संस्करण: 18 जुलाई- 2011

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आतंक फैलाने वाले मौत के सौदागरों को

बेनकाब करने की जरुरत 

    मुंबई में एक बार फिर आतंक का हमला हुआ तीन भीड़ भरे मुकामों को निशाना बनाया गया मकसद फिर वही था,आम आदमी के अंदर दहशत भर देना मुंबई फिर अपने काम काज में लग गयी आतंकवादी अपने मकसद में कामयाब नहीं हुए उनके हिसाब में कुछ लोगों का कत्ल और लिख दिया गया सरकार ने अपना काम शुरू कर दिया और आम आदमी ने इस तरह से अपना काम करने का फैसला किया जैसे कुछ हुआ  ही नहीं है 

  ? शेष नारायण सिंह


रामदेव : बिना सम्प्रदाय के स्वामी

  जून के शुरूआती कुछ दिनों में, बाबा रामदेव ने भारत में अपने हजारों समर्थकों को भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट किया। परिस्थिति अनुकूल थी :देश में पहले ही केंद्र सरकार द्वारा वास्तविक गैर-प्रतिक्रिया के फलस्वरूप राजनेताओं की संलिप्ता वाले कई घोटलों और पिछले हतों में वयोवृध्द गांधीवादी अन्ना हजारे द्वारा आयोजित विरोध देखा गया।

? क्रिस्टोफ जैफरेलॉट


नकली दवा, असली मौत

क्या मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ इस धन्धे के अहम केन्द्र बने हैं ?

      क्या सूबा मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ नकली दवाओं के वितरण के अहम मुकाम बने हैं। और आम लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने के इस काम में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों एवं दवा कम्पनियों की आपसी सांठगांठ के सबूतों की तरफ हुक्मरानों ने अपनी आंखें मूंदी हुई हैं ? इसे संयोग कहें या नकली दवाओं के बढ़ते नेटवर्क का नतीजा कि भोपाल स्थित ड्रग लैबोरेटरी और कोलकाता स्थित केन्द्रीय औषधि प्रयोगशाला की लगभग एकही समय प्रकाशित रिपोर्टें .........

? सुभाष गाताड़े


शिवराज की स्वीकारोक्ति

    ठोपनिषद् में कहा गया है कि सच्चाई को सौ तालों में भी जड़ दिया जाए, तो भी वह एक न एक दिन बाहर आ ही जाती है,यह वचन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चरितार्थ करते नज़र आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनता को उनके हक़ मिलने में देरी हो रही है। लोक कल्याण शिविर, अंत्योदय मेले, लोक सेवा गारंटी अधिनियम और जन सुनवाई जैसी सरकारी कोशिशों के बाद भी शिवराज उपरोक्त बयान दे रहे हैं, तो उन्हीं से पूछा जाना चाहिए कि फिर सरकार क्या कर रही है ?

? महेश बाग़ी


जन धन लूटती

चिट फण्ड कम्पनियॉ  

    कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने जब चिट फण्ड कम्पनियों में मध्यप्रदेश के मंत्रियों का पैसा लगा होने की बात कही तब राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल हुई लेकिन किसी भी मंत्री ने सामने आकर उनके आरोप का खण्डन नहीं किया। दिग्विजय सिंह की बात को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गलत बताया। इसके कुछ ही दिनों बाद दिग्विजय की बात सही साबित होती नजर आई जब यह समाचार ...........

? अमिताभ पाण्डेय


खुले में सड़ता अनाज और

संवेदनहीन सरकार

   मारे मुल्क में बीते कुछ सालों से हुक्मरानों की जैसे यह परिपाटी ही बन गई है कि, वह अपनी गल्तियों से कभी कोई सबक नहीं लेते। एक बार वह जो गलती कर देते हैं,उसे सुधारने की बजाय बार-बार दोहराते हैं। गुजिश्ता साल ही हमारी सर्वोच्च अदालत ने मुल्क भर में अनाज की बर्बादी पर सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए  ..........

? जाहिद खान


धार्मिक संस्थाओं के खजानों का उपयोग  

       न, जिसकी मुद्राओं, मूल्यवान धातुओं, और प्रकृति से प्राप्त हीरे मोती रत्नों आदि के रूप में रखे जाने की विश्वव्यापी परम्परा है, आखिर क्या होता है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार यह श्रम के मूल्य का हस्तांतरणीय (ट्रांसफरेबिल), प्रमाण पत्र है जो अपनी जरूरत और सुविधानुसार उपयोग करने के लिए मुद्राओं आदि के रूप में जारी किया जाता है।

? वीरेन्द्र जैन


उ.प्र.भाजपा-बाड़ ही खेत चरने पर आमादा  

    त्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव नजदीक आ गये हैं, राजनीतिक दलों की गतिविधियों से ऐसा लगने लगा है फिर भी राज्य में मौजूद दोनों राष्ट्रीय दल -काँग्रेस और भाजपा, में अभी वह तेजी नहीं दिख रही है जो राज्य स्तरीय बसपा और सपा में है। इन दोनों दलों ने तो अपने संभावित प्रत्याशियों की सूची भी लगभग पूरी कर ली है,जबकि कॉग्रेस और भाजपा ने अभी शुरुआत ही नहीं की है। जैसा कि सभी जानते हैं,   

? सुनील अमर


नारी की निरीहता का प्रमाण है यह गीत 'मुन्नी बदनाम हुई,

डार्लिंग तेरे लिए'  

     भारतीय समाज ने सदा से ही नारी जाति को निरीह और दोयम दर्जें का समझा है। कविताओं में, कथा-कहानियों में, भाषणों में और यहां तक कि शासकीय योजनाओं में नारी के महत्व को ममता की मूर्ति बताया जाता हैं, किंतु जमीनी हकीकत से तो यही सिध्द होता है कि 'अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी,आंचल में है दूध और आंखों में पानी।' नारियों पर अत्याचारों की इतनी अधिक घटनाएं बढ़ती जा रही हैं कि .........

? राजेन्द्र जोशी  


सलवा जुडुम बना सब पर जुल्म  

    लवा जुडुम संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश ने यह सिध्द कर दिया है कि आतंकवाद का मुकाबला प्रति-आतंकवाद या हिंसा का मुकाबला प्रतिहिंसा से नहीं किया जा सकता। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने ऐतिहासिक निर्णय में छत्तीसगढ़ सरकार से यह कहा है कि वह उसके द्वारा नियुक्त स्पेशल पुलिस आफिसर्स (एसपीओ) को दिए गए हथियार वापिस ले ले। सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ सरकार की निंदा करते हुए कहा है कि.........

? एल.एस.हरदेनिया


पृथक तेलंगाना राज्य: 

सारा खेल हैदराबाद को लेकर

 

         पृथक तेलंगाना के मुद्दे पर सरकार की बेरुखी समस्या को और अधिक विकराल बना रही है। सरकार का रवैया ऐसा ही रहा, तो संभव है कि राज्य में खूनी क्रांति शुरू हो जाए। तब सरकार को शायद होश आए। तब शायद सरकार इस धारणा से मुक्त हो पाएगी कि समस्याओं को इतना अधिक लटकाओ या टालो, जिससे उसका समाधान हो जाए। इसके पहले नरसिम्हा राव सरकार में भी ऐसा ही होता था। यह सरकार उससे दो कदम आगे चलकर समस्याओं को लटकाने में ही अपनी भलाई समझती है। 

? डॉ. महेश परिमल




18 जुलाई-2011

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