संस्करण:  22 नवम्बर-2010

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT


षडयंत्रों का संघ

सुदर्शन के प्रलापों के बहाने उजागर होती वीभत्स तस्वीर


संग्रहालयों में भेज दिए गए नमूने' (बकौल कांग्रेस प्रवक्ता) अगर अचानक जुबां खोल दें तो क्या हो सकता है, इसका ताजा प्रमाण सामने है।

>सुभाष गाताड़े
 


मानवाधिकार और गडकर
  त दिनों भाजपा के मानवाधिकर प्रकोष्ठ द्वारा नई दिल्ली में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया था जिसका विषय था- मानवाधिकार आन्दोलन गलत धारणा को सुधारना।>वीरेंद्र जैन


भारतीय संस्कृति का ऐसा-कैसा संरक्षण!

पूजनीय विभूतियों के अशोभनीय बयान!

 

 भारत के प्रत्येक नागरिक में अपने देश, धर्म, जाति, संप्रदाय और वर्ग के प्रति गहरी आस्था का बीजारोपण परम्पराओं से होता चला आ रहा है।>राजेंद्र जोशी


अमेरिका ने स्वीकारा - लादेन रूपी भस्मासुर को उसने ही खड़ा किया

 वैसे तो यह बात किसी से छिपी नहीं है कि अफगानिस्तान पर तालिबान को लादने और ओसामा बिन लादेन को ताकतवर बनाने में अमरीका की भूमिका थी।>एल.एस.हरदेनिया


गाँधी-चरखा और ओबामा

 

मेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा महात्मा गाँधी से बहुत अभिभूत हैं, और अपनी भारत यात्रा से वापसी के समय गाँधी जी के परम प्रिय और रामबाण यंत्र चरखा,>सुनील अमर


विश्व का दबंग : चतुर व्यापारी
 


  अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा भारत पधारे, यहां का बच्चा-बच्चा धन्य हो गया। कई भारतीय न्यूज चैनल्स समाचार पत्रों ने उन्हें विश्व के दबंग की>मोकर्रम खान


दिल्ली हाई कोर्ट की एक अनोखी पहल

 

   हमारे मुल्क की मुख्तलिफ अदालतों में लंबित मुकदमों के शीघ्र निपटारे को लेकर न्यायविदों की तरफ से समय-समय पर चिंता जताई जाती रही है।>जाहिद खान


कहां है हमारी पर्यावरणीय चेतना ?

 


  ग्लोबल वार्मिंग के ख़तरों को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं। पर्यावरण प्रदूषण के मामले में पर्यावरणविदों से लेकर स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भावी  संकट >महेश बाग़ी


ग्लोबल वार्मिंग: विकास का साइडइफैक्ट

 


  ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों का अधययन करने वाली एक एजेंसी का ऑकलन है कि अगर ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन की रफतार नहीं रोकी गई तो शीघ्र ही हिमालय>डॉ. सुनील शर्मा


भारतीय सेना के माथे पर

'आदर्श' कलंक

 

  राजनीति की बिसात में अशोक चौहान बलि का बकरा बन गए। लेकिन इस आदर्श घपले में बहुत से नाम ऐसे हैं, जिनका नाम हम सब अब तक गर्व से लिया करते हैं।> डॉ. महेश परिमल


22 नवम्बर-2010 

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved