संस्करण: 25मई-2009

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT

दुर्ग में दरार

  पंद्रहवीं लोकसभा के चुनावों में कांग्रेसनीत गठबन्धन को मिली अप्रत्याशित जीत ने दक्षिण से लेकर वाम तक को अन्दर से हिला दिया है। साफ है फिलवक्त कांग्रेस एवम उसके चन्द वफादार सहयोगियों को छोड़ >सुभाष गाताड़े


विजय मिली विश्राम न समझो
   लोकसभा के इन चुनाव परिणामों को राजनीतिक दलों और सत्ता के निहित स्वार्थों से जुड़े लोग भले ही किसी तरह देखें, पत्रकार और बुध्दिज़ीवी अपनी छवि की दृष्टि से कालिदास काल के पंडितों की तरह >वीरेंद्र जैन


देश को पसंद नहीं आये कड़वे बोल

    लोकसभा निर्वाचन-2009 के प्रचार अभियान के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने देश की सत्ता पर काबिज होने के लिए जिस बुलंदी के साथ अपनी पूरी शक्ति लगा दी थी, सचमुच वह ऐतिहासिक थी। भाजपा >राजेंद्र जोशी


भाजपा के उम्मीदवार और राजनीति को
जनता ने नकारा
  लोकसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर यह सिध्द कर दिया है कि भारत का मतदाता अत्यंत परिपक्व है। उसने जो फैसला दिया है उसके अनुसार उसका मत देश को एक स्थायी सरकार के लिए, क्षेत्रीय दलों की >एल.एस.हरदेनिया


उन्मादी हाथी को लगाम
सामाजिक अभियांत्रिकी :सोशल इंजीनियंरिंग के बहाने जातीय उन्माद के असंगत गठजोड़ का प्रतीक बने हाथी को आखिरकार बहुजन ने ही लगाम लगा दी। अब मायावती के दल बसपा में दलित-ब्राम्हण-मुस्लिम >प्रमोद भार्गव


अल्पसंख्यकों ने दुबारा थामा कांग्रेस का हाथ

 15वीं लोकसभा के सारे नतीजे हमारे सामने आ चुके हैं. 2009 जनादेश का विश्लेषण सभी अपने- अपने तरीके से कर रहे हैं. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अप्रत्याशित कामयाबी चुनाव विश्लेषकों के लिए चौंकाने वाली है.>जाहिद खान


रंग लाएगी अनूठी पेंशन योजना

 केंद्र सरकार ने मई दिवस के अवसर पर एक नयी पेंशन योजना आरंभ की है। इसे सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाना चाहिए। इस देश में शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति >डॉ. गीता गुप्त


कृषि क्षेत्र के लिए   नए कदमों की आवश्यकता
 

कृषि क्षेत्र की समस्याओं से क्रांग्रेस गठबंधन की यह सरकार अनजानी नहीं है। अपने पिछले कार्यकाल के दौरान प्रतिवर्ष कृषि उत्पादों के समर्थन मूल्य मे अच्छी वृद्वि की है।किसानों की ऋण माफी का ऐतिहासिक कार्य भी >डॉ. सुनील शर्मा


कानों में जहर घोलता, ये कैसा शोर

 ज हमारे जीवन का हर क्षण तीव्र असहनीय शोर से आहत है। हमारी दिनचर्या में एक समय जो हमें ध्वनि हमें प्रिय लगती है, किसी अन्य समय वही धवनि हमें कष्टप्रद लगनें लगती है। यह जाहिर है >स्वाति शर्मा


31 मई को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस पर विशेष
धूम्रपान अर्थात मौत को बुलावा

भारत विकास के रास्ते पर अग्रसर है। देश के उज्जवल भविष्य का सपना देखते हैं तो युवा वर्ग का शक्तिशाली होना आवश्यक लगता है। लेकिन दुखद पहलु है कि भारत का युवा वर्ग नशे की चपेट में है। >निलय श्रीवास्तव
 


घटते बांध,बढ़ता बजट
हरीकरण, औद्योगिक विकास की रफ्तार ने दुनियाभर में जल, जंगल, जमीन को नुकसान पहुंचाया है। इससे सर्वाधिक हानि पर्यावरण एवं उसको बनाये रखने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले अन्य प्राणियों की हुई। >अमिताभ पांडेय




  25मई 2009

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved