संस्करण: 26 अप्रेल-2010  

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माओवादियों के खिलाफ रणनीति पर
पुन: विचार करें चिदंबरम

 हॉल ही में दंतेवाडा में माओवादियों द्वारा हिंसा के बहुत बड़ी घटना को अंजाम दिया गया. इस में अर्धसैनिक बलों के 76 जवानों को मार दिया गया. इसके बाद एक बड़ी गरमा गरम बहस चल रही है. इस बहस में एक>दिग्विजय सिंह


 

गडकरी की किरकरी
 

मने सफेद बालों को सम्मान देने की कुछ ऐसी परम्परा विकसित की है कि ऊर्जावान और नवोन्मेषी युवाओं को भी वह सम्मान नहीं मिल पाता जिसके वे अधिकारी हैं, और अपेक्षाकृत उम्रदराज किंतु कम योग्य व्यक्ति भी>वीरेंद्र जैन


 

थरूर प्रकरण से सीख ले भाजपा
 

ईपीएल विवाद के कारण शशि थरूर को केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री पद से हाथ धोना पड़ रहा है। अपनी महिला मित्र सुनंदा पुष्कर की आईपीएल में भागीदारी के कारण उन्हें भारी शर्मिंदगी भी झेलना पड़ी। ख़ास बात यह है>महेश बाग़ी


 

तबादलों के पेंचकश से
क्या मजबूत हो पाती है प्रशासनिक कसावट ?

 

प्रशासन की शिथिलता और प्रशासन की ज्यादतियां, ये दोनों स्थितियां ऐसी हैं जो सुप्रशासन को परिभाषित नहीं करती हैं। प्रशासनिक पदों पर पदस्थ व्यक्तियों के पास संबंधित पद के अधिकारों के आधार पर उन्हें अपने>राजेंद्र जोशी


मप्र में ईसाईयों पर बढ़ते हमले : निष्क्रिय शासन और सक्रिय संघ परिवार


    ध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर ईसाईयों पर हिंसक हमले हो रहे हैं। इन हमलों को रोकने के लिए शासन की तरफ से कोई भी प्रभावशाली कदम नहीं उठाया जा रहा है।>एल.एस.हरदेनिया


 

ग्रामीण विकास और बैंकिंग प्रणाली


कांग्रेस की नीतियों ने भारत को महाभारत बनाने में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी। आज जिस गांव में लोग बैंकों के बारे में जानते तक नहीं थी उसी गांव में गरीब से गरीब आदमी भी रोजगार गांरटी का बैंक खाता स्वाभिमान>डॉ.मृत्युंजय जोशी


 

भारतीय बीज स्रोतों का पश्चिमीकरण

के किसान एक बार फिर संकट में हैं। मार्च के महीने में हुई अकस्मात गर्मी ने उनकी लगभग तैयार फसलों को झकझोर कर रख दिया। फलस्वरुप गेहँ के दाने सूखकर सिकुड़ गये तथा कीड़ों ने धावा बोलकर अरहर की>सुनील अमर


 

 

वैकल्पिक उर्जा के क्षेत्र में
आत्मनिर्भर होते गांव

    एक ओर जहां समूचे प्रदेश में बिजली को लेकर हाहाकार मचा है, ग्रामीण हों या शहरी क्षेत्र सभी बिजली की समस्या से जुझ रहे हैं। वहीं दुसरी ओर जिले में एक ऐसा गांव है जहां कभी अंघेरा नहीं होता। दरअसल यह करिश्मा>प्रमोद भार्गव


 

क्यों होता है सरकारीतंत्र लचर और लाचार

   बिहार के रोहतास जिले का एक छोटा-सा गाँव, नाम है केनार। इस गाँव में 11 वर्ष पहले एक बड़ी घटना हुई। गाँव के एक रसूखदार ने एक व्यक्ति को सरेआम मार डाला, और उसकी संपत्ति अपने नाम कर ली। मृतक की>डॉ. महेश परिमल


 

मजदूर दिवस 1 मई 2010 पर विशेष
वैश्वीकरण के दौर में श्रमिकों की सुरक्षा


पिछले वर्ष म.प्र. के औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप की एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में कार्यरत श्रमिकों ने अपनी मॉगो के समर्थन में हड़ताल कर दी। कम्पनी ने मॉगें तो नहीं मानी उल्टे हड़ताली कर्मचारियों की छुट्टी कर दी साथ ही कईयों>डॉ. सुनील शर्मा


26 अप्रेल -2010

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