संस्करण: 21 अक्टूबर-2013

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सीबीआई से डरते क्यों है

मोदी बाबा

       गर नरेंद्र मोदी और अमित शाह गुजरात में आतंकियों के एनकांउटर के नाम पर हुई हत्याओं में शामिल नहीं हैं तो... यदि बाबा रामदेव अपने गुरू को लापता कराने में शामिल नहीं हैं तो... उन्होंने अपनी धार्मिक दुकानदारी से टैक्स की चोरी नहीं की है, अगर फर्जी मुठभेड़ के सरकारी सरगना और बर्खास्त आईपीएस बंजारा, अफसरों के इस्तेमाल से कत्लेआम के आरोपी नरेंद्र मोदी की सरकार और संत के भेष में जमीन माफिया और अय्याश आसाराम का आपस में कोई कनेक्शन नहीं है, और इन्होंने देश के किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया है, तो फिर किसी भी जांच, किसी भी पूछताछ से डर किस बात का?    

? विवेकानंद


क्या एक रैली उजाड देगी

127 पंरिवार?

        त्तर प्रदेश के कानपुर में भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की 19 अक्टूबर को चुनावी रैली क्या होने जा रही है, वहां निवास करने वाले भांतु व हबूड़ा नामक विमुक्त जातियों के 127 परिवारों के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। दरअसल जिले के अफसरों ने नरेन्द्र मोदी की रैली के लिए जिस जगह की इजाजत दी है वह वास्तव में इन परिवारों की जीविका का आधार है और जिला प्रशासन जिसे केवल मैदान बता रहा है वह जमीन लम्बे समय से इन परिवारों का पेट पाल रही है। वास्तव में इस जगह पर खेती होती है। वर्तमान समय में रैली की तैयारियों के लिए खेतों में लगे पौधे उखाड़कर जगह को साफ करने का काम बड़ी तेजी से चल रहा है। 

? हरेराम मिश्र


मोदी की तारीफ करने वाले मौलाना वस्तानवी का दावा

मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते

       करीब दो साल पहले दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम पद पर तैनात होने में कामयाब होने और वहाँ से हटने के लिए मजबूर होने वाले मौलाना गुलाम मुहम्मद वस्तानवी ने अब कहना शुरू कर दिया है कि कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री कभी नहीं बन सकते। करीब दो साल पहले मौलाना गुलाम मुहम्मद वस्तानवी दुनिया भर में चर्चा के विषय बन गए थे जब उन्होंने नरेंद्र मोदी की तारीफ कर दी थी और कहा था कि नरेंद्र मोदी के राज में गुजरात ने बहुत तरक्की की है और लोगों को चाहिए 2002के गुजरात के नरसंहार को भूल जाएँ और आगे बढ़ें। उस वक्त उन्होंने देश के सबसे बड़े अंग्रेजी अखबार को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि गुजरात नरसंहार 2002को आठ साल से ज्यादा हो गए हैं और हमें उसे भूल जाना चाहिए।

 ? शेष नारायण सिंह


विकास का भ्रम और हकीकत

      बीजेपी और उसके प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेन्द्र मोदी देश भर में गुजरात मॉडल और उसके विकास के बड़े-बड़े दावे करते हुए नहीं अघाते, लेकिन इन दावों में कितनी हकीकत है और कितना फसाना। ये समय-समय पर मालूम चलता रहता है। नरेन्द्र मोदी के वाईब्रेंट गुजरात की एक और नई हकीकत हाल में फिर देश के सामने आई है। कैग यानी नियंत्रक एवं महा लेखा परीक्षक ने अपनी हालिया रिपोर्ट में गुजरात में कुपोषण की जो तस्वीर सामने रखी है, वह यह बताने के लिए काफी है कि गुजरात मॉडल, देश के लिए कितना आदर्श है ? 

? जाहिद खान


आठवां अजूबा, आरएसएस (भाजपा)

में भी जागा मुस्लिम प्रेम

         21वीं सदी की सबसे चटपटी खबर है कि आरएसएस के बेबी भाजपा ने मुसलमानों के कल्याण के लिये एक समिति गठित की है जिसका उद्देश्यन मुसलमानों के दिलो दिमाग से भय निकाल कर उनकी शिक्षा, विकास तथा सुरक्षा सुनिश्चित करना है ताकि मुस्लिम वर्ग के लोग बेखौफ हो कर देश की तरक्की में मुख्य भूमिका अदा कर सकें। समिति न केवल मुसलमानों का विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी बल्कि उनके विकास के लिये जो वादे करेगी, एक साल के भीतर उस पर कार्रवाई रिपोर्ट भी पेश कर देगी। इस खबर से भी बड़ी खबर यह है कि उक्त समिति के अध्यक्ष भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी होंगे।

 ?   मोकर्रम खान


म.प्र. में निर्वाचन आयोग के निर्देशों को नकारती भाजपा

           किसी भी लोकतंत्र में ईमानदार निर्वाचन के लिए एक स्वतंत्र, सक्षम और समर्थ निर्वाचन आयोग जरूरी होता है जिसकी उपस्थिति ही हमारे देश में लोकतंत्र को बनाये हुये है जबकि हमारे अनेक पड़ोसी देशों में उसकी कमी साफ नजर आती है। खेद की बात है कि येन केन प्रकारेण सत्ता हस्तगत करने को उतावली रहने वाली भाजपा, जिसकी मातृपितृ संस्था पर हिटलर की नीतियों का पूर्ण प्रभाव है और जो उसके निर्देश पर काम करती है, द्वारा निर्वाचन आयोग के नीति निर्देशों को खुली चुनौती दी जा रही है।  

? वीरेन्द्र जैन


दतिया के हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का आरोप लगाया जाए

      तिया जिले में जो हादसा हुआ है और जो इस हादसे के लिये जिम्मेदार समझे जा रहे हैं उन्हें प्रशासनिक दंड देने के साथ-साथ उन्हें आपराधिक दंड भी दिया जाना चाहिये। उनके ऊपर लगभग हत्या का अपराध लगना चाहिये। जब यह बात बार-बार कही जा रही है कि कुछ पुलिस वालों ने जिन्दा लोगों को पुल से नदी में फेंका, पुल पर एकत्रित भीड़ पर लाठी बरसाई गईं, जब यह आरोप लग रहा है कि कुछ पुलिस वालों ने पैसे लेकर वाहनों को पुल पर से जाने दिया तो इन सभी आरोपों के चलते आपराधिक प्रकरण कायम करना चाहिये। जब ऐसा किया जाएगा तब ही भविष्य में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी ऐसी गलती नहीं करेंगे।

?  एल.एस.हरदेनिया


आमजन का विश्वास जीतने में सफल

प्रदेश में आयोजित ये कांग्रेस के एकता-मेले

      ध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के खिलाफ पिछले एक दशक में कई तरह की भ्रांतिया फैलाई गई, प्रजातांत्रिक व्यवस्था में यह एक आकाट्य बात है कि राजनैतिक पार्टियों को बहुमत मिल जाने पर उन्हें सत्ता तक पहुंचने का रास्ता मिल जाता है। निर्वाचन के दौरान एक न एक पार्टी जहां जीत जाती है वहीं दूसरी पार्टियों का हार का मुंह भी देखना पड़ता है। देश की आजादी के बाद केन्द्रीय स्तर पर और राज्य स्तरों पर यह देखने में आया कि कोई भी दल लगातार सत्ता में नहीं रह पाया। अक्सर दो तीन टर्म के बाद अर्थाक एक दशक तक सत्ता पर काबिज रही कांग्रेस पार्टी को यदि सन 2003 के निर्वाचन में हार का मुंह देखना पड़ा तो इसमें आश्चर्य जैसी कोई बात नहीं मानी जानी चाहिए।  

 

? राजेन्द्र जोशी


किझेवनमनी की छायाएं :

जनसंहारों में न्याय ?

        ''सदियों पुरानी जातिव्यवस्था के कारण समय-समय पर लोगों की जान जाती है। यह मामला एक सभ्य देश में तथाकथित अगड़ी जातियों (क्षत्रिय या ठाकुर) के तथाकथित नीचली जातियों के खिलाफ किए गए दमन का सबसे बुरा स्वरूप है। कानून और लोकतंत्रा की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए हमारे देश से जातिव्यवस्था को जल्दी खतम किया जाना जरूरी है।''

              - सर्वोच्च न्यायालय, दलित हत्याओं के एक मामले में फैसला सुनाते हुए

? सुभाष गाताड़े


खिरकिया दंगें और बच्चों,

महिलाओं पर इसका प्रभाव

       ध्यप्रदेश के खिरकिया ब्लॉक के छीपाबड़ गॉव में बीते 19 सितंबर 2013 को साम्प्रदायिक दंगा हुआ था जिसकी चर्चा अपेक्षाकृत बहुत कम हो पायी है। इसकी फैक्ट फाइंड़िग के लिए 27 सिंतंबर 13 को भोपाल के कुछ संगठनों द्वारा एक टीम भेजी गई थी जिसमें मै भी शामिल थी। छीपाबड़ में दंगाईयों द्वारा किये विनाश की स्थिति दंग करने वाली थी। दंगा क्या यह तो लक्षित हिंसा थी जिसे पूरे तैयारी के साथ अंजाम दिया गया था। आगे स्थिति की भयावहता का ओर वर्णन करु इससे पहले मै आप सब को बताना चाहती हूॅ कि छीपाबड़ एक छोटा कस्बा है जो कि जिला हरदा से लगभग 30 कि.मी तथा खिरकिया ब्लॉक से 5 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।      

 

? उपासना बेहार


प्राकृतिक आपदा बड़ी या मानवनिर्मित आपदा ?

        दुर्गापूजा से पहले ही उड़ीसा में खतरनाक समुद्री तूफान आया जिसे पेलिन नाम से जाना गया। इस बार मौसम विभाग ने तीन दिन पहले 8 अक्तूबर को इस तूफान की जानकारी जारी कर दी और प्रशासन ने भी पहले के हादसों से उचित सबक निकाल कर इस आपदा के भयानक रूप लेने से पहले ही नौ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका था। फिर भी अभी तक 21 लोगों के मरने की ख़बर हैं  मौसम विभाग लगातार दूरदर्शन तथा अन्य संचार माध्यमों द्वारा तूफान के ताजा हालात तथा उसकी दिशा के बारे में लोगों को अवगत कराता रहा जिससे लोगों को खुद भी सम्भलने का मौका मिला।  

? अंजलि सिन्हा


अपने अस्तित्व से जूझता

म.प्र. का किसान

       म.प्र. के किसानों के लिए परेशानियॉ कम होने का नाम ही नहीं लेती। कभी बिजली कम्पनी वाले आकर मोटर,पाइप और तार उठाकर ले जाते हैं तो कभी भारी भरकम बिल थमा देते है।पिछले साल तो रायसेन जिले में एक किसान ने 39हजार रूपये के बिजली बिल से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी।याद होगा कि गौहरगंज तहसील के सिलारी गॉव का किसान गजराज अचानक मिले बिजली के भारी भरकम बिल से परेशान था,बिल भरने के लिए कहीं से रूपये की व्यवस्था नहीं बन पा रही थी जिसके चलते उसने जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या कर ली।    

 

? डॉ. सुनील शर्मा


  21 अक्टूबर-2013

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