संस्करण: 19 जुलाई-2010  

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स्वयंसेवी और गैर सरकारी संगठनों में
पारदर्शिता का अभाव


स्वयंसेवी संगठन बहुत लम्बे काल से चले आ रहे हैं जो कभी रास्तों में प्याऊ लगवाते थे, धर्मशालाएं, अनाथाश्रम, विधवाश्रम, भंडारे, अस्पताल और स्कूल चलवाते थे। ऐसे स्वयंसेवी संगठन चलाने वालों के प्रति न>वीरेंद्र जैन
 


 

निष्पक्ष निर्वाचन की उम्मीद रखना बेमानी
गुजरात में मतदाता सूचियों में धांधली का आरोप


    संसद और विधानसभाओं के निर्वाचनों में विजय हासिल करने के लिए राज्य की सत्ताओं द्वारा कई तरह के धत्करम किए जाने लगे हैं। निष्पक्ष निर्वाचनों की उम्मीद रखना लगता है, अब बेमानी हो गया है। राजनैतिक दलों में>राजेंद्र जोशी
 


 

भाजपा का
वैचारिक भटकाव

 

केन्द्र में राजग की सरकार बनाने के साथ ही यद्यपि भाजपा का वैचारिक भटकाव शुरु हो गया था, किन्तु सत्ताच्युत होने के बाद तो वह लगभग वैचारिक शून्यता की स्थिति में आ गई थी। सत्ता से उतरने के बाद प्राय: ही>सुनील अमर

 


 

भाजपा में उमा भारती की वापिसी को लेकर विस्फोट

  किसी को भी ऐसी उम्मीद नहीं थी कि उमा भारती की भारतीय जनता पार्टी में वापिसी का मुद्दा विस्फोटक मोड़ ले लेगा। परंतु 13 जुलाई को ऐसा ही हुआ। वरिष्ठतम केबिनेट मंत्री बाबूलाल गौर ने इस मुद्दे पर मंत्रिपरिषद>एल.एस.हरदेनिया


संघ पर हमेशा क्यों नरम रहती है सरकारें

  ल 2007 में अजमेर और मक्का मस्जिद बम ब्लास्ट की तहकीकात जैंसे-जैंसे आगे बढ़ती जा रही है, वैंसे-वैंसे इन विस्फोटों की साजिष में संघ से जुड़े संगठनों और उनके लोगों के नाम उजागर होते जा रहे हैं। सीबीआई>जाहिद खान


 

अपनों से परेशान भाजपा

 सा लगता है मानो भाजपा की कुंडली पर बुध की वक्री दिशा चल रही है। तभी तो केंद्रीय नेता से लेकर प्रदेश के नेता तक अनर्गल बयानबाज़ी में लगे हैं। मध्यप्रदेश में उमा भारती की वापसी की खबरों के बाद>महेश बाग़ी


 

आडवाणी जी, कृपया श्रीमती इंदिरा गांधी
को तानाशाह न कहिये


 भी अभी भाजपा के एवं विपक्ष के वरिष्ठतम नेता श्री लालकृष्ण आडवाणी ने भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को वर्ष 1976 में इमरजेंसी (आपातकाल) लगाने के लिये उन्हें तानाशाह कहा है, जबकि>सुरेंद्र जग्गी


 

25 जुलाई गुरु पूर्णिमा पर विशेष
अब गुरु क्यों नहीं पूजे जाते ?


        रतवर्ष में गुरुओं की एक महान् परंपरा रही है जिसका बखान कवियों ने बारंबार किया है। कबीरदास ने कहा-
गुरु गोविंद दोउ खड़े काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरू आपणे जिण गोविंद दियो बताय॥
>

डॉ. गीता गुप्त


 

बातें अच्छी, कब होंगी सच्ची

    च्चो को स्कूल में आने का निमंत्रण देती इन पंक्तियों के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यह दावा कर रहे हैं कि राज्य सरकार के प्रयासों से विद्यार्थियों को अधिक से अधिक सुविधाएं दी जा रही हैं। मध्यप्रदेश>अमिताभ पाण्डेय


 

विकास से विनाश

देश के पर्यावरण मंत्री का मानना है कि लोग उन्हें रावण समझते है और विकास विरोधी मानते है। अगर विकास पर्यावरण की कीमत पर हो रहा है और पर्यावरण मंत्री उस पर विराम लगाते है तो उनका यह >डॉ. सुनील शर्मा


 

क्या खा रहे हैं सब्जी या जहर

 हाय ये क्या लौकी के रस में जहर? 23 जून 2010 को यह हादसा सुशील सक्सेना 59 वर्ष काऊंसिल फार सांइटिफिक इंडस्ट्रियल रिसर्च के वैज्ञानिक व उपसचिव के साथ हुआ , लौकी का जूस पीने से श्री सक्सेना की>नीमा अस्थाना


 

तकनीकी अभिशाप और पुरुषवादी विज्ञापन

विज्ञापन किसी भी संदेश को विशाल जनसमुदाय तक पहुंचाने का नफीस तरीका है। यह आपकी बात चित्रों और शब्दों के साथ लोगों तक पहुंचाता है, लेकिन यह चिंताजनक तब हो जाता है जब सही समझ के साथ नहीं किया>अंश बाबा


19 जुलाई-2010

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