संस्करण: 1 अप्रेल-2013

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बीजेपी और समाजवादी पार्टी में दूरियां घट रही हैं

       त्ता की राजनीति में बड़े पैमाने पर मंथन चल रहा है। बीजेपी के नेता और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय राजनीति में धमाकेदार इंट्री ली हैं। आम तौर पर माना जा रहा है की बीजेपी वाले उनको ही आगे करके कांग्रेस के खिलाफ मोर्चेबंदी करेंगे। हिंदुत्व का राजनीतिक इस्तेमाल उत्तर प्रदेश में ही शुरू हुआ था। बाद में नरेंद्र मोदी ने उसका गुजरात में सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया। मुसलमानों का खौफ पैदा करके वहाँ के हिंदुओं को एक किया और लगातार चुनाव जीतने का रिकार्ड बनाया।

?   शेष नारायण सिंह


आडवाणी के क्यों कायल हो रहे हैं मुलायम?

       मुलायम सिंह यादव करें आडवाणी की प्रंसा, तो अनेक लोगों की भौंहे तनना स्वाभाविक है, क्योंकि भाजपा नेता आडवाणी की मुख्य राजनैतिक पूंजी बाबरी मस्जिद को ढहाने के लिए जिम्मेदार 1990की राम रथ यात्रा है,तो मुलायम सिंह यादव की मुख्य राजनैतिक पूंजी उस यात्रा की समाप्ति के बाद अयोध्या में बाबरी मस्जिद को आडवाणी समर्थकों से बचाने के लिए हिंदुओं पर करवाई गई ताबड़तोड़ फायरिंग। एक का नाम बाबरी मस्जिद तोड़ने से जुड़ा हुआ है, तो दूसरे का नाम मस्जिद बचाने के लिए की गई कार्रवाई के लिए।

? उपेन्द्र प्रसाद


लंका विरोधी प्रस्ताव में लिट्टे की ज्यादतियों का जिक्र नहीं

       लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल एलम (लिट्टे) अब तक का सबसे अधिक भयावह आतंकवादी संगठन रहा है। दुनिया का किसी अन्य आतंकवादी संगठन ने मानवाधिकारों को उस तरह नहीं कुचला है, जितना लिट्टे ने। अपने 26 साल के इतिहास में इसने न केवल श्रीलंका को बल्कि भारत को भी गहरे जख्म दिए हैं। श्रीलंका के गृहयुध्दा में एक लाख से ज्यादा नागरिकए 22 हजार से ज्यादा जवान और 30 हजार से ज्यादा लिट्टे विद्रोही मारे गए। सुसायड बेल्ट का ईजाद भी लिट्टे ने ही किया।

? हरिहर स्वरूप


हम हमारे नाम से कहीं अधिक है:

नरेन्द्र मोदी के राज में एक गुजराती मुसलमान के जीवन की व्यथा

         मैं 2002 के गुजरात दंगों के दौरान अपने फोन की घंटी बजने का इंतजार करता रहा। मेरे भारत जाने के हफ्तेभर पहले मेरे पिताजी ने अपनी गुजराती हिन्दू सहपाठी रूपा आंटी को केलीफोर्निया में हमारे घर रात्रिभोज के लिये आमंत्रित किया था। जब मैं बच्चा था तब मैने रूपा आंटी के बेटे की कलाई पर राखी बाँधी थी। जब मेरी माँ को कैंसर होने का पता चला था तब रूपा आंटी ही वो थी जो मदद के लिये सबसे पहले आई और उन्होने अस्पताल में हमारे साथ रात बिताई।

? जहीर जनमोहम्मद


चुनाव सुधारों के लिए कृतसंकल्पित हो रहे हैं संगठन

      पिछले कुछ वर्षों से केन्द्र या किसी राज्य में होने वाले आम चुनाव के प्रारम्भ और चुनावों के बाद में प्रत्याशियों और विजयी उम्मीदवारों के बारे में दिलचस्प और चौंका देने वाले आंकड़ों के समाचार देखने को मिलते हैं। ये देशव्यापी आंकड़े चुनाव सुधारों के लिए कृतसंकल्पित संस्था एडीआर अर्थात एशोसियेशन आफ डैमोक्रेटिक रिफोर्म्स की ओर से जुटाये जाते हैं और सभी संचार माधयमों को नि:शुल्क उपलब्ध कराये जा रहे हैं।

 ?   वीरेन्द्र जैन


प्रदेश की भाजपा सरकार की हकीकत

                  ड़े बुजुर्ग कह गए हैं कि द्विअर्थी वाणी और चरित्र वाले मित्र से अच्छा एक दुश्मन है। पिछले 9 साल के शासनकाल में भाजपा की कथनी और करनी में अंतर बताने वाले जितने तथ्य सामने आए हैं,वे संभवत: यही इशारा करते हैं। महिलाओं,किसानों और गरीबों को लेकर खासी आत्मीयता दिखाने वाले प्रदेश की भाजपा सरकार की हकीकत इसके एकदम उलट है। यह आरोप यदि विपक्ष के नेता लगाते तो शायद इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया जाता, लेकिन इस वास्तविकता से पर्दा उठाने वालों में सरकार के मंत्री और भाजपा की मातृ संस्था आरएसएस शामिल है। पिछले दिनों आरएसएस के एक पदाधिकारी ने साफ कहा कि संघ सरकार से खुश नहीं है।   

? विवेकानंद


एक मुस्लिम महिला और ब्राह्मण

विधवा की प्रेरणास्पद कहानी

      ज से 13 वर्ष पहिले की घटना है जब एक मुस्लिम महिला ने एक ब्राह्मण विधवा को आत्महत्या करने से रोका। ब्राह्मण विधवा एक ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त करना चाहती थी।

               इस मुस्लिम महिला ने न सिर्फ 76 वर्षीय इस ब्राम्ह्मण महिला को आत्महत्या करने से रोका वरन् उसने उसे अपने घर में जगह दी। उसके साथ ही उसने एक ऐसे संबंध का बीजारोपण किया जिसे सदियों तक याद किया जायगा। धार्मिक और सांस्कृतिक विभिन्नताओं के बावजूद यह रिश्ता आज भी कायम है।

? एल.एस.हरदेनिया


उत्सवधर्मी देश में क्रिकेट की जीत भी एक महोत्सव है

      मूलत: हमारा देश उत्सवधर्मी है। कोई ऐसा अवसर नहीं छूटता जब किसी न किसी तरह के उत्सव के नज़ारे भारत में नहीं देखे जा सकते हों। हर मौसम में हर माह में, हर पर्व पर औरं आनंद-खुशियों की घड़ियों में उत्सव मनाना, झूमना, गाना, मिठाई बांटना, परस्पर एक दूसरे से गले मिलना, जैसे हावभाव प्रदर्शित किए जाते रहते हैं। प्राय: प्रतिदिन सूर्य बधाई-शुभकामनाओं के साथ ही उंगता है।

? राजेन्द्र जोशी


हनक और सनक के शिकार होते जन प्रतिनिधि

        नप्रतिनिधियों द्वारा स्वंय को शासक समझने की दो हालिया घटनाऐं हैं- एक तो महाराष्ट्र विधानसभा में विधायकों द्वारा एक पुलिस अधिकारी की पिटाई और दूसरी, उत्तर प्रदेश विधानसभा में एक विधायक द्वारा विशेषाधिकार मामले को लेकर अदालत से टकराव। जनता द्वारा निर्वाचित या सरकार द्वारा मनोनीत होने के फौरन बाद देश के तमाम जन प्रतिनिधियों में खुद को सुपर मैन समझ लेने की जो भावना आ जाती है ये घटनाऐं उसी का परिणाम हैं। महाराष्ट्र में गत सप्ताह डयूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी ने गति सीमा का उल्लंघन करने वाले एक विधायक की गाड़ी का चालान काट दिया था।

? सुनील अमर


मध्यप्रदेश के स्कूलों में पढ़ाई कम, पिटाई ज्यादा

       ध्यप्रदेश के अनेक स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चे शिक्षकों के गुस्से का शिकार बन रहे हैं। ज्ञान का दान देने वाले शिक्षक स्कूलों में बच्चों को पीट रहे हैं। पिटाई ऐसी कि बच्चों को उपचार के लिए तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी हो जात है। बैतूल जिले में तो पिछले दिनों शिक्षक की पिटाई से एक बच्चे की मौत हो गई जबकि दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में बच्चों के साथ होने वाली मारपीट की घटनाओं पर प्रभावी कार्यवाही भी नहीं हो पाती है। ऐसे में बच्चों पर शिक्षकों का डंडा लगातार चल रहा है।

 

? अमिताभ पाण्डेय


ग्रामीण अर्थतंत्र से उम्मीद

        ध्यप्रदेश में तो अभी हाल ही में कड़ाके की शीतलहर और पाला पड़ने के कारण तकरीबन पाँच हजार करोड़ रुपए की फ सलें बरबाद हो गई हैं। इसी के चलते किसानों के आत्महत्या करने का सिलसिला भी एक बार फि र शुरू हो गया है। बेशक हमारा देश आज भी कृषि प्रधान है, बावजूद इसके कि शहरीकरण और औद्योगीकरण के चलते खेती का रकबा लगातार घटता जा रहा है। लेकिन यह हकीकत भी किसी से छिपी नहीं है कि हमारी कृषि गहरे संकट में फँ सी हुई है। हाल ही में राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो द्वारा जारी किए गए आँकड़ों के मुताबिक 1997 से लेकर पिछले साल के अंत तक यानी तेरह वर्षों में दो लाख सोलह हजार पाँच सौ किसानों ने आत्महत्या की। जबकि यह अवधि देश में ऊँची विकास दर की रही है।

? राखी रघुवंशी


जहरीली होती हवा का कहर

       देश में बढ़ते औद्योगिकककरण के साथ साथ प्रदूषण भी लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदूषण ने जल -थल और वायु का प्राकृतिक स्वरूप बिगाड़ दिया है।जिसका सीधा प्रभाव मानव और सजीव प्रजातियों पर पड़ा है।जल और थल ने एक सीमित दायरे के परिवेश को प्रभावित किया है मगर प्रदषित वायु यानि हवा ने लम्बे क्षेत्र को अपने आगोश में लेकर प्रभावित किया है।प्रदूषित हवा की चपेट में वे भी हैं जो विकास से सैंकड़ों मील दूर है।  औद्योगिकीकरण के साथ हमारी जीवन शैली भी हवा को जहरीला बना रही है। और यह जहरीली हवा हमारे स्वास्थ्य को चौपट कर रही है।    

? डॉ. सुनील शर्मा


अपराध के रास्ते पर

किशोरों के कदम

        न दिनों हर शहर में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। उसी तेजी से बढ़ रहा है, युवाओं का अपराध की तरफ आकर्षित होना। पिछले साल दिसम्बर में दिल्ली में हुई गेंगरेप की घटना ने सभी को यह सोचने के लिए विवश कर दिया है कि आखिर युवा अपराध की तरफ क्यों आकर्षित हो रहे हैं? यह घटना पूरे समाज की आंखें खोलने के लिए पर्याप्त है। इस गेंगरेप में जो सबसे अधिक आक्रामक और वहशी था, उसकी उम्र अन्य की अपेक्षा कम ही थी।

? डॉ. महेश परिमल


  1 अप्रेल-2013

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