संस्करण: 24 सितम्बर-2012

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नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सी.ए.जी.) का उत्तरदायित्व

           विधिक समुदाय ने वर्ष 2000 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना की 50 वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक पुस्तक प्रकाशित की थी, जिसका शीर्षक था "Supreme but not Infallible" अर्थात ''सर्वोच्च, पर अचूक नही''। पुस्तक का असामान्य शीर्षक स्वयं विधिक समुदाय को तथा आम लोगों को यह याद दिलाने का एक प्रभावी तरीका था कि देश के सबसे बड़े न्यायालय से भी चूक हो सकती है और होती है।

? जीमोहन गोपाल

(''लेखक राजीव गाँी इंस्टीटयूट ऑफ कंटेम्परेरी स्टडीज, दिल्ली के डायरेक्टर और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बैंगलोर के पूर्व कुलपति है।'')


अवसर को साना कोई

मुलायम से सीखे

        पा नेता मुलायम सिंह यादव के बार में कहा जाता है कि वे हमेशा कहते कुछ हैं, करते कुछ हैं। ऐसे कई मौके आए हैं,जब उन्होंने पाला बदलने में जरा भी देर नहीं की। आपको याद है एटमी डील और राष्ट्रपति चुनाव का किस्सा। दोनों बार पहले धमकी दी और बाद में यूपीए के साथ खड़े नजर आए। लोकपाल पर भी सरकार को संकट से निकाल ले गए थे। अभी 16सितम्बर  को उनके भाई रामगोपाल के बयान से लगा एफडीआई पर भी ऐसा ही होने वाला है। दरअसल मुलायम की नजर प्रधानमंत्री की कुसएॅ पर है। तीसरे मोर्चे के सबसे बड़े अगुआ वही हैं।   

? डॉ महेश परिमल


आर्थिक सुधारों का

मनमोहनी मडल

   ह संभवत: दूसरा मौका है जबकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी मौन छवि से इतर कड़ा फैसला लेते हुए अंतत: मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी विदेशी निवेश की इजाजत दे दी। इससे पूर्व यूपीए के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका के साथ परमाणु समझौते के चलते भी मनमोहन सिंह को विकट परिस्थितियों का सामना करते हुए सख्त होना पड़ा था और समाजवादी पार्टी के समर्थन के बाद ही सरकार गिरने से बची थी देखा जाए तो मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी विदेशी निवेश का फैसला सरकार का है किन्तु इसपर मनमोहनी छाप स्पष्ट दष्टिगत होती है हालांकि

? सिद्धार्थ शंकर गौतम


रिटेल में एफडीआई  की अनुमति  आम आदमी  के हित में?  

            केन्द्र सरकार की मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए 51फीसदी तक एफडीआई को मंजूरी पर सारा विपक्ष और सरकार कुछ सहयोगी विरोध जता रहें हैं। ममता बनर्जी सरकार गिराने को तैयार हैं। रिटेल में एफडीआई की अनुमति पर हो रहे विरोध के संदर्भ में नब्बे के दशक में मेकडोनल्ड और केंटुकी के रेस्त्रां देश में खोलने की अनुमति के विरोध में भाजपा और विपक्षी दलों के द्वारा मचाए गए हल्ले की बात याद आती है।उस समय भाजपा समेत अनेक दल कहते थे मेकडोनल्ड और केंटुकी कें रेस्त्रां हमारी संस्कृति के साथ साथ देशी कारोबार को भी खतरा है और इस व्यापार में लगे लोगों का बेरोजगार होना तय है।  

? डॉ सुनील शर्मा


क्या भाजपा हिन्दू विरोधी

शिवसेना से नाता तोडेग़ी ?

         शिवसेना एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना एक बार फिर देश को तोड़ने वाली भाषा में बोल रहे हैं। दोनो संगठनों के नेताओं की भाषा दंभपूर्ण और ओछेपन से भरपूर रहती है। अभी हाल में शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे और उनके पुत्रतथा सेना के उप प्रमुख उद्धव ठाकरे तथा महाराष्ट्र नव-निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने जो भी कहा उसके आार पर इन तीनों को देशद्रोह के आरोप में न सिर्फ दंडित करना चाहिये वरन् उन्हे बम्बई शहर और महाराष्ट्र से बाहर खदेड़ देना चाहिये।

 ?   एल. एस. हरदेनिया


खुले बाजार के डिग्री व्यापार से जनित

संकट और दूरगामी प्रभाव

                  त दिनों भोपाल के रेलवे भर्ती बोर्ड आफिस पर जूनियर इंजीनियर की भर्ती हेतु आयोजित की जाने वाली परीक्षा के प्रत्याशियों ने हंगामा कर दिया था क्योंकि उन्हें समय से प्रवेश पत्र ही नहीं मिल सके थे। इस हंगामे के कारण ही बेरोजगारी की दारुण दशा के एक और के सच्चे दर्शन हो सके। जिस पद के लिए ये परीक्षार्थी एकत्रित हुए थे उसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं। उक्त परीक्षा के लिए कुल 125 पद विज्ञापित किये गये थे जिसके लिए सवा लाख आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से कुल चालीस हजार को परीक्षा में बैठने के लिए प्रवेश पत्र जारी किये गये थे जिसमें से भी पाँच हजार लोगों तक समय से प्रवेश पत्र नहीं पहुँच सके थे और वे डुप्लीकेट प्रवेश पत्र पाने के लिए गुहार लगा रहे थे, जो हंगामे में बदल गया।

? वीरेन्द्र जैन


अपना एम पी ,मंहगाई में अव्वल

      देश के प्रमुख राजनीतिक दल इन दिनों बढती मंहगाई के कॉग्रेस के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार को जिम्मेदार बता रहे हैं। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के नेता भी मंहगाई के विरोध में देश के विभिन्न राज्यों में आन्दोंलन प्रदर्शन की घोषणा कर चुके हैं। भाजपा का विरोध प्रदर्शन शुरू भी हो गया है। विरोध प्रदर्शन का ऐलान करने से पहले भाजपा के नेताओं को उन राज्यों पर भी एक नजर जरूर डाल लेना चाहिये जहॉ उनकी ही पार्टी का शासन है। मंहगाई के मामले में यदि कुछ राज्यों का तुलनात्मक अध्ययन ,विश्लेषण किया जाये तो जो निष्कर्ष सामने आते हैं,वे चौंकाने वाले हैं।

? अमिताभ पाण्डेय


भाजपा का दोमुहा रवैया

      पिछले दिनों बॉलीवुड की दो फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर खासी धूम मचाई थी। ये फिल्में थीं-गंगाजल और सिंघम। दोनों फिल्मों के नायक अजय देवगन थे जो गुंडों और भ्रष्ट राजनेताओं के गठजोड़ को तोड़ने के लिए हरसंभव कोशिश करता है और जैसा कि हिंदी फिल्मों में होता है, अंतत: जीत नायक की ही होती है। गंगाजल का नायक जब  दुर्जन विलेन को जनता के हाथों पिटने से बचाकर कानून की राह ले जाने की कोशिश करता है तो जनता को उसका फैसला रास नहीं आता है और वह उनका फैसला खुद करने के लिए जद्दोजहद करने की कोशिश करती है। 

? महेश बाग़ी


आस्थाजनित प्रदूषण से कब मुक्त होंगे हम ?

पर्यावरणपूरक त्यौहारों का वक्त

        'अंधश्रध्दा निर्मूलन समिति' के अग्रणी कार्यकर्ता एवं महाराष्ट्र के तर्कशील आन्दोलन के कर्णधारों में से एक डा नरेन्द्र दाभोलकर इन दिनों बेहद चिन्तित हैं। वजह यही है कि सूबे में बड़े धूमधाम से गणेशपूजा शुरू हो चुकी है, दस दिन तक यह सिलसिला चलेगा, और उसके बाद हमेशा की तरह अधिकतर मूर्तियों को सार्वजनिक जलाशयों में ही बहा दिया जाएगा और फिर सार्वजनिक जलाशयों की क्या स्थिति होगी ? अपनी चिन्ता को उन्होंने पिछले दिनों एक प्रेस सम्मेलन में साझा भी किया कि किस तरह सर्वोच्च न्यायालय के तमाम आदेशों के बावजूद पर्यावरणपूरक त्यौहार अभीभी सपना ही बना हुआ है।

? सुभाष गाताड़े


सृष्टि की अनुपम छटा है

सौरमंडल

       सृष्टि की अनुपम सौगात है जल जमीन और सौरमंडल। इसमें पृथ्वी के कुल धरातल क्षेत्रफल के लगभग 70 प्रशित भाग में महासागर आच्छादित हैं और इनमें 144.5 करोड़ धन कि.मी. पानी है। सौर ताप महासागर के जल को गतिशील बनाये रखता है। भूमधय रेखीय क्षेत्र में सूर्य पानी को गरम कर देता है जिससे यह फैलकर कुछ इंच ऊपर उठ जाता है। महासागर एक दूसरे में स्वाभाविक रूप से इतने विलीन हो जाते हैं कि उनके बीच सीमा का निर्धारण करना कठिन हो जाता है। महासागरीय क्षेत्र चार महासागरों-प्रशांत महासागर अटलांटिक महासागर, हिन्द महासागर और आर्कटिक महासागर में विभाजित हैं।

    

? राजेन्द्र जोशी


सूखाग्रस्त राज्यों के

किसानों को मिली राहत

        सूखा प्रभावित राज्यों के किसानों को राहत देने के लिए केन्द्र सरकार ने कुछ और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कृशि मंत्री शरद पवार की अध्यक्षता वाले ईजीओएम यानी सूखा संबंधी मंत्री समूह ने हाल ही में एक बैठक कर किसानों के हक में कई फैसले किए। इन फैसलों में सबसे प्रमुख फैसला, सूखा प्रभावित राज्यों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा के तहत रोजगार की संख्या 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन करने का है। सरकार ने इस योजना के लिए चालू वित्ता वर्ष में 33,000 करोड़ रूपए आवंटित भी कर दिए। ईजीओएम का एक और प्रमुख प्रस्ताव फसल ऋण पर ब्याज दर 12 फीसद से घटाकर 7 फीसद करना है। 

? जाहिद खान


शैक्षिक परिदृश्य में

विस्थापित होती हिन्दी

       र्तमान वैश्विक परिदृश्य में हिन्दी अनेक विरोधाभासी स्थितियों से जूझ रही है। एक तरफ उसने अपनी ग्राहा्रता तथा तकनीकी श्रेष्ठता सिध्द करके वैश्विक विस्तार पाया है और वह दुनिया भर में सबसे ज्यादा लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा बन गई है। इसीलिए यह जनसंपर्क और बाजार की उपयोगी भाषा बनी हुई है। इन्हीं कारणों के चलते इसकी अंतरराष्ट्रीय महत्ता स्वीकारी गई, किंतु विश्व पटल पर राष्ट संघ की आधिकारिक भाशा बनने का दर्जा हिन्दी को अभी भी हासिल नहीं हुआ है ? जब भारतीयों और अनिवासी भारतीयों द्वारा यह सबसे ज्यादा 118 देशों में बोली व समझी जाने वाली भाषा है तो फिर हिन्दी राष्ट संघ की आधिाकारिक भाषा क्यों नहीं बनने जा रही ?

    

? प्रमोद भार्गव


पर्यावरण पर भारी न पड़े

धार्मिक आस्था

        णेशोत्सव के आते ही देश भर में त्योहारों की धूम मच जाती है। आजकल तो युवक और किशोर ही नहीं, बच्चे भी चन्दा वसूलने में जुट जाते हैं। एक ही शहर में एक पर्व पर एक भगवान की हज़ारों प्रतिमाएं स्थापित कर दी जाती हैं। लोकमान्य तिलक ने राष्ट्रीय एकता व अखण्डता की भावना के संचार हेतु सार्वजनिक गणेश पूजन की शुरूआत की थी। महज 51 रुपये से उन्होंने उत्सव को जो स्वरूप प्रदान किया था, आज वह कहीं देखने को नहीं मिलता। अब त्योहारों पर चन्दा संस्कृति और मिथ्याडम्बर इस तरह हावी है कि उनका मूल उद्देश्य तिरोहित होता जा रहा है। यदि कहें कि त्योहारों का बाज़ारीकरण हो गया है, तो गलत न होगा। 

? डॉ. गीता गुप्त


  24 सितम्बर2012

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