संस्करण: 21 दिसम्बर-2009

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अलग तेलंगाना राज्य और
मधु कौड़ाओं की सम्भावनाएं


केन्द्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता अर्जुन मुंडा मधु कौड़ा से भी बड़े घोटालेबाज हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल में अरबों रुपयों का महा घोटाला किया है। श्री सहाय ने कहा कि मधु कौड़ा ने>वीरेंद्र जैन


 

नये राज्यों की
उठती मांगे औचित्यहीन


राजनीति का वर्तमान दौर अनेक विडंबनाओं से गुजर रहा है। राजनैतिक पार्टियां देश और प्रदेश के विकास के मामलों में कम किंतु परस्पर एक दूसरे को धूल चटाने में ज्यादा दिलचस्पी ले रही हैं। सत्तारूढ़ पार्टियां विपक्ष के >राजेंद्र जोशी


 

कानून-व्यवस्था का जनाज़ा निकला
 

खंडवा में सिमी आतंकियों द्वारा सरे राह तीन लोगों की हत्या, खरगोन में बैंक केशियर की हत्या कर 65 लाख की लूट, भोपाल में विधायक की भतीजी की हत्या, पूर्व विधायक के खिलाफ प्रकरण दर्ज, ये पिछले दिनों>महेश बाग़ी


 

मध्यप्रदेश में दलित आतंक के
साये में जी रहे हैं


संसद में प्रस्तुत एक रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में अनेक ऐसी घटनायें हुर्इं है जिनसे यह ज्ञात होता है कि मध्य प्रदेश में अल्पंसख्यक स्वयं को असुरक्षित महसूस करते है।>एल एस हरदेनिया


 

हमारे दरवाजे पर ब्लैकवॉटर युद्ध का निजीकरण :
नये लिबास में भाड़े के सिपाहियों की वापसी

 

दिसम्बर के दूसरे सप्ताह की शुरूआत में पाकिस्तान के शहर लाहौर की छावनी में एक विचित्र घटना घटी। गलत रजिस्ट्रेशन नम्बर वाली तीन लैंण्ड क्रूजर गाड़ियों में बैठ कर जा रहे कई अमेरिकी नागरिकों को>सुभाष गाताड़े


 

संदर्भ : रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्ट
संसद में कब पेश होगी मिश्र आयोग की रिपोर्ट

लित मुसलमानों और ईसाईयों को अनुसूचित जाति का दर्जा प्रदान किए जाने की हिमायत करने वाली रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्ट तकरीबन ढाई साल से सरकार के पास अटकी पड़ी है लेकिन संसद में पेश नहीं हो>जाहिद खान


कब तक नक्सलवाद को विकास से जोड़ते रहेंगे हम

क्सल समस्या को लेकर हमारा समाज आज भी दो वर्गो में विभजित है एक तरफ ऐसे लोगो की जमात है जो समझते हैं कि विकास की राह पर चलकर ही इस समस्या का निवारण हो सकता है वही दूसरा वर्ग ईट>नीरज नैयर


 

वैध-अवैध से परे समाधान ढूंढने की जरूरत

वेश्यावृत्ति वैध हो या इसे अवैध माना जाय यह कोई नई बहस नहीं है। अभी जब अवैध है तब भी शोषण उत्पीड़न जो पीड़ित है उसी का होता है और यदि वैध कर दें तो भी उसकी सबसे ज्यादा मार उस पर पड़ेगी। मजबूर>अंजलि सिन्हा


 

कृषि गरीबी से मुक्ति का मुख्य हथियार
 

चिलचिलाती धूप में अपने बच्चे को पीठ पर बाधें झुककर खेतों में काम करने वाली महिलाए या फिर कुपोषण से हड्डियों का ढाँचा बनते लाखों लोग देश की गरीबी का यथार्थ है जो गरीबी का आंकलन करने बाली किसी>डॉ सुनील शर्मा


 

देश की उन्नति हेतु आवश्यक है
गांवों का विकास

 

भारत कृषि प्रधान देश है। यहां की 70 प्रतिशत जनता गांवों में निवास करती है। इसके अलावा कोई अन्य बात ग्राम्य जीवन और किसानों के बारे में नहीं कहीं-सुनी जाती। कृषक धरती-पुत्र है, अन्नदाता है। उसकी मेहनत से>डॉ ग़ीता गुप्त


 

''क्यों लुप्त हो रहे हैं गिद्ध''
 

नुष्य और पशु-पक्षियों में एक अनछुआ-सा रिश्ता होता है। ऐसा ही रिश्ता गिद्धों के साथ भी है। गिद्ध मरे हुए जानवरों का मांस खाकर गांव, कस्बे, शहर आदि की नैसर्गिक सफाई का काम करते है, लेकिन अब ऐसे हालात पैदा

>जूही त्रिपाठी


21िसम्बर -2009

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