँ
रक्षण सामाजिक समरसता स्थापित करने और जातिवाद मिटाने का बहुत कमजोर तरीका है किंतु जब तक हमारे पास उससे अच्छा तरीका नहीं मिल जाता तब तक उसे जारी रहना चाहिये। आरक्षण यों तो >वीरेन्द्र जैन


'भैया मोदी' के राज में असुरक्षित बहनें
क्यासूबा गुजरात के कई सारे सरकारी महकमे यह भी नहीं जानते कि वर्ष 1997 में विशाखा जजमेण्ट में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए सर्वाच्च न्यायालय ने दिशानिर्देश जारी किए थे।  >सुभाष गाताड़े


  

गोधरा कांड के पीड़ित हिन्दू और मुस्लिम परिवार नाटकीय जीवन यापन कर रहे हैं
गोधारा कांड से पीड़ित हिंदू और मुसलमान परिवार नाटकिय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। न तो सरकार उनकी मदद कर रही है न ही समाज।गोधारा स्टेशन पर 2002 के फरवरी माह में साबरमती एक्सप्रेस के>एल.एस.हरदेनिया


राम से विमुख होती भाजप
से राजनीति का तकाजा ही कहा जा सकता है कि अयोधया में राम मन्दिर का निर्माण अब भारतीय जनता पार्टी के एजेण्डे में नहीं है और तो और, मन्दिर आन्दोलन से जुड़े अन्य संगठनों के शीर्ष नेता >सुनील अमर


राजनीति से ऊपर यूपीए सरकार

भारतीय राजनीति के इतिहास में शायद यह पहली बार हो रहा है कि केन्द्र की यूपीए सरकार राज्य सरकारों के हक में आगे आ रही है। यूपीए सरकार की प्राथमिकता में राज्य के विकास को लेकर है न कि>मनोज कुमार


 खेल बिक रहे है, सेवाएं बिक रही हैं-कुदरत की सौगातें कभी की बिक चुकी है
स दौर में, भारत का हर क्षेत्र, चाहे वह खेल हो, जन सेवाऐं हो या फिर राजनीति का क्षेत्र ही क्यों न हो, सब बिक रहे हैं; खुल्लमखुल्ला या तो नीलामी हो रही है या फिर मुनाफा कमाने के लिए इन क्षेत्रों को>राजेन्द्र जोशी

              


वैश्विक बाजार मे चरखा
 नाज जिंदा रहने की बुनियादी जरूरत है लेकिन आधुनिक जीवन शैली के लिए जरूरी बना दिए गए औद्योगिक उत्पाद और भोग-विलास के उपकरणों को गतिशील बनाए रखने के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक के  >प्रमोद भार्गव


भारत के लिए सिरदर्द बनेगा नेपाल
संविधान सभा के चुनाव के बाद नेपाल में जो राजनीतिक परिदृश्य उभरकर सामने आया है उससे हर कोई अचंभित है. किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि माओवादी इतने शक्तिशाली रूप में सामने आएंगे.  >नीरज नैयर

     


मच्छर पर फ़तह पाने की कोशिश
पूरी दुनिया में एड्स का हौवा है और हेपेटाइटिस के ख़तरों का शोर मचाया जा रहा है, जबकि इन दोनों से ख़तरनाक रोग है मलेरिया। हालांकि चिकित्सा विज्ञानी इस पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार शोध >महेश बाग़ी


''गांव या शहर : इनके बीच बढ़ता अंतर''

था स्थिति से असंतुष्टि मानव का स्वभाव होता है, और इसी के चलते वह पलायनवादी भी होता है, जिस क्षेत्र में जीवन-यापन मुश्किल हो जाता है या सुविधा का अभाव होता है वहां से वह उस क्षेत्र में पलायन >डॉ. सुनील शर्मा

    


पर्यावरण संरक्षण सिर्फ़सरकार का दायित्व नहीं
र्यावरण प्रकृति का उपहार है किन्तु इसके अत्याधिक शोषण से आज सम्पूर्ण विश्व संकट में है। मानवीय अनुक्रियाओं विशेषकर संसाधान-दोहन, अनुपयुक्त तकनीक का प्रयोग, ऊर्जा का अविवेकपूर्ण उपयोग, >डॉ. गीता गुप्त

 

26मई2008

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved