संस्करण: 18फरवरी-2008

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प्रशासन में राजनैतिक दखलंदाजी ! वरिष्ठ अफसरों का सेवा के प्रति मोहभंग
वे दिन शायद अब इतिहास बन गये हैं, जब शासकीय सेवाओं की समाज में बड़ा ही मान-सम्मान था। लोग सेवाभाव से शासन की नौकरियों से जुड़ते थे। अपने अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त अधिकारी  >राजेन्द्र जोशी


  


                

महाराष्ट्र में गैर मराठी लोगों पर हमले समय चयन के संकेत
महाराष्ट्र में राज ठाकरे के हथकण्डे पर प्रतिक्रिया देने में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के घोषित प्रत्याशी लालकृष्ण आडवाणी को एक सप्ताह से अधिक का समय लगा। ये वहीं आडवाणी   >वीरेन्द्र जैन


जबरदस्ती नहीं जग सकता जज्बा
दुश्मनों को हर मोर्चे पर मात देने वाली भारतीय सेना आजकल खुद एक नये मोर्चे पर जूझ रही है. अफसरों की कमी और सशस्त्र सेनाओं की तरफ युवाओं के घटते रुझान ने उसके समक्ष कई सवाल खड़े कर दिए हैं. गौरवशाली  >नीरज नैयर


          


    

महिला-शिक्षण संस्थाओं में पुरूषों की नियुक्ति क्यों ?
ऐसे अनेक प्रकरण प्रकाश में आये हैं जिनमें गुरु-शिष्य सम्बन्धो के कलंकित होने की बात है। शिक्षा-जगत् में ऐसी घटनाएँ आम होती जा रही हैं। दो दशक पूर्व उत्तर-प्रदश >डॉ. गीता गुप्त


महिलाओं के हक़ की आवाज़
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने महिलाओं के हक़ में एक बेहद महत्वपूर्ण फ़ैसला सुनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने एक प्रकरण में यह व्यवस्था दी है कि अगर कोई व्यक्ति एक पत्नी के होते दूसरी औरत को भी रख लेता है और लंबे  >महेश बाग़ी


         


              


अरूणाचल के बहाने भारत पर चीन की गिध्द दृष्टि
अरूणाचल प्रदेश पर हक जताकर चीन बार-बार वर्ष 1962 जैसे हालात को पैदा करना चाहता है। हाल ही में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की चीनी यात्रा से लौटने पर वही राग फिर अलापा जा  >अंजनी कुमार झा


सुभाष बोस के विचारों के प्रचार के लिये महाअभियान
सुभाष चंद्र बोस के कृतित्व और व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं से आम लोगों को अवगत कराने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान शीघ्र ही प्रारंभ होने वाला है। इस अभियान को सफल बनाने   >एल.एस.हरदेनिया


             


  

रोजगार गारंटी योजना का विस्तार और आलोचनाएं
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का एक अप्रैल 2008 से देश के बाकी सभी जिलों में विस्तार किया जाएगा। केन्द्र सरकार ने दो वर्षों के अल्प समय में इस योजना को देश भर के लिए >मिथिलेश कुमार


मानव क्लोन : विलक्षणता के खतरे
हाल ही में कैलीफोर्निया से क्लोन पद्धति के जरिए 5 इंसानी भ्रूण तैयार करने की खबर आई है। हालांकि इस खबर पर इसलिए आश्चर्य करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसके पूर्व फरवरी 1997 में डॉली नामक भेड़ का क्लोन और 2003  > प्रमोद भार्गव


                 


            


अच्छी खबर-बुरी खबर 400 से 500 रुपए प्रति माह में जलता है गरीब का चूल्हा !
एक देश और उसके लोगों में क्या समानता हो सकती है जरा सोचिए ? बात को ज़रा और स्पष्ट करते हैं। दो को हम दो वर्गों में बाँट कर सकते हैं एक सम्पन्न राज्य तो दूसरा विकास की बाट जोहत >अखिलेश सोलंकी


अध्यक्ष अमीर, आयोग गरीब !
गरीब लोगों का कल्याण करने के नाम पर किसी आयोग का गठन किया जाये और उसके अधयक्ष पद पर पार्टी के किसी गरीब कार्यकर्ता की बजाय अमीर आदमी को नियुक्त कर दिया जाये तो इसे आप क्या कहेंगे ? मधयप्रदेश में  >अमिताभ पाण्डेय


    


    


दो महापुरुषों के अवसान का दुख
भारत माता ने कई ऐसे सपूतों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपने ओज से देश को ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को रोशन किया है। ऐसी ही दो महान हस्तियां योग गुरु महर्षि महेश योगी और समाजसेवी बाबा आमटे अब हमारे बीच नहीं रहे। दोनों >एम. के. सिंह


''काँग्रेस के जाल में माया फंसी''
'बसपा की राष्ट्रीय अधयक्ष, उ.प्र. की मुख्यमंत्री मायावती ने काँग्रेस और भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह दोनों पार्टियों ने मेरे खिलाफ हाथ मिला लिए है। बसपा के देश भर में बढ़ते जनाधार और उ.प्र. की सरकार की बढ़ती >राजेन्द्र श्रीवास्तव


              


       


कृषि पर आयकर का औचित्य ?
देश में बजट सत्र के दौरान हर वर्ष यह चर्चा ज़रूरी होती है कि कृषि आय को भी कर के दायरे में लाया जाए। कृषि को आयकर के दायरे में शामिल करने की मांग करने वाले वर्ग की सोच हैं कि वर्तमान में किसानों का एक
 >डॉ. सुनील शर्मा


''भारत में वन्य जीव संरक्षण-एक नज़र''
प्रकृति के महत्वपूर्ण अंगों में वन्य जीवों का प्रमुख स्थान है। भारत में संपूर्ण विश्व के लगभग 5 प्रतिशत वन्य प्राणी निवास करते हैं। पूरी दुनिया में पायी जाने वाली लगभग 130 लाख वन्य प्रजातियों में से लगभग 76,000 >स्वाति शर्मा


     


              


देश में बहती शराब की नदियाँ
पहले कहा जाता था कि हमारे देश में दूध की नदियाँ बहती थीं। हमारे बुजुर्गो की यह बात हमें समझ में नहीं आती थीं। हमें विश्वास ही नहीं होता था कि ऐसा हो भी सकता है। आज उनकी बात कुछ-कुछ समझ में आ रही है। >डॉ. महेश परिमल


ब्राह्मण नेतृत्व बनाम हाथी को थामने की कवायद
प्रदेश कांग्रेस में बहुप्रतीक्षित नेतृत्व परिवर्तन का पटाक्षेप केन्द्रीय कार्मिक राज्य मंत्री सुरेश पचौरी को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपे जाने के साथ हो गया। बहुआयामी इस निर्णय से जहां बसपा के हाथी को लगाम लगेगी, वहीं अर्जुन >प्रमोद भार्गव


     


 
                  18 फ़रवरी 2008
 

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