संस्करण: 25 मार्च-2013

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नरेन्द्र मोदी ने समुद्र में डुबोये 9000 करोड़ रुपये

       9000 करोड़ रुपये कम नहीं होते। यह एक बहुत बड़ी धनराशि है। और यह वह कीमत है, जिसे गुजरात के नागरिकों को अपने 'हिंदू ह्दय सम्राट' के एक करतब पर कुर्बान करनी होगी। उनके सभी करतबों पर नहीं - केवल एक करतब पर, और वह करतब भी ऐसा जिसमें सफलता की गुंजाइश ना के बराबर है। क्या आपको यह अविश्वनीय लगता है? पढते जाएं।

?    किशुंक नाग


व्हार्टन विवाद :

मोदी जी, यहाँ आपका स्वागत नही है।

       मेरिका के पेनसिल्वानिया स्थित व्हार्टन बिजनेस स्कूल में नरेन्द्र मोदी को भाषण हेतु आमंत्रित करने तथा बाद में आमंत्रण को वापस ले लिये जाने को भिन्न-भिन्न विश्लेषकों द्वारा अलग-अलग नजर से देखा जा रहा है। जो लोग आमंत्रण को वापस ले लिये जाने का विरोध कर रहे है, उनका कहना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मानकों के विरूद्ध है। वे कहते है कि मोदी भारतीय व्यवस्था में जनता द्वारा चुने हुये व्यक्ति है और उनके नैतृत्व में हुये गुजरात के विकास पर उनके विचारों को व्यवसायिक जमात को सुने जाने की जरूरत हैं। जो उनके आमंत्रण का विरोध कर रहे है उनका तर्क है कि उन्हे आमंत्रित करना उनके संपूर्ण रिकार्ड को वैधता प्रदान करने के समान है।

? राम पुनियानी


क्या आरएसएस की हिन्दुत्व की धारणा

भारतीयता के लिए खतरा तो नहीं ?

       भारतीय जनता पार्टी जस्टिस काटजू के लेख से इतनी खफा है कि उन्हें त्याग-पत्र देने के लिए मजबूर कर रही है और यही बात केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शिन्दे के मुंह से सुन कर भी वह खफा थी। यहां तक की पूर्व गृहमंत्री श्री पी.चिदम्बरम के प्रति भी उसकी यही प्रति भी उसकी यही प्रतिक्रिया रही थी और उसने काफी हो हल्ला मचाने में कोई संकोच नहीं किया था। हाल ही में अफजल गुरू की फांसी पर भी शायद वह अपने आपको सौभाग्यशाली मानती थी,इसीलिए उसने मिठाईयां बांटने में भी कोई देर नहीं की। साम्प्रदायिक राजनीति को कैसे खेला जाता है इसका स्पष्ट उदाहरण भारतीय जनता पार्टी, आर.एस.एस. और इसकी सहयोगी संस्थाओं से समझा जा सकता है।

? दया सिंह


आतंकी को बिरयानी, निर्दोष की छंटनी

संयुक्त प्रगतिशील गठबन्धन सरकार

में यह क्या हो रहा है ?

         क्या चार साल से अधाक वक्त से जेल में बन्द किसी आतंकी को - जिसके खिलाफ तमाम सबूत बताए जा रहे हों -, कोर्ट आफ इन्क्वायरी ने उसे सेना से तत्काल बर्खास्त करने की सिफारिश की हो, जिसके खिलाफ वर्ष 2011 से एक नयी कोर्ट आफ इन्क्वायरी बैठी हो, उसे सरकारी खजाने से तमाम भत्तों के साथ तनखा भी मिलती रह सकती है?कोई भी साधारण व्यक्ति यही कहेगा कि कैसी मूर्खतापूर्ण बातें कर रहे हों। मगर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ - खासकर हिन्दुत्व आतंक के खिलाफ ढुलमूल रवैया अपना रही सरकार के चलते ऐसा मुमकिन हो रहा है।

? सुभाष गाताड़े


डी एम के की केन्द्र

सरकार से समर्थन वापसी के बाद के सवाल

      डी एम के नेता, एम करूणानिधि ने यू पी ए सरकार से समर्थन वापसी की चर्चा करके राजनीतिक सरगर्मियां  बढ़ा दी हैं । तमिलनाडु में श्रीलंका के तमिलों के समर्थन में लोकप्रिय आंदोलन चल रहा है ।ऐसी हालात में राज्य की किसी भी पार्टी के लिए ऐसी किसी सरकार के साथ खड़े रहना बहुत नुक्सानदेह साबित होगा जो श्रीलंका सरकार से किसी तरह से भी सहानुभूति रखती देखी जाए। जानकार बताते हैं कि समर्थन वापसी की राजनीति करूणानिधि की एक राजनीतिक चाल है और जैसा कि उनके बारे में सबको मालूम है वे अक्सर राजनीतिक सौदेबाजी कर रहे होते हैं। इस बार ऐसा नहीं लगता ।

 ?   शेष नारायण सिंह


तप और त्याग के 15 साल

                  लंबे नानुकुर के बाद 1998 में कांग्रेस की कमान संभालने वाली श्रीमती सोनिया गांधी इतने लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहने वाली पहली कांग्रेस नेता हो गई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनके 15 साल कई उतार चढ़ावों से भरे रहे। श्रीमती गांधी ने जब कांग्रेस की कमान संभाली थी, तब कांग्रेस की हालत ऐतिहासिक रूप से बद्तर थी। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इधर-उधर बिना राजा की फौज की तरह भाग रहे थे। आजीवन कांग्रेस को दान करने वाले सीताराम केसरी यद्यपि अध्यक्ष पद संभाल रहे थे लेकिन पार्टी पर से उनकी लगाम खिसकती जा रही थी। कुछ कांग्रेसी थे जो पार्टी के बिखराव की इस नस को जानते थे और आखिरकार केसरी जी को विदा करके उन्होंने सोनिया गांधी को कांग्रेस की कमान संभालने के लिए मनाया।।  

? विवेकानंद


सामाजिक समस्याएं और धार्मिक हल

      दैनिक प्रवचन के बाद होने वाले प्रश्नोत्तर कार्यक्रम में जब ओशो रजनीश से पूछा गया था कि आपके प्रवचन सुनने आने के लिए प्रवेश शुल्क लगता है जबकि अन्य स्थानों पर आने वालों को प्रसाद मिलता है तो उन्होंने उत्तर दिया था कि धर्म गरीबों के लिए नहीं है। यह उनके लिए है जो परम संतुष्ट हैं और परमात्मा को धन्यवाद देने आये हैं। मैं तो चाहूंगा कि सारे धर्मस्थलों में गरीबों के प्रवेश पर पाबन्दी लगा दी जाये क्योंकि गरीबों ने धर्मस्थलों को अस्पताल बना दिया है, जहाँ बीमार, दुखी और परेशान लोगों की भीड़ ने धर्म का स्वरूप ही बदल दिया है।

? वीरेन्द्र जैन


क्रांतिकारी करवटें ले रहे हैं लातिन अमरीका के देश

      लातिन अमेरिका क्रांतिकारी करवटें ले रहा है। यह करवट एक के बाद एक लातिन अमरीकी देशों को दुनिया के सबसे बड़े पूंजीवादी देश के चंगुल से मुक्त करा रहा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह परिवर्तन वोट और चुनाव से होता है। मुक्ति के इस सिलसिले को प्रारंभ किया फिडेल कैस्टों ने। 1959के आसपास एक क्रांतिकारी ने क्यूबा को अमरीकी साम्राज्यवाद से मुक्त किया था।

? एल.एस.हरदेनिया


प्राकृतिक आपदा में देखते-देखते तबाही

मुआवजा-वितरण पर शुरू हुई राजनीति !

        ध्यप्रदेश के किसान भाई अपनी खड़ी फसल की कटाई की तैयारी में ही थे कि एकाएक मौसम की ऐसी मार उन्हें झेलने पड़ रही है कि उनकी आशाऐं निराशा में बदलती जाने लगी। भर मार्च के महीने में ओले, बारिश और आंधी के थपेड़ों ने मध्य और पश्चिम मध्यप्रदेश के जिलों के खेतों में सर्वाधिक फसलें प्रभावित हुई हैं। हालांकि अभी फसल हानि का आकलन नहीं हो पाया है किंतु एक मोटे तौर पर राजस्व विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि करीब नौ सौ करोड़ रु (900 करोड़) से भी ज्यादा का नुकसान हो चुका है।

? राजेन्द्र जोशी


महिलाओं की गतिशीलता में बाधक है ट्रेनों की असुरक्षा

       'ट्रे में महिला से बदतमीजी करने के आरोप में सांसद को रात भर हिरासत में रहना पड़ा', 'लखनउ में तैनात आई ए एस अधिकारी ट्रेन  में महिला से दर्ुव्यवहार के आरोप में गिरतार, जेल भेजा गया।' अब ऐसी ख़बरों का आना अपवाद नहीं कहा जा सकता। अक्सर हम ऐसी ख़बरों से रूबरू होते रहते हैं। ट्रेन  के सफर में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं, जिसकी पुष्टि खुद रेलवे के आंकड़ें ही कर रहे हैं। पिछले साल यौन हिंसा तथा दर्ुव्यवहार के 200 से अधिक मामले दर्ज हुए

? अंजलि सिन्हा


चिकित्सकों की मनमानी पर  

अंकुश जरुरी

        वा और डाक्टरों से जिनका वास्ता पड़ता रहता है वे जानते हैं कि गरीब मरीज बीमारी से उतना परेशान नहीं होते जितना अधिकांश डाक्टरों द्वारा शोषण किये जाने से। अनावश्यक दवाऐं लिखने और तमाम तरह की जॉच कराने का एक ऐसा गोरखधंधा विकसित हो गया है कि इसके चंगुल से किसी भी मरीज का बच निकलना असंभव है। हालात ऐसे हैं कि अनावश्यक ऑपरेशन तक किये जा रहे हैं। दवा कम्पनी, उसके एजेंट और डॉक्टर, इनका ऐसा तंत्र विकसित हो चुका है कि मरीज सरकारी अस्पताल में जाय या झोला छाप डॉक्टर के पास, उसे लुटना ही है। मेडिकल काउन्सिल ऑफ इंडिया तक के दिशा निर्देश बेमानी साबित हो चुके हैं।

? सुनील अमर


बादलों की घटती ऊंचाई

किस खतरे की सूचक है

       स सदी के पहले दशक में अर्थात वर्ष 2000 से वर्ष 2010 तक और तब से लेकर अब तक प्रति वर्ष आसमान पर फैले बादल पृथ्वी के लगभग एक प्रतिशत निकट आ रहे हैं यानी जमीन से बादलों की ऊँचाई लगातार कम होती जा रही है ।  यह खुलासा अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा से अनुदान प्राप्त विश्वविद्यालय के एक शोध में उजागर हुआ है। न्यूज़ीलैंड के ऑकलेंड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने नासा के यंत्र मल्टी एंगल इमेजिंग स्पेक्ट्रो रेडियोमीटर की मदद से इस सदी के पहले दस वर्षों के दौरान जमीन से बादलों की ऊँचाई का गहन अध्ययन मार्च 2000 से फरवरी 2010 तक किया।    

? शब्बीर कादरी


अब केन्द्र सरकार लाएगी : सिटीजन चार्टर बिल

        सिटीजन चार्टर बिल को केन्द्र सरकार ने स्वीकृति दे दी। अब संसद में पारित होने के बाद यह बिल कानून का रूप ले लेगा। कहा जा रहा है कि जनता को निश्चित समय सीमा में सरकारी सेवा सुलभ कराने वाला यह विधेयक सरकार द्वारा विलम्ब से उठाया गया एक सही क़दम है। हैरानी की बात यह है कि सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों से नियत समय पर काम करवाने के लिए हमें कानून की आवश्यकता पड़ रही है। अलबत्ता ब्रिटेन में सर्वप्रथम 1991 में ऐसा कानून अस्तित्व में आया जो शासकीय सेवाओं तक आम जन की पहुंच सुनिश्चित करता था।

? डॉ. गीता गुप्त


  25 मार्च-2013

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