संस्करण: 18 अप्रेल -2011

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अन्ना के अनशन से क्या हासिल हुआ!

  किसी बड़े और चमत्कारी परिवर्तन की उम्मीद पाल बैठे कुछ निराश लोगों का विचार है कि चार दिन की अखबारी सुर्खियों और मीडिया की सनसनी के बाद अन्ना हजारे के अनशन से जन्मा ज्वार उतर गया है।  ?वीरेंद्र जैन


मतान्तर के जोखिम की स्थिति में

मैं अन्ना हजारे के साथ जश्न क्यों नहीं मना रहा हूं

  तान्तर के जोखिम की अवस्था में, 'अन्ना हजारे और जन लोकपाल बिल' के घटना के आसपास उत्साह के चरम आनंद में मैं गहरी बेचैनी व्यक्त करता हूं।  ?शुध्दब्रत सेनगुप्ता


बुनियादी चुनाव सुधार आवश्यक हैं भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए

  स समय सारे देश में भ्रष्टाचार के विरूध्द  आवाजें उठ रही हैं और भ्रष्टाचार- विरोधी वातावरण निर्मित हो रहा है। श्री अन्ना हजारे के नेतृत्व में चल रहे अभियान को भारी जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है। ?एल.एस.हरदेनिया


भ्रष्टाचार पर दोहरा रवैया

  ध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भ्रष्टाचार के प्रति दोहरा रवैया एक बार फिर सामने आया है। नई दिल्ली में अनशन पर बैठे समाजसेवी अन्ना हजारे का उन्होंने समर्थन किया और जन लोकपाल बिल लागू करने की तरफ़दारी भी की, ?महेश बाग़ी


केन्द्र सरकार पर पक्षपात के

आरोपों का माकूल जवाब

    राज्य सरकारों द्वारा जहां विपक्ष की सरकारें हैं वहां से हर मामले में आवाज उठाई जाती है कि केंद्र की यूपीए सरकार विपक्ष वाली राज्यों की सरकारों के साथ राशि आवंटित करने में भेदभाव करती आ रही है। ?राजेंद्र जोशी


रहने को घर नहीं है, सारा जहां हमारा

कैसे झुग्गीमुक्त हो यह मुल्क ?

 

  क्कीसवीं सदी की पहली दहाई में राजधानी दिल्ली में यमुना पुश्ता स्थित विशाल बस्ती का विस्थापन काफी चर्चित रहा है, जिसमें यमुना नदी किनारे रहनेवाले लगभग डेढ़ लाख लोग उजाड़े गए थे। ?सुभाष गाताड़े


बोझ नहीं है बढ़ी आबादी

  ई जनगणना के मुताबिक भारत की आबादी 1 अरब 21 करोड़ हो गई है। बड़ी आबादी की रफ्तार पर जापान और चीन की तरह लगाम लगाए जाने की हिदायतें भी दी जा रही हैं। मैं जनसंख्या नियंत्रण का विरोधी नहीं हूं लेकिन बढ़ती आबादी को आपातकाल के दौरान लागूं किए गए परिवार नियोजन कार्यक्रम की तरह नीति बनाकर ?प्रमोद भार्गव


कुत्तों का बढ़ता आतंक

  नौ साल के मनबीर सिंह की महज अब यादें ही रह गयी हैं। अपने घर से जब वह गुरूद्वारा साहिब की तरफ जा रहा था तो रास्ते में आवारा कुत्तों ने उसे घेर लिया था और उसे नोच डाला था। ?अंजलि सिन्हा


पशुओं को मिले चारे का अधिकार?

 

  संभव है कि भोजन का अधिकार अधिनियम लागू हो जाने के बाद देश की दो तिहाई आबादी भूख के कष्ट से मुक्ति पा लेगी। लेकिन इनमें से उन लोगों की जीविका का क्या होगा जो पशुपालन पर आश्रित है। क्योंकि आज देश के 20 करोड़ दुधारू पशुओं के लिए ?डॉ. सुनील शर्मा


ऊर्जा का अपव्यय रोकना आज भी

सबसे बड़ी आवश्यकता

 

  चेर्नोबिल और फुकुशिमा के परमाणु संयंत्र में हुए विस्फोट के बाद हुई तबाही के बाद यह प्रश्न स्वाभाविक रूप से सबके सामने आ खड़ा हुआ है कि आखिर बिजली और पेट्रोल से चलने वाले संयंत्रों की इतनी आवश्यकता क्यों है? ?डॉ. डॉ. महेश परिमल



18 अप्रेल -2011

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