संस्करण: 25अगस्त-2008

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मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार और अपराधों के नियंत्रण में सरकार की रूचि नही। (मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में जन आकांक्षाओं की अनदेखी उजागर हुई।)

स्वतंत्रता की 61 वीं वर्षगाँठ पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी में ध्वज फहराते हुए जो भाषण दिया है >दिग्विजय सिंह


राजनीति में लोकप्रियता भुनाने की नई दुकानै
एक समय देश की बहुचर्चित सांसद और जवाहर लाल नेहरू मंत्रि मंडल में वित्त मंत्रालय में राज्यमंत्री समेत कई मंत्रालयों पर पदस्थ रही श्रीमती तारकेश्वरी सिन्हा ने, देश के प्रखर विपक्षी नेता राम मनोहर लोहिया से व्यक्तिगत बातचीत में पूछा था कि >वीरेन्द्र जैन


इरशाद अली और मोहम्मद मारूफ के सूरतेहाल को जानना क्यों जरूरी है ?
क्या दो खतरनाक आतंकवादियों को दो किलो आरडीएक्स और पिस्तौलों के साथ सरेराह शहर में किसी बस से बरामद दिखाया जाए, और बस के ड्राइवर और कंडक्टर दावा करें कि वे कुछ भी नहीं जानते हैं, ऐसे किसी प्रसंग की कल्पना आप कर सकते हैं ? >सुभाष गाताड़


सत्ता के लिए उतावले आडवाणी
ख़बर है कि भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी एक और रथयात्रा निकालने का मंसूबा बना रहे है, जो कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक होगी और इस रथयात्रा के दौरान वे अमरनाथ ज़मीन मुद्दे पर जन-जागरण करेंगे।  >महेश बाग़


''माया चली इतिहास पुरुष बनने''
एक लम्बे समय से शीत युध्द के बाद जब 22 जुलाई को उ.प्र. की मुख्यमंत्री और बसपा की सुप्रीमो ने वामदल का साथ दिया और स्वयं को तीसरे मोर्चे की ओर से प्रधानमंत्री पद का भावी दावेदार निरूपित किया।  >राजेन्द्र श्रीवास्तव


मतदाताओं को रहना होगा सचेत-कहीं अपने ही पांव पर न गिर पड़े कुल्हाड़ी

प्रजातांत्रिक प्रणाली की यह अनिवार्यता है कि हर पांच साल बाद मतदाताओं को एक ऐसी चुनौती का सामना पड़ता है जिसका मुकाबला करते हुए उन्हें आगामी पांच सालों के लिए विकास के साथ ही सुख, समृध्दि, अमन चैन और परस्पर सद्भाव की स्थापना की व्यवस्था सही हाथों में सौंपने का अवसर मिलता है। >राजेन्द्र जोश


पाकिस्तान व नेपाल के नेतृत्व से अनगिनत अपेक्षायें
हमारे देश के दो पड़ोसी राष्ट्रों में महत्वपूर्ण राजनीतिक परिवर्तन हुए हैं। जहाँ पाकिस्तान में वहाँ के राष्ट्रपति ने त्यागपत्र दिया है वहीं नेपाल में एक कम्यूनिस्ट नेता प्रधानमंत्री बने हैं। संभवत: नेपाल दुनिया का दूसरा राष्ट्र है जहाँ चुनावों के जरिए किसी कम्यूनिस्ट नेता ने सत्ता संभाली है। >एल.एस.हरदेनिया


वनस्पति-पूजन बनाम पर्यावरण-संरक्षण
 पृथ्वी का पर्यावरण जैविक और अजैविक-दो घटकों में विभाजित है। जैविक घटक के अन्तर्गत इसी जीवधारी वनस्पति एवं प्राणी सम्मिलित हैं। हम केवल वनस्पतियों की चर्चा करें तो भारत में 45 हजार पेड़-पौंधों की प्रजातियाँ पायी जाती हैं।  >डॉ. गीता गुप्त


जहरीली होती नदियां
जल संपदा की दृष्टि से भारत की गिनती दुनियां ऐसे देशों में है, जहां बड़ी तादात में आबादी होने के बावजूद उसी अनुपात में विपुल जल के भंडार अमूल्य धारोहर के रूप में उपलव्ध हैं। जल के जिन अजस्त्र स्त्रोतों को हमारे पूर्वजों व मनीषियों ने पवित्रता और शुध्दता के पर्याय मानते हुये पूजनीय बनाकर सुरक्षित कर दिया था,   > प्रमोद भार्गव


बाजार के पास, मुद्दों से दूर मीडिय
भारत को गुलामी के दौर से आजादी के मुकाम तक लाने में मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन दिनों अंग्रेजों के विरुध्द देश के किसी भी कोने में होने वाले आंदोलन की चिंगारी मीडिया के माध्यम से ही पूरे देश के एक कोने से दूसरे कोने तक आग  > अमिताभ पाण्डेय


व्यवस्था के दमनचक्र में पिसता आम आदमी
श्री राम मेहरा को में पिछले 10 वर्षों से देख रहा हूँ। सुबह अपने बेग में खाने का डिब्बा और कागजों का पुलिंदा लेकर घर से निकलता है। दिन भर पशु अस्पताल में डयूटी करता है और बरसों से चल रहे नौकरी में अपने नियमितीकरण संबंधी मुकदमों और निर्णय के कागजात तथा विभिन्न आयोगों और विभागों में इस संबंध में लगाई गई अर्जियों के बारे में चर्चा करता रहता है,  >डॉ. सुनील शर्मा

जलवायु असंतुलित करता वनों का विनाश'
वन किसी भी देश की अनमोल संपदा तथा पर्यावरण का एक प्रमुख अंग होते हैं। लेकिन आज इनका विनाश एक प्रमुख पर्यावरणीय समस्या बना हुआ है। यह समस्या पेड़ों की अनियंत्रित कटाई, अधिक चारागाह,   >स्वाति शर्मा

8 सितम्बर-विश्व साक्षरता दिवस पर विशेष
कठिन डगर है साक्षरता की

हमारे देश के लिए वह दिन बहुत ही दु:खदायी रहा, जब अखबारों में सेना में भरती के लिए विज्ञापन निकाला गया। विज्ञापन में देश के युवाओं से कहा गया था कि वे देश की सेवा के लिए आगे आएँ। >डॉ. महेश परिमल

01सितम्बर2008

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