संस्करण: 21सितम्बर-2009

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क्या ये जनअस्वीकृति के संदेशों को बहकाने के प्रयास हैं
भाजपा जो राजग का नेतृत्व कर रही थी वह लोकसभा के चुनावों में न केवल मतों की संख्या व प्रतिशत में अपितु सीटों की संख्या में भी जनता द्वारा बुरी तरह नकार दी गयी है >वीरेंद्र जैन


 

अथ शिवराज उवाच
ध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कुशल वक्ता हैं। वक्त की नज़ाकत को वे अच्छी तरह जानते हैं। किस मंच पर ऐसा क्या कहा जाए कि तालियां बटोरी जा सकें और मीडिया की सुर्खी   >महेश बाग़ी


 

तालिबानी भस्मासुर से
जूझता अमेरिका
तालिबानी अपनी इस्लामिक तानाशाही को जहर के व्यापार से प्राप्त आमदनी से चलाते हैं। तालिबानियों की कमर तोड़ने के लिए अमेरिका ने नशीली दवाईयों के इन तालिबानी व्यापारियों के विरूध्द युध्द की घोषणा कर दी >एल.एस.हरदेनिया


 

सोनिया की सादगी

संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधीं की पहल पर मितव्ययिता के बापू प्रयोग का असर सरकार और बाहर भी दिखने लगा। स्वयं श्रीमी गांधीं का इकोनॉमी क्लास में यात्रा करना खर्चीले और  >अंजनी कुमार झा


 

संदर्भ-विजयादशमी पर्व
शरीर मरता है, आत्मा नहीं!
इधर लंकेश का दहन, उधर पुनर्जन्म

पौराणिक संदर्भों के अनुसार शरीर मरता है आत्मा नहीं। अंत्येष्ठि एक ऐसी क्रिया है जिसमें जलने पर शरीर राख हो जाता है या दफनाने पर मिट्टी हो जाता है किंतु आत्मा न तो राख होती है और >राजेंद्र जोशी


 

क्या अब कम्पनी सेक्रेटरी लेबर इन्स्पेक्टर का काम सम्भालेंगे ?
पिछले दिनों देश के तमाम ट्रेड यूनियनों के एक साझे सम्मेलन का आयोजन राजधानी में हुआ, जिसमें आन्दोलन के सामने खड़ी तमाम चुनौतियों पर विचार-विमर्श हुआ और साझे संघर्ष की जरूरत>सुभाष गाताड़े


कैंसे दुरुस्त हो सार्वनिक वितरण प्रणाली
मारे मुल्क के हुक्मरानों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली का आगाज गरीब परिवारों को सस्ते दामों पर अनाज मुहैया कराने और उन्हें खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से किया था। जो शुरुआती सालों में कामयाब >जाहिद खान


मध्यप्रदेश में हानिकारक बीजों की दस्तक

नुवंशिक तकनीक से रुपांतरित बीजों को खुली भूमि में बोकर फसल तैयार करने का विवादास्पद परीक्षण मध्यप्रदेश में भी शुरु हो गया है। यह प्रयोग जबलपुर के राष्ट्रीय बीज विज्ञान अनुसंधान केन्द्र में >प्रमोद भार्गव


''जल : अमृत या विष ?''
तिवृष्टि से बाढ़, अनावृष्टि से सूखा, चक्रवात, भूकंप, भूस्खलन, ज्वालामुखियों के माध्यम से धारती का आग उगलना जैसी प्राकृतिक आपदाएं सदा से जन धन का विनाश करती आई हैं। मनुष्य ने इनसे बचने अथवा इनके >  स्वाति शर्मा


प्रथम नागरिक के भवन से न&#