संस्करण: 25 जुलाई- 2011

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फयाज़ उस्मानी पर मत रो

कौन है वे लोग जो दो पड़ोसी मुल्कों के बीच अमन की पटरी को उखाड़ना चाहते हैं ?

    हम कैसे गुनहगार हैं, उनसे न पूछिए

वे अदालतों के पार हैं, उनसे न पूछिए

ये जुल्म ओ सितम उनके, और ये अपनी बेकसी

जो मौत के फनकार हैं, उनसे न पूछिए

-गोरख पाण्डेय

     37 साल के फयाज उस्मानी का 'कसूर' महज इतना ही था कि वह उस शख्स का बड़ा भाई था,जिसे पिछले तीन साल से अहमदाबाद बम धमाके में संलिप्तत के नाम पर जेल में ठूंसा गया है।

  ? सुभाष गाताड़े


 क्या भारतीय जांच
अधिकारी हर बार गाफिल रहेगें ?  

  मरीकी जांच एजेंसी, एफ बी आई ने कश्मीरी अलगाववादी आन्दोलन के एक नेता को गिरफ्तार किया है जिसके ऊपर आरोप है कि वह अमरीकी नागरिक होते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी,आई एस आई के लिए काम करता था । उसने अमरीका में एक संगठन बना रखा था तो प्रकट रूप से तो.......

? शेष नारायण सिंह


इंडिया अगेंस्ट करप्पशन अभियान

अरविन्द केजरीवाल भ्रम में हैं या भ्रमित कर रहे हैं ?

      ण्डिया अगेंस्ट करप्पशन के मास्टर माइंड अरविन्द केजरीवाल गत दिनों अपने अभियान के अंतर्गत भोपाल में भी आये थे और उन्होंने एक प्रैस कांफ्रेंस के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये स्वयंसेवियों से विमर्श करने के साथ साथ नगर के कुछ प्रबुध्दजनों को सम्बोधित करते हुए उनके साथ विचारों का आदान प्रदान किया था। 

? वीरेन्द्र जैन


पूर्वांचल में भी है

किसानों की समस्याऐं

    क लम्बे अरसे से सुस्त पड़ी उत्तर प्रदेश की काँग्रेसी राजनीति को पिछले कुछ वर्षों से राहुल गॉधी ने अपने नये अंदाज में आंदोलित करना शुरु किया है। इस क्रम में सबसे पहले उन्होंने दलितों के मुहल्लों में नहाना-खाना-सोना शुरु कर कॉग्रेस में उनकी विश्वास बहाली का प्रयास किया। इसी दौरान राहुल देश-प्रदेश के युवाओं से स्कूल-कॉलेजों में जाकर मिलते रहे।

? सुनील अमर


नेहरू परिवार के विरूध्द विषवमन करते नहीं थकता संघ परिवार

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दो मुखपत्र हैं। एक है हिन्दी ''पांचजन्य'' और दूसरा अंग्रेजी का ''आर्गनाइजर''। दोनों प्रति सप्ताह प्रकाशित होते है। संघ की जानी मानी नीति के अनुसार,ऐसा कोई सप्ताह नहीं गुजरता जब इन दोनों साप्ताहिकों में नेहरू परिवार के बारे में बेबुनियाद बातें न छपें और उसे हर  प्रकार से बदनाम न किया जाए।

? एल.एस.हरदेनिया


देश में क्रांति लाने का शौक है, तो राजनैतिक नहीं हरित क्रांति लायें।,

   पने राजनैतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए राजनैतिक पार्टियों, विशेषकर विपक्षी पार्टियों द्वारा क्रांति के नाम से अक्सर बखेड़ा खड़ा कर दिया जाता है। किसी भी विपक्षी दल को लगता है देश के चौतरफा विकास की लेश मात्र भी चिंता नहीं है। दिन रात सत्तारूढ़ पार्टियों की खिल्लियां उड़ाने, सरकार के जनकल्याण के कार्यक्रमों पर कुतर्क करने और अपनी सत्ता की भूख मिटाने के लिए.........

? राजेन्द्र जोशी


आश्चर्य में डालती  

मंदिरों की दौलत       

     प्राचीन व प्रतिष्ठित मंदिरों से निकल रहे धन-दौलत के खजाने आश्चर्यचकित करने वाले हैं। केरल की राजधानी तिरूअनंतपुरम् के श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर के गर्भ गृह से निकले खजाने से साबित होता है कि भारत को सोने की चिड़िया यूं ही नहीं कहा गया ? यवन आक्रांता महमूद गजनबी से लेकर फिरंगियों की ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत को लूटने की यात्राएं बेवजह नहीं कीं। भारत में सोने-चांदी, हीरे-जवाहरात के अकूत भण्डार थे।

? प्रमोद भार्गव


भूजल दोहन और भरपाई हेतु कड़ा कानून जरूरी

    'सरकार सिंचाई और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भूजल के अनियंत्रित दोहन पर लगाम लगाने की तैयारी में है, क्योंकि इससे ग्रामीण भारत में पेयजल की आपूर्ति पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। भूजल के स्रोत जरूरत से यादा दोहन के चलते सूख रहे हैं और ऐसे में पेयजल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है क्योंकि ग्रामीण भारत में 90 प्रतिशत योजनाऐं भूजल स्रोतों पर निर्भर रहती है  

? शब्बीर कादरी


गर्भनिरोधक गोलियों से स्वास्थ्य के लिए खतरा

     र्भनिरोधक गोलियों के बढ़ते प्रचलन की ख़बरों के बीच -जिसके लिए बड़ी बड़ी फार्मास्युटिकल कम्पनियों द्वारा दिए जानेवाले भ्रामक विज्ञापन कम जिम्मेदार नहीं हैं - यह आवाजें भी अब तेज हो रही हैं जो बता रही हैं कि इनका बढ़ता इस्तेमाल किस तरह महिलाओं के स्वास्थ्य पर भारी असर डाल रहा है

? अंजलि सिन्हा


देहदान का अपमान क्यों ?

    हाल ही में दो ऐसी घटनाएं घटी हैं जिनसे देहदान की महत्ता और अंगदाता के प्रति उदासीनता जैसी सच्चाई जगज़ाहिर हुई है। पहली हृदय विदारक घटना पश्चिम बंगाल स्थित झोरपाड़ा के धंताला में घटी। जहां कक्षा छठी की छात्रा बारह वर्षीय मंफी ने कीटनाशक ज़हर पीकर इसलिए आत्महत्या कर ली कि वह कमज़ोर आंखों वाले पिता को अपनी आंखें तथा किडनी की ख़राबी से पीड़ित 15 वर्षीय भाई को अपनी किडनी देना चाहती थी। मगर उसका बलिदान व्यर्थ गया क्योंकि.........

? डॉ. गीता गुप्त



25 जुलाई-2011

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