संस्करण: 18 मार्च-2013

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जहर उगलो, मजे से जियो !

नफरत भरे भाषणों के लिए जनाब वरूण गांधी के अदालत द्वारा बेदाग़ बरी होने पर एक नज़र

       खिर पीलीभीत से सांसद जनाब वरूण गांधी, जो वर्ष 2009 में लोकसभा चुनावों की तैयारियों के दौरान पीलीभीत के बरखेड़ा और डालचंद गांव में अपने नफरतभरे भाषणों के लिए तीन सप्ताह जेल की सलाखों के पीछे बीता आए थे, अदालत द्वारा बरी कर दिए गए। जैसा कि ऐसे फैसलों के बाद आम तौर पर होता है श्री गांधी ने 'भारत के संविधान' के प्रति, यहां की न्यायव्यवस्था के प्रति अपने विश्वास की पुन: पुष्टि की। उनका कहना था कि 'सत्य की जीत' हुई है।

?    सुभाष गाताड़े


अडवाणीजी का सच और

मोदीभक्तों का अपच

       च्छा घी,दूध सबके लिए स्वास्थवर्धक नहीं होता। कुछ लोगों के लिए चिकित्सक घी दूध को वर्जित कर देते हैं। अच्छा खाने भर से स्वास्थ नहीं बनता अपितु अच्छा पचाने से स्वास्थ बनता है। जिनकी पाचन शक्ति कमजोर होती है वे गरिष्ठ भोजन से दूर रहते हैं। नमो नमो करती भाजपा को भी अडवाणीजी का सच पच नहीं रहा है। वैसे तो अडवाणीजी दुअर्थी संवाद बोलने में दादा कोंडके को भी मात दे सकते हैं और पहला अर्थ लगाने वाले पर ही गलत अर्थ निकालने का आरोप लगा सकते हैं।

? वीरेन्द्र जैन


भाजपा नेताओं में पद की लालच और

आडवाणी की चिंता

       पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी जी ने द वीक पत्रिका को एक इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जनता का मूड कांग्रेस के खिलाफ तो है ही, साथ ही भाजपा से भी उसका मोहभंग हुआ है। आडवाणी जी ने कर्नाटक में भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री येदुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों और इस मसले से निपटने के तत्कालीन पार्टी नेतृत्व के तौर तरीकों पर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि कर्नाटक में हम जिस तरह झगड़ते नजर आए,उससे मुझे बेहद निराशा हुई है। आडवाणी जी की इस टिप्पणी को सीधे तौर पर पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी की आलोचना के तौर पर देखा जा सकता है,क्योंकि येदुरप्पा से जुड़े विवाद का निपटारा उन्हीं के कार्यकाल में किया गया था।

? विवेकानंद


क्या, मीडिया तय करेगा प्रधान मंत्री?

         स देश में दो ही व्यवसाय ऐसे हैं जिनमें बिना कोई निवेश किये अरबों रुपये कमाये जा सकते हैं, एक तो नेतागिरी दूसरे राजनीति का भविष्यनफल बताना। कभी थोड़ी सी पूंजी से पत्रकारिता के क्षेत्र में भाग्य आजमाने वाले कुछ व्यक्तियों ने राजनेताओं से सांठगांठ कर इतना पैसा बना लिया कि आज वे देश के नामी-गिरामी धनाढयों में गिने जाते हैं। जब धन की अति हो जाती है तो मनुष्यव दूसरों का भाग्यि विधाता बनने का प्रयास करने लगता है।  

? मोकर्रम खान


विकास की राह पर पिछड़ता मध्यप्रदेश

      ध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। इसकी वजह पार्टी द्वारा करवाया गया वह सर्वे, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को मात्र 90 सीटें मिलने की बात कही गई है। इसीलिए नौटंकियों में महारत हासिल करने वाली शिवराज सरकार ने चुनावी बिसात पर गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है। इसमें प्रशासनिक सर्जरी से लेकर अटल ज्योति योजना का शुभारंभ भी शामिल है,किंतु भाजपा को इसका लाभ मिलेगा,इसकी संभावना कम ही नजर आती है।

 ?   महेश बाग़ी


मध्यप्रदेश में बढता कुपोषण ,मरते बच्चे

                  ध्यप्रदेश में आर्थिक,सामाजिक दृष्टि से कमजोर माने जाने वाले समुदाय के बच्चे ,कुपोषण की समस्या से पीडित होकर मर रहे हैं। कुपोषण के बारे में मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जो सवाल किये गये हैं ,वे बेहद चितांजनक स्थिति को उजागर करते हैं। एक सवाल में यह उल्लेख है कि मध्यप्रदेश में 2005 के बाद से आज तक प्रतिदिन 71 बच्चे कुपोषण के कारण मर रहे हैं। वर्ष 2005 से 2009 के बीच 1 लाख 30 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत कुपोषण के कारण हुई है।  

? अमिताभ पाण्डेय


कर्नाटक से उत्तर प्रदेश तक,

राजनीति की नजर 2014 पर है

      र्नाटक में हुए शहरी निकायों के चुनावों के बाद देश की राजनीति में बहुत कुछ बदल गया है । वहाँ कांग्रेस ने जीत दर्ज की है और  विधानसभा चुनावों के पूर्व एक सन्देश देने में सफलता हासिल कर ली है कि वह कर्नाटक में सबसे मजबूत राजनीतिक शक्ति है ।कई राज्यों में विधानसभा चुनावों के लगभग तुरंत बाद  ही  लोकसभा के चुनाव होने हैं जिनके ऊपर बहुत सारे  राजनेताओं के सपने निर्भर कर रहे हैं ।

? शेष नारायण सिंह


ज्यादा हवा भरने से टायर बर्स्ट हो जाते हैं !

भाजपा की कमजोर नस पर हाथ धरा अडवाणी ने

      माना कि माल बिकता है विज्ञापनों से, माल बेचने की शैली से और दूकानदार के भद्र व्यवहार से। यह फार्मूला कारखानों में ढलकर बाजार में विक्रय के लिए ओर जनोपयोगी सामानों पर तो लागू होता ही है किंतु, राजनीति को व्यवसाय समझने की चेष्टा करने वाले कतिपय क्षेत्रों में तो वे ही तरीके काम आते है जिनसे आम जनता आश्वस्त रहती है कि राजनीति के माधयम से वे छले नहीं जा रहे हैं।

? राजेन्द्र जोशी


पाकिस्तान के आम लोग भारत से शांतिपूर्ण संबंध चाहते है

        पाकिस्तान की 11 दिन की यात्रा के दौरान मैंने यह महसूस किया कि उस देश की दो तस्वीरें हैं। एक तस्वीर उन लोगों की है जो भारत व पाकिस्तान के बीच दोस्ती चाहते हैं और एक तरफ वे लोग हैं जो पाकिस्तान में भारत के विरूध्द घृणा फैलाकर अपना दबदबा कायम रखना चाहते हैं। ये लोग भारत के प्रति दुर्भावना तो रखते हैं ही वहीं वे अपने कारनामों से अपने ही देश को कमजोर कर रहे हैं। जो लोग भारत और विशेषकर भारत की जनता के साथ दोस्ताना संबंधा रखते हैं वे वहां रहने वाले बुध्दिजीवी, कालेज और विश्व विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक, एन.जी.ओ. के कार्यकर्ता हैं, शायर हैं, कहानीकार हैं। यह वह वर्ग है जो पाकिस्तान में व्याप्त अशांति से परेशान है, जो चाहते हैं कि धार्मिक मान्यताओं पर आधारित भेदभाव को समाप्त किया जाये।

? एल.एस.हरदेनिया


आशु को प्यार सहित

बीते पलों की यादें

       शा, जिन्हें मैं प्यार से आशु कहता था, अब इस दुनिया में नहीं रही।

                उनके पिताजी कर्नल डॉ. जगदेव सिंह एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। ब्रिटिश सेना में सेवा करते हुये उन्हें जापानियों द्वारा बंदी बना लिया गया था,उसके बाद वे सुभाषचंद्र बोस के नेतृत्व में इंडियन नेशनल आर्मी (आई.एन.ए.) में शामिल हो गये और अपने जीवन के अंतिम समय तक वे आई.एन.ए. के सचिव रहे। उनकी मॉ हिमाचल प्रदेश में बसंतपुर-अर्की से है।

? दिग्विजय सिंह

(लेखक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मधयप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री है)


किसानों की कर्जमुक्ति घोटाले का जिम्मेदार कौन?

        प्रदेश में बीते दिनों हुई बेमौसम की बरसात किसानों पर कहर बनकर टूटी है। तेज बारिश के साथ कई जगह ओलावृष्टि होने से फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, इंदौर, होशंगाबाद और भोपाल आदि संभागों के कई जिलों में अतिवृष्टि और ओलों ने तबाही मचाकर रख दी। खेतों में लहलहा रही फसल किसानों के देखते-देखते उनकी आंखों के सामने ही बिछ गई। हालत यह है कि कई जिलों में रबी सीजन की प्रमुख फसल गेंहू, चना, मटर, सरसों, धनिया, मक्का, मिर्च आदि को ओलों ने खासा नुकसान पहुंचाया है।

? डॉ. सुनील शर्मा


भ्रष्टाचारी पति की

पत्नी को भी मिली सजा

       भ्रष्टाचारी पतियों की पत्नियों को भी सजा दिये जाने का सिलसिला देश में आगे बढ़ रहा है। मधयप्रदेश में पहली बार विशेष नयायालय ने आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में पति के साथ पत्नी को भी 3 साल की कैद और 25 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। उनके पति एवं वन परिक्षित अधिकारी हरिषंकर गुर्जर को 4 साल की कैद और एक करोड़ के जुर्माने की सजा दी है। खण्डवा जिले के कालीभीत तहसील में तैनात इस रैंजर के यहां 13 जुलाई 2009 को लोकायुक्त ने छापामार कार्यवाही कर 1.28 करोड़ अनुपात हीन संपत्ति बरामद की थी।    

? प्रमोद भार्गव


  18 मार्च-2013

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