06;घ परिवार और उसके नेता महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की निंदा करने का कोई अवसर नहीं चूकते हैं। आज देश में जितनी भी समस्यायें हैं, संघ परिवार उन सभी के लिए महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू को दोषी बताता है। भारत के विभाजन के लिए >एल.एस.हरदेनिया


शिव सरकार का यह कैसा संकल्प ?

शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार की वापसी हुई है और इस सरकार ने जो पहला संकल्प व्यक्त किया है, वह आश्चर्यचकित कर देने वाला है। सरकार सौ दिनी कार्ययोजना बनाने में व्यस्त है।ऊपर से लेकर नीचे तक तमाम अफ़सरान सरकार का विकासवादी >महेश बाग़ी


सीएम बनाम सीईओ

ध्यप्रदेश की पब्लिक ने अपना सीएम चुन लिया। अब वह सीएम; सीईओ बनना चाहते हैं!.....क्या यह संभव है ? पूरे प्रदेश के किसी भी एक व्यक्ति ने अपना वोट ऐसे व्यक्ति को समर्पित नहीं किया है जो सीईओ बनना चाहता है या जिसमें सीईओ छुपा बैठा हो।सबने अपना वोट ऐसी छवि >प्रमोद दुब


इजरायल के कहर पर चुप्पी क्यों ?

रब देशों की मदद और स्वार्थ की खातिर हिजबुल्ला व हमास जैसे आतंकी संगठनों की जिहादी राजनीति से इजरायल का अस्तित्व खतरे में दिखता है। यह खौफ उसे विचलित करता है। फिलीस्तीन प्रयोगशाला है जहां पनाह लेकर ये खूंखार संगठन इजरायल में खत बहाकर  >अंजनी कुमार झा


खूब इश्तहार निकालो, खूब सपने दिखाओं, स्वागत है,
परंतु, कुछ साकार भी करके दिखाओ !

राजनैतिक पार्टियां सत्ता पर काबिज होने के लिए निर्वाचन के समय खूब प्रचार करती हैं, बढ़ चढ़कर आम जनता को सुखी और समृध्द बनाने के सपने दिखाती हैं, खूब प्रलोभन देती हैं, लोकलुभावन वायदें करती हैं। यह सब सुनकर बहुत अच्छा लगता है। निर्वाचन का समय एक ऐसा >राजेंद्र जोशी


सशक्तिकरण का आधार है :
स्वास्थ्य चेतना

जकल दूरदर्शन पर एक विज्ञापन प्रदर्शित किया जा रहा है जिसमें यह संदेश निहित है कि गर्भवती स्त्रियों को अपने खानपान का विशेष धयान रखना चाहिए। उन्हें आयोडीन युक्त नमक का ही इस्तेमाल करना चाहिए अन्यथा उनका होने वाला बच्चा दैहिक एवं मानसिक रूप से >डॉ.गीता गुप्त


'भूमंडलीकरण एवं भारत की प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था'

किसी भी देश के सर्वांगीण विकास के लिए यह आवश्यक है कि देश में पर्याप्त मात्रा में मानव संसाधन उपलब्ध हों जो प्रकृति प्रदत्त संसाधनों का समुचित प्रयोग कर सकें। मानव संसाधन के विकास में सर्वप्रमुख स्थान शिक्षा का है। उचित शिक्षा के अभाव में विशाल जनसंख्या वाले देश में भी उचित दक्षता प्राप्त मानव संसाधन  >स्वाति श्मा


बेहतर शिक्षा स्कूल में नहीं, जीवन की शाला में

क बार एक व्यक्ति अपनी पाँच वर्षीय पुत्री के साथ एक दोस्त की बनाई फिल्म देख रहे थे। स्क्रीन पर जब मनीष आए, तो उनकी बिटिया ने कहा कि ये तो मेरा दोस्त है। दूसरे ही क्षण स्क्रीन पर जब एक लड़की आई, तो वह रो रही थी। अरे! ये तो मेरी फ्रेंड है। उसके पापा ने पूछा-कैसे? >डॉ. महेश परिमल