:11.5pt">अमिताभ पाण्डेय

किसी भी जनकल्याणकारी योजना का क्रियान्वयन करने के लिये आर्थिक स्त्रोत जुटाना, पैसे का प्रबंधा करना आवश्यक होता है। जब केन्द्र अथवा राज्य की सरकार जनहित से जुड़ी योजना को लागू करती है तो इसके लिए बजट में पर्याप्त धनराशि का इंतजाम किया जाता है। सरकार चाहे केन्द्र की हो अथवा राज्य की, उनका यह मानना है कि हमारे देश के प्रत्येक राज्य में शिक्षा में शिक्षा का इतना प्रसार किया जाये कि कहीं कोई अशिक्षित न रहे। सबको शिक्षा मिले।
देश का बच्चा-बच्चा शिक्षा से जुड़े, स्कूल जाये और पढ़ लिखकर अपना भविष्य उज्जवल बनाये यह भावना शासन, प्रशासन में बैठे नीति नियम बनाने वालों की है। देश के गांव शहरों से लेकर सद