संस्करण: 24 मार्च-2014

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पटेल की विरासत के दावेदार

मोदी उनकी प्रतिमा बनाना चाहते है, किन्तु भारत के संबन्ध में उनके विचारों को दफन करते है।

     भारत का विचार रोमांचकारी है क्योंकि यह देश की विविधता को बनाये रखता है, अपने इतिहास के प्रत्येक कालखण्ड को समेटे रखता है और एक अरब से अधिक लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने पर केंद्रित है। सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत के उन लोगों में से एक थे जिन्होंने ऐसे ही विचारों की नींव रखी। पटेल के विचारों के भारत में एक लोकतांत्रिक राज्य व्यवस्था और बहुलवादी समाज का मूलभूत रूप से समावेश था।      

? दिग्विजय सिंह (लेखक कांग्रेस पार्टी के महासचिव है)


आरएसएस का

देशद्रोही कारनामा

        रसा पहले किसी ने कहा था कि भारत को पाकिस्तान देश दुश्मन देशों की जरूरत नहीं है क्योंकि वहां पहले से ही आस्तीन के सांप बैठे हैं। सत्ता की लालच में आरएसएस और बीजेपी किस हद तक जा सकते हैं, इसका नमूना अंततरू आरएसएस के नेता ने पेश कर दिया। इस नेता ने आतंकवादी और दंगों के मामले में भारत पर तरह-तरह के झूठे आरोप लगाने में पाकिस्तान को भी पीछे छोड़ दिया। आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने जयपुर में एक मुस्लिम सम्मेलन में कहा कि देश में हुए दंगों और आतंकी हमलों में सिमी, लश्कर, हेडली या पाकिस्तान के बजाए भारत सरकार का हाथ है। इतना ही नहीं इंद्रेश ने पाकिस्तान समेत देश के सभी आतंकी संगठनों को क्लीन चीट दे दी।

?

विवेकानंद


भाजपा का धर्मनिरपेक्ष उदारवादी मुखौटा

कितना झूठ कितना सच

     पिछले कुछ दिनों से भारतीय जनता पार्टी के नेता मुस्लिम मतदाताओं में अपनी उदारवादी और सकारात्मक छवि बनाने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा के नेता अल्पसंख्यकों को सेक्युलर पार्टियों से सावधान रहने की नसीहत भी देते नजर आ रहे हैं उनके अनुसार ये सेक्युलर पार्टियाँ सच्चे अर्थों में सेक्युलर नहीं हैं बल्कि अवसरवादी हैं। मुसलमानों में अपनी छवि सुधारने के लिए तो भाजपा ने बाकायदा एक इकाई का भी निर्माण कर रखा है। इस क्रम में राजनाथ सिंह की माफी और हाल में शाहनवाज हुसैन के सच्चर समिति की सिफारिशों को लागू करने जैसे बयानो को देखा जा सकता है। 

 ? मोहम्मद आरिफ


मोदी की ईमानदारी ?

      बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार मोदी के समर्थक विकीलीक्स संस्थापक जूलियन असांज के हस्ताक्षर वाला एक ऐसा पोस्टर बांट रहे हैं जिसमें कहा गया है कि अमेरिका नरेंद्र मोदी से डरता है क्योंकि अमेरिका जानता है कि मोदी भ्रष्ट नहीं हैं। नए नए रहस्योद्धाटनों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में खलबली मचाने वाली अमेरिकी वेबसाइट विकीलीक्स ने यह ट्वीट कर कहा कि उसके केबल्स में किसी अमेरिकी डिप्लोमेट ने कभी भी बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को ईमानदार नहीं बताया है। विकीलीक्स ने ट्वीट में लिखा है कि पोस्टर में कही गई बातें फर्जी हैं।

? शैलेन्द्र चौहान


'भगत सिंह का सपना'  

              गर आजादी के आन्दोलन के नेताओं की बात करें तो हम पाते हैं कि भगत सिंह एकमात्र नेता थे जिन्हें इतनी कम उम्र होने के बावजूद यह अन्दाजा था कि आजादी के बाद का हिन्दुस्तान कैसा होगा। कैसे समय और किस दौर से हमें गुजरना पड़ सकता है। इसका अंदाजा भगत सिंह को था। इसलिए हमारे दौर के लिए भगत सिंह ज्यादा प्रासंगिक हैं। 23 मार्च 1931 में शहीद भगत सिंह के पास आने वाले भारत के लिए एक सपना था। आज निश्चित तौर पर हम भगत सिंह के उस सपने से कोसों दूर खड़े हैं।

 ?   अनिल यादव


भाजपा कांग्रेस का बेहतर विकल्प कैसे है?

           लोकतंत्र बहुमत के शासन का तरीका है और बहुमत जानने के लिए नागरिकों से मतपत्रों पर स्वतंत्र उम्मीदवारों व दलों के पक्ष में समर्थन के आधार पर मत लिया जाता है,जिसका अर्थ है कि मतदाताओं ने सभी दलों के कार्यक्रमों और घोषणापत्रों को पढा और समझा है व अपनी पसन्द के दल के पक्ष में मत दिया है। मतगणना इन्हीं मतों से बहुमत जानने का साधन है, किन्तु राजनीतिक चेतना की कमी और अभावग्रस्त जीवन एक आदर्श स्वतंत्र विचार प्रक्रिया व अभिव्यक्ति के लिए बाधक होते हैं,इसलिए बहुत सारे मतपत्र मतों की लोकतंत्र के अनुरूप वांछित अभिव्यक्ति नहीं करते।।

? वीरेन्द्र जैन


संघ के जहरीले प्रचार के कारण गांधी जी की हत्या हुई थी

      राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने महात्मा गांधी की हत्या की थी। संघ इस आरोप को बेबुनियाद बता रहा है। इस बात में कोई संदेह नहीं कि महात्मा गांधी की हत्या में संघ का अप्रत्यक्ष हाथ था। हत्या का फैसला कोई प्रस्ताव पारित करके नहीं किया गया था। परन्तु इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि संघ व हिन्दू महासभा के कुछ प्रमुख नेताओं को इस बात का पता था कि महात्मा गांधी की हत्या होने वाली है। यह आरोप कि संघ को ज्ञात था कि महात्मा गांधी की हत्या होने वाली है तत्कालीन गृहमंत्री सरदार पटेल ने लगाया था।

?  एल.एस.हरदेनिया


संघ परिवार में प्रेम,

     पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक अग्रणी नेता - जिनके संघ परिवार में सर्वोच्च पद तक पहुंचने के भी चर्चे थे - को इस 'सांस्कृतिक संगठन' की तमाम जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। संघ सुप्रीमो के बाद दूसरे नम्बर पर स्थित जनाब भैयाजी जोशी के हवाले से एक छोटीसी प्रेस विज्ञप्ति जारी हुई कि उस शख्स ने अब गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने का निर्णय लिया है और वह अब एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर काम करेंगे। फिलवक्त इस बात के बारे में दावे के साथ नहीं कहा जा सकता कि वह संघ में ऊपरी स्तर पर चल रहे सत्ता संघर्ष का शिकार हुए या इसके पीछे वाकई कोई अन्य कारण है ?  

? सुभाष गाताड़े


आम आदमी की बेहतरी के लिए

अहम होगा स्वास्थ्य का अधिकार

        चुनावी बिगुल बज चुका है। पार्टियों के चुनावी घोषणापत्र और उनके वादों का सभी को इंतजार है। चुनावी घोषणापत्र के कुछ वायदे अह्म होते है और कागजी लेकिन अह्म वायदे देश और आम आदमी की तकदीर और तस्वीर बदलने की ताकत रखते हैं जैसे कि काग्रेंस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के जन सूचना के अधिकार,शिक्षा के अधिकार सहित मनरेगा और भोजन के अधिकार जैसे वायदों की कार्यरूप में परिणित ने देश की सूरत बदलने का आगाज किया है।    

? डॉ. सुनील शर्मा


कागज पर बढते पौधे,

जमीन पर कटते जगंल

     ध्यप्रदेश में जंगल को लालची मानसिकता के अपराधियों की नजर लग गई है। जंगल के दुश्मन सत्ता का प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष संरक्षण प्राप्त करके 94 69 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले वन क्षेत्र को बरबाद करने में लगें  है। इस राज्य के कुल भाग के 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में जगंल हैं जिनको वन कटाई, अवैधउत्खनन के कारण भारी नुकसान हो रहा है। जगंल में बडे पैमाने पर हो रही कटाई के कारण पेड पौधे लगातार नष्ट होते जा रहे है। वन में रहने वाले जीव जन्तुओं की जान संकट में है और जैव विविधता भी नष्ट होती जा रही है।

? अमिताभ पाण्डेय


नफरत फैलाने वालों पर

सख्त कार्यवाही हो

        मारे देश के संविधान में साफ-साफ लिखा हुआ है कि राष्ट्र का कोई धर्म नहीं होगा। वह धर्म से पूरी तरह निरपेक्ष रहेगा। यही नहीं निर्वाचन आयोग से मान्यता लेते वक्त हर पार्टी समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता में अपनी पूरी आस्था जताती है, तभी उसका पंजीकरण होता है। लेकिन फिर भी राजनीतिक पार्टियां, अपने चुनावी फायदे के लिए राजनीति में धर्म का इस्तेमाल करने से नहीं चूकतीं। जनता को कभी धर्म, जाति तो कभी क्षेत्र के नाम पर बांटा जाता है। आरपीएक्ट की धारा 123 (3), 123 ए और 125 ऐसी सभी गतिविधियों को गलत मानती हैं।

? जाहिद खान


सोशल मीडिया पर आयोग की नजर

      निर्वाचन आयोग ने अब अंतर्जाल,मसलन इंटरनेट पर वर्चस्व बनाए रखने वाले समाचार माघ्यामों पर नजर रखने की कवायद शुरू कर दी है। जाहिर है,आदर्श आचार संहिता के दायरे में फेसबुक,टि्वटर,यू-टयूब और एप्स ;वर्चुअल गेम्स वर्ल्डध्द ब्लाग व ब्लॉगर भी आएंगे। आयोग ने सभी वेबसाइटों को पत्र लिखकर हिदायतें दी हैं कि पेडन्यूज की समस्या पर लगाम लगाने के लिए ये उपाय किए जा रहे हैं,क्योंकि दिल्ली विधानसभा चुनाव में सोशल साइटों से जुडे पेडन्यूज के 54 मामले सामने आए थे।       

? प्रमोद भार्गव


विंडोज एक्सपी का उपयोग

हो सकता है खतरनाक !

        हुत ही जल्द यानी 8 अप्रेल से विंडोज एक्सपी का इस्तेमाल खतरनाक होने वाला है, क्योंकि माइक्रोसाफ्ट कंपनी अपने इस सिस्टम को सपोर्ट करना बंद कर रही है। इससे नए ओएस सिस्टम विंडोज 7 या 8 का इस्तेमाल करना होगा, जिससे हेकर्स के लिए खुला मैदान मिल जाएगा। यही नहीं और भी कई परेशानियां आ सकती हैं। जो लोग अपने कंप्यूटर के आपरेटिंग सिस्टम विंडोज-एक्सपी का उपयोग कर रहे हैं, उनके लिए निकट भविष्य में इसका इस्तेमाल एक सरदर्द बन सकता है।

? डॉ.महेश परिमल


  24 मार्च-2014

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