संस्करण: 22 फरवरी-2010  

CLICK HERE TO DOWNLOAD HINDI FONT


 

खिसकती जमीन, सिमटता जनाधार
आप की क्या पहचान है ठाकरे जी ?

  ई बार बड़े नामी गिरामी पहलवान कुश्ती की दुनिया में रंगरूट की तरह दाखिल हुए नौजवानों के हाथ मात खा जाते हैं। और फिर इस बात की विवेचना लम्बे समय तक होती रहती है कि ऐसा कैसे हुआ।बहरहाल, शिवसेना>सुभाष गाताड़े


 

अमर मुलायम वाकयुध्द
राजनीति के शिखर पर बेपेंदी के लोटे


पने फिल्मी स्तम्भ में अमर सिंह के बारे में चर्चा करते हुये प्रसिध्द फिल्म समीक्षक जय प्रकाश चौकसे ने तर्क दिया था कि -- इस फिल्मी स्तम्भ में अमर सिंह के बारे में लिखना इसलिये उचित है क्योंकि अमर सिंह राजनीति>वीरेंद्र जैन


 

भाषा और धर्म के नाम पर विवाद
राष्ट्रहित में नहीं राजनीति भटकी, विकास अटका


राजनीति की परिभाषा अब गड्डमगड्ड होती जा रही है। राजनीति का पवित्र उद्देश्य दिन पर दिन अपवित्र और कलंकित होता दिखाई दे रहा है। भारत जैसे प्रजातांत्रिक देश में राजनीति के क्षेत्र में प्रत्येक नागरिक को>राजेंद्र जोशी


 

बौने साबित हुए गड़करी

भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के कंधो पर पार्टी को उभारने और खोया जनाधार वापस लाने की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी है, लेकिन वे इसमें सफल हो पाएंगे, इसमें संशय है। गत दिवस उन्हें औपचारिक तौर पर पार्टी>महेश बाग़ी


 

मुख्यमंत्री जी, भ्रष्टाचार
के ज्वालामुखी
पर बैठा है मध्यप्रदेश

प्रदेश के कुछ वरिष्ठ आई.ए.एस और अन्य अधिकारियों के सरकारी निवासों से बड़ी मात्रा में कालाधन मिलने के बाद अनेक ऐसे प्रश्नों ने जन्म लिया है जिनके उत्तर खोजना आवश्यक हो गया है। इन प्रश्नों में से एक सबसे>एल.एस.हरदेनिया


 

हिंदुत्व का पलटवार

र्म किसी भी मनुष्य अथवा समाज की वह ताकत है जो उसे कठिन से कठिन परिस्थितियों का मुकाबला करने की शक्ति प्रदान करती है । सामान्य परिस्थितियों में मानव की मानसिक शांति तथा उत्तरोत्तर प्रगति का प्रेरणा>मोकर्रम खान


 

महोदय, बैंगन तो बहाना है


भारतीय जन के राष्ट्रव्यापी विरोध को भांपते हुए सरकार ने बीटी बैंगन के विधिवत उत्पादन हेतु फिलहाल स्वीकृति प्रदान नहीं की है। आलू के बाद सबसे अधिक पैदा होने वाली देश की इस सब्जी को हमारे यहां>शब्बीर कादरी


 

माइक्रोइंश्योरेंस : बड़े काम की चीज

  रामाधार पिछले पाँच वर्ष से नासिक के एक ट्रस्ट में रसोईये का काम करता था, राजस्थान के एक गॉव में रहने वाला उसके पॉच सदस्यीय परिवार का पालन भी रामाधार की इस कमाई से ही होता था। कल रात्रि में रामाधार की>डॉ. सुनील शर्मा


 

जलवायु परिवर्तन का झूठ

       कॉर्बन के व्यापार के लिए जलवायु परिवर्तन का विश्वव्यापी भूत कोई विज्ञान संस्था और वैज्ञानिक दल गढ सकता हैं एकाएक यह सोचना किसी के लिए भी नामुमकिन है। भय का पर्याय बन जाने वाले यह भूत>प्रमोद भार्गव


 

ग्लोबल स्टार बन गए शाहरुख

 न दिनों पूरे देश ही नहीं, बल्कि विश्व में यदि केवल चर्चा है, तो केवल शाहरुख खान की। आखिर हो भी क्यों न? यही तो एक ऐसा सितारा है, जिसने बर्र के छत्तो पर हाथ डाला है। वह भी पूरी शिद्दत के साथ। उन शक्तियों>डॉ. महेश परिमल


22 फरवरी-2010

Designed by-PS Associates
Copyright 2007 PS Associates All Rights Reserved