संस्करण: 22 सितम्बर- 2014

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लहू के दो रंग

     कुरआन और हदीस में बेशुमार जगह अत्याचारियों को इस बात से रोका गया है कि वे धर्म के आधार पर जुल्म करें।

             कुरआन अल्लाह के कथन हैं और हदीस उसके पैगंबर हजरत मुहम्मद के। लेकिन दो सौ साल पहले पैदा हुई वहाबियत और इसके मानने वाले वहाबियों को इससे मतलब नहीं। इराक में यजीदियों और शिया ही नहीं, बल्कि अंधाधुंध सुन्नी सूफियों के खून में वहाबी आतंकवादियों के हाथ डूबे हुए हैं। 

? अखलाक अहमद उस्मानी


नहीं चलेगी झूठ और नफरत की राजनीति

        लोकसभा चुनाव के बाद सबसे पहले उत्तराखंड में विधानसभा की तीन सीटों पर उप चुनाव हुए थे। सभी सीटों पर पराजय हाथ लगी। यह चुनाव जुलाई में हुए थे,यानि केंद्र में मोदी सरकार के गठन के एक सवा महीने बाद। इतना ही नहीं उत्तराखंड के स्थानीय चुनावों में भी बीजेपी को पराजय का मुंह देखना पड़ा। इसके बाद बिहार सहित चार राज्यों में फिर विधानसभा के चुनाव हुए। यहां 10 में से 6 सीटों पर पराजय झेलनी पड़ी। और मौजूदा 9 राज्यों की 33 विधानसभा सीटों पर हुए उप चुनाव में चौतरफा मुंह की खानी पड़ी।  

?

विवेकानंद


अच्छे दिनों से मोहभंग

     क्या गैर-जवाबदेह, निक्कमी, दंभी और निराश करने वाली मनमोहन सरकार के विकल्प के तौर पर सत्ता में आई मोदी सरकार भी उसी दंभ और वादा खिलाफी का शिकार हो रही है,जिसमें संघ परिवार के संगठनों के चिर-परिचित अराजकता का छोक भी शामिल है?पिछले कुछ महीनों में देश के विभिन्न राज्यों में हुए उप चुनाव की नतीजे तो इसी और इशारा कर रहे हैं,उत्तराखंड और बिहार उपचुनाव में हार के बाद 33विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने पस्त विपक्षी दलों को संभलने का मौका दे दिया है।

 ? जावेद अनीस


भाजपा की हार लेकिन साम्प्रदायिकता बरकरार

      यूपी उपचुनावों में सपा को मिली सफलता व भाजपा को हुए नुकसान के बाद सपा ने जहां विकास और धर्म निरपेक्ष नीतियों की जीत बताते हुए,जनता द्वारा चार महीने में ही नरेंद्र मोदी और भाजपा को नकार देने की बात कही वहीं भाजपा ने करारी हार पर जवाब दिया कि उत्तर प्रदेश की जनता को समाजवादी पार्टी की खराब कानून व्यवस्था और अराजकता पसंद है तो जनता का आदेश सरमाथे पर। गुजरात की बड़ोदरा सीट हो या फिर मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की रोहनिया जहां भाजपा के प्रति उत्साह की कमी जरुर मतदाताओं ने दर्ज की है।

? राजीव यादव


नेहरूवादी मॉडल के अंत की घोषणाओं के निहितार्थ

           ब तक के सबसे महंगे चुनाव प्रचार के साथ सत्ता में आई मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर जो संदेह व्यक्त किए जा रहे थे,वे एक भयानक सच्चाई की तरह सामने आने लगे हैं। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान यह बात खुलकर कही जाने लगी थी कि मोदी के पीछे बड़े अर्न्तराष्ट्रीय निगमों की पूंजी लगी है,जो उनसे सूद समेत वापस लेंगे। अगर मोदी के लगातार विदशी दौरों और सरकार के मंत्रियों के बयानों को परखा जाए तो यह आशंका मूर्त होती दिखती है। खासतौर से योजना आयोग के खात्मे, प्रधानमंत्री जनधन योजना,विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए ढांचागत बदलाव,नेहरु काल के कथित कोटा और परमिट राजके खात्मे की घोषणाओें में इसे साफ महसूस किया जा सकता है।

  ?  शाहनवाज आलम


मोर पंख और मेनका गाँधी के बहाने

         मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। उसके रंगबिरंगे पंख जो उसके नृत्य के समय एक खास परिधि में फैल जाते हैं,व फैल कर रंगों का ऐसा समायोजन करते हैं कि प्रकृति की अद्भुत छटा दिखायी देती है। इसी के कारण उसके पंखों से कई कलात्मक और सजावटी वस्तुओं का निर्माण किया जाता रहा है जो हस्तकला का बेजोड़ नमूना होती हैं। मेनका गाँधी जो केन्द्र सरकार के मोदी मंत्रिमण्डल में महिला एवं बालविकास मंत्री हैं,अपने पर्यावरण प्रेम के लिए जानी जाती हैं।

? वीरेन्द्र जैन


क्या वे सब गद्दार हैं?

      त्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित भितरगांव कस्बे के बारे में 24 अगस्त 2014 के पहले शायद ही कोई जानता था। प्रदेश में स्थित अन्य कस्बों की तरह यह कस्बा भी एक सामान्य कस्बे जैसा ही था,जहां हिंदुओं और मुसलमानों की आबादी साथ-साथ बेहद हंसी-खुशी के माहौल में रहती थी। लेकिन,24अगस्त को चोरी की एक मामूली सी घटना के बाद,पूरे इलाके का वातावरण अचानक गर्म हो गया और फिर प्रायोजित तरीके से कस्बे के मुसलमानों के खिलाफ जबरजस्त हिंसा भड़क गई।

?  हरेराम मिश्र


कश्मीर से हमें कोई मतलब नहीं, क्या उज्जैन की घटना से संघ परिवार से जुड़े हमलावर यही संदेश देना चाहते थे?

     ज्जैन की घटना अकेले एक आपराधिक गतिविधि नहीं है, घटना से अनेक संदेश मिलते हैं। विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कौल ने उज्जैन विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले जम्मू-कश्मीर के बच्चों की सहायता के लिये अपील की थी। वह अपील तथाकथित हिन्दू संगठनों को नहीं भायी। उन्होंने प्रोफेसर कौल के ऊपर वैसे ही अपना गुस्सा निकाला जैसे 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोंडसे ने गांधी जी पर उतारा था। लगातार ये विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के गुंडे, प्रोफेसर कौल को जान से भी मार डालते पर वे बच गये।

? एल. एस. हरदेनिया


अमरीकी विदेशनीति की दुर्दशा और नेहरू की विदेशनीति की विरासत

        श्चिम एशिया ,खासकर इराक और सीरिया में अमरीकी विदेशनीति को बहुत ही कठिन दौर से गुजरना पड़ रहा है। अभी कुछ अरसा पहले  इराक के युद्ध से अपने देश को अलग कर चुके अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को फिर इराक में सैनिक कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई साल पहले अमरीकी शहरों पर 11 सितम्बर को आतंकवादी हमले के बाद से सभी अमरीकी राष्ट्रपतियों ने इराक पर हमले किये हैं।    

? शेष नारायण सिंह


एचएमटी, आपका समय खत्म होता है अब!

      हते हैं समय से कोई जीत नहीं सकता। पर समय से हर कोई हार जाता है। पर समय बताने वाला ही यदि समय से हार जाए, तो क्या होगा? जी हाँ, देश की प्रतिष्ठित घड़ी एचएमटी समय से हार गई। पूरी कंपनी ही बंद हो गई। इससे यह कहा जा सकता है कि एचएमटी आपका समय खत्म होता है अब!एक घड़ी के समय का पूरा होना शायद इसे ही कहते हैं। समय बताने वाली घड़ी शायद समय के साथ नहीं चल पाई। एक समय वह भी था कि वह सबको चलाती थी, ससम्मान चलाती थी, आज वही चलने में नाकाम हो गई।

? डॉ. महेश परिमल


सेना का प्रत्येक जवान भारत रत्न

        बीते 60 वर्षो में पहली बार धरती के स्वर्ग का नजारा नरक से भी बदतर नजर आ रहा है। बाढ़ की विभीषिका ने जम्मू-कश्मीर के नैसर्गिक सौंदर्य को लील लिया है। करीब चार लाख लोग अब भी जीवन की आस में हैं और राज्य सरकार का तंत्र दम तोड़ चुका है। ऐसे में भारतीय सेना ने कमान अपने हाथ में ले ली है व बाढ़ में फंसे लोगों की जिंदगी बचा रही है। चाहे 16 घंटे में पुल बनाने का कारनामा हो अथवा लोगों को बचाते हुए अपनी जान खो देना, सेना का हर जवान, जो इस आपदा में राहत पहुंचा रहा है, वंदनीय है।                    

? सिद्धार्थ शंकर गौतम


उर्दू से बैर कैसा ?

      मारे देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में उर्दू को सरकारी कामकाज की दूसरी भाषा घोषित करने के फैसले को जायज ठहराया है। हाल ही में सुनाए अपने इस फैसले में उसने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकारी भाषा (संशोधन)कानून 1989संविधानसम्मत है। अदालत ने अपने इस फैसले में आगे कहा कि देश के भाषाई कानून कठोर नहीं,बल्कि भाषाई पंथनिरपेक्षता का लक्ष्य हासिल करने के लिए उदार हैं।

? जाहिद खान


25 सितंबर: शारदीय नवरात्र पर विशेष

शारदीय नवरात्र: महाशक्ति की उपासना का पर्व?

        भारतीय नवरात्र अर्थात,महाशक्ति की उपासना का पर्व। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष के आरम्भिक नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों-महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती या चामुण्डा, योगमाया, भ्रामरी, रक्तदैतिका, शाकम्भरा, श्रीदुर्गा और चण्डिका की तिथिवार अर्चना की जाती है। सम्भवतः मां दुर्गा के समस्त स्वरूपों की उपासना हो सके इसीलिए यह पर्व नौ रात्रि का है।                   

? डॉ. गीता गुप्त


  22 सितम्बर- 2014

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