संस्करण: 17 फरवरी-2014

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डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट का हैडक्वार्टर

     तंकी बम विस्फोटों के लिए गिरफ्तार असीमानन्द के कैरवान में प्रकाशित साक्षात्कार के बारे में भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस के डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट का कारनामा बताया है। यह आरोप उस जगह से लगाया जा रहा है जहाँ इस डिपार्टमेंट का स्थापना स्थल और हैड क्वार्टर है। भाजपा के फूले से दिखते गुब्बारे में सारी हवा इसी डिपार्टमेंट के पम्प से भरी गयी है और यह काम आज से नहीं अपितु जनसंघ के समय से किया जा रहा है। आर एस एस को वर्षों से रियूमर स्पोंसरिंग संघ अफवाह फैलाऊ संघ, के नाम से भी जाना जाता रहा है।    

? वीरेन्द्र जैन


कौन करता है जहर की खेती ?

        भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने दलित समुदाय के बीच बताया कि वे भी पिछले कई वर्षों से राजनीतिक छुआछूत का शिकार हो रहे हैं। मेरे ख्याल से मोदी ने ठीक ही कहा है। वास्तव में मोदी राजनीति के सबसे बड़े अछूत हैं। लेकिन सवाल यह है कि मोदी ऐसा किस घटना को लेकर मानते हैं और इसका सेहरा किसके सिर बांधते हैं, क्योंकि इस दौरान न तो वे किसी घटना विशेष का जिक्र करते हैं और न ही किसी का नाम नहीं लेते हैं। मेरे ख्याल से मोदी के जीवन में उन्हे अछूत बना देने वाली घटना गुजरात दंगा है, और इसका श्रेय खुद उनकी ही पार्टी के अब तक के सबसे लोकप्रिय नेता अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है।

?

विवेकानंद


गांधी को गोली, गोडसे की गूंज रही बोली

आज़ाद भारत का पहला आतंकवादी

     किसी अलसुबह अगर मानवद्रोही कारनामे को अंजाम देनेवाले किसी आतंकी का मेसेज आप के मोबाइल पर पहुंचे, जिसमें उस खतरनाक आतंकी का महिमामण्डन करने की और निरपराधों को मारने की अपनी कार्रवाई को औचित्य प्रदान करने की कोशिश दिखाई पड़े, तो आप क्या करेंगे?और यह सिर्फ आप के साथ न हो, आप के जैसे हजारों लोगों को ऐसे मेसेज पहुंचे ?आप पास के पुलिस स्टेशन या अन्य किसी सम्बधित अधिकारियों को सूचित करेंगे कि आतंकी का महिमामण्डन करने के पीछे कौन लोग लगे हैं, इसकी पड़ताल करे।

 ? सुभाष गाताड़े


1984 की खौफनाक यादें और

सिख वोट बैंक की दावेदारी का सवाल

      1984 के नरसंहार को एक बार फिर गंभीरता से चर्चा में ला दिया गया है। अरविन्द केजरीवाल ने सिखों के संहार की जांच को  पब्लिक डोमेन में डाल दिया है। उनको सिख राजनीति के 1984 के घटनाक्रम के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति की सलाह मिल रही है। दिल्ली के बड़े वकील एच एस फुल्का अब आम आदमी पार्टी के सदस्य हैं  जानकार बताते हैं कि अरविन्द केजरीवाल को फुल्का जी की सलाह मिल रही है और उसी सलाह का नतीजा है कि उन्होंने दिल्ली समेत देश  के कुछ इलाकों में चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने वाले सिख समुदाय की पक्षधरता की राजनीति की बिसात पर निर्णायक  दांव चल  दिया है ।

? शेष नारायण सिंह


चीन जहां भ्रष्टाचार विरोधियों को दंडित किया जाता है  

              हां हमारे देश में उनको सम्मानित किया जा रहा है जो भ्रष्टाचार के विरूध्द आवाज उठाते हैं। यहां तक कि दिल्ली के नागरिकों ने ऐसे ही एक भ्रष्टाचार विरोधी समूह के हाथ में सत्ता सौंप दी। वहीं चीन में एक के बाद एक ऐसे लोगों को सजा दी जा रही है जो भ्रष्टाचार के विरूध्द आवाज उठाते हैं।

 

 ?   एल.एस.हरदेनिया


बाल यौन अत्याचार

वैटिकन को मिली संयुक्त राष्ट्रसंघ की भर्त्सना

           संयुक्त राष्ट्रसंघ पैनल ने वैटिकन - जो रोमन कैथोलिक ईसाइयों के लिए सबसे पवित्र स्थान है - की तीखी भर्त्सना करते हुए कहा है कि उसने अपने हितों एवं प्रतिष्ठा की रक्षा की खातिर उन हजारों बच्चों के हितों को दांव पर लगाया है, जिन्हें चर्च की संस्थानों में यौन अत्याचार का शिकार होना पड़ा और इस तरह उसने उन तमाम पादरियों एवं चर्च के कर्मचारियों को कानून के फंदे से बचाया है।

? अंजलि सिन्हा


तीन साल बाद किधर हैं हम ?

मध्य प्रदेश में शिक्षा का अधिकार कानून के क्रियान्वयन की स्थिति और चुनोतियाँ

      शिक्षा अधिकार कानून को लागू हुए तीन से ज्यादा साल बीत चुके हैं, एक अप्रैल 2010 को यह कानून पूरे देश में लागू किया गया था! इसको लागू करते समय यह दावा किया जा रहा था कि यह कानून भारत के बच्चों को उनके शिक्षा का अधिकार देने के सफर में महतवपूर्ण पड़ाव माना साबित होगा।

?  जावेद अनीस


आपरेशन एक्जाम में फेल

सरकारी स्कूल

     ध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में पिछले दिनों कलेक्टर को यह विचार आया कि सरकारी स्कूलों के हाल की जांच पड़ताल की जाना चाहिए। उन्होंने तय किया कि जिले के गांव शहरों में चल रहे सरकारी स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया जाये। कलेक्टर ने इसके लिए विशेष कार्य योजना तैयार की जिसे आपरेशन एक्जाम का नाम दिया गया। इसके अन्तर्गत उन्होंने भिण्ड़ जिले के अनुविभागीय अधिकारियों के नेतृत्व में टीम का गठन किया। इस आपरेशन एक्जाम में न तो शिक्षा विभाग के अफसरों को शामिल किया गया और न ही उनको इसकी सूचना दी गई।

? अमिताभ पाण्डेय


उच्चशिक्षा में समय के साथ

बदलाव जरूरी!

        सोनल पटैल बीएससी की छात्रा है लेकिन अक्सर वो कक्षाओं में उपस्थित नहीं रहती है। क्योंकि वो कालेज की कक्षाओं की बजाए आईटीआई की कक्षाओं में उपस्थिति रहती है। उसका मानना है कि बीएससी तो रटकर पास हो जाएगी लेकिन आईटीआई में वर्कशाप में काम करने का फायदा मिलता है अत: वहॉ उपस्थिति जरूरी है। विवेक मालवीय भी अपनी कालेज की कक्षाओं को छोड़कर स्किल डेवलपमेंट सेंटर में ट्रेनिंग ले रहा हैं,उसका भी मानना है कि वो कालेज की पढ़ाई तो गाइडों के सहारे कर लेगा क्योंकि रोजगार पाने के लिए डिग्री तो कैसे भी मिल ही जाएगी और फिर केवल डिग्री के सहारे अब रोजगार कम ही मिलता हैं।  

? डॉ. सुनील शर्मा


भुखमरी में मध्यप्रदेश में अव्वल

      विकास और सुशासन के दावों के बीच मध्यप्रदेश भूख और कुपोषण में अव्वल है। ऐसा तब है, जब मध्यप्रदेश ने अनाज की ज्यादा पैदावार के चलते लगातार दूसरी बार कृषि कर्मण पुरूस्कार जीता है। ''भारतीय राज्य भूख सूचकांक'' के मुताबिक भूखमरी के मामले में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। यहां भुखमरी का प्रतिशत 30.9 प्रतिशत है। देश में भुखमरी की दर 23.3 फीसदी है।        

? प्रमोद भार्गव


बदनामी बनी सफलता की गारंटी

        फिक्सिंग में शामिल होकर अजहरुद्दीन लोकसभा का चुनाव जीत सकते हैं, श्रीसंत फिल्मों के हीरो बन सकते हैं, तो फिर ऐसी बदनामी से डर कैसा? आजकल तो बदनामी सफलता की गारंटी बनती जा रही है। जिन अपराधियों के अपराध सुनकर माथा शर्म से झुक जाए, ऐसे लोग जब नकली चेहरे के साथ समाज के सामने आते हैं, तो लोग तालियां बजाकर उनका स्वागत करते हैं। उनकी बदनामी ही उनके लिए सफलता का मार्ग प्रशस्त करती दिखाई देती है। अब क्रिकेट के खिलाड़ी जिसे हम अपना आदर्श मानते आए हैं, हमारे सामने फिक्सर की भूमिका में हैं, उनकी इस भूमिका को भी हम सहजता से स्वीकार कर रहे हैं।

? डॉ. महेश परिमल


21 फरवरी मातृभाषा दिवस पर विशेष

ख़तरे में हैं मातृभाषाएं

      हा जाता है कि भाषा विचारों की अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है। लेकिन सच तो यह है कि भाषा केवल विचारों या भावनाओं की आदिवाहिनी नहीं है। वह संस्कृति की आदिवाहिनी भी है। भाषा और संस्कृति में गहरा संबंध है। संस्कृति से आशय है 1.समाज को संस्कार कर देने वाली शक्ति 2. समाज के संस्कार या व्यवहार 3.संस्कृति का प्रसार करने वाले माध्यम जैसे संगीत,नृत्य, नाटक आदि और 4 जीवन के सिध्दांत तथा मूल्य। प्रत्येक समाज और राष्ट्र की अपनी भाषा होती है।       

? डॉ. गीता गुप्त


  17 फरवरी-2014

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