संस्करण: 17 दिसम्बर -2012

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भगवा छत्रपों में

सत्ता का अहंकार

       किसी भी दल के नेताओं में सत्ता की अभिलाषा होना स्वाभाविक है, लेकिन भाजपा एक ऐसी पार्टी है जिसके नेताओं में सत्ता की आकांक्षा अधिक बलबती दिखती रही है। और इसके लिए इस पार्टी के नेता कई बार ऐसे काम कर जाते हैं जिससे लाभ कम हानि यादा होती है। हाल ही में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अपनी पार्टी कर्नाटक जनता पार्टी बनाकर भाजपा को चुनाव मैदान में उतने की चुनौती दे दी है।

? विवेकानंद


ईमानदार आदमी, बेईमान लोग

जनाब नितिन गडकरी के बंगारू न बनने के किस्से पर एक नज़र

        'मैं ईमानदार आदमी हूं, इस्तीफा नहीं दूंगा'।

               पिछले दिनों एक टीवी चैनल से बातें करते हुए संघ के निष्ठावान स्वयंसेवक एवं फिलवक्त उसके आनुषंगिक संगठन भाजपा के अध्यक्ष जनाब नितिन गडकरी ने इन बातों को कहा। उनकी बाडी लेग्वेज या उनकी भावभंगिमा में उस असहजता के पुट तक नहीं थे, जिसका कुछ दिन पहले वह मूर्तिमान रूप थे। याद करें जब भाजपा के इस 'युवा अध्यक्ष' ने कुछ दिनों तक मीडिया से बातचीत करने में परहेज बरता था क्योंकि ......

? सुभाष गाताड़े


अनुदान के नकद भुगतान की योजना और सामाजिक संरचना

   1985 में कांग्रेस के मुम्बई अधिवेशन के अवसर पर श्री राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दिये पहले भाषण की बहुत प्रशंसा हुयी थी जिसमें राजनैतिक कुटिलताओं से मुक्त देश के एक शुभेक्षु युवा की मासूम छवि नजर आयी थी। इसी भाषण का वह वाक्य बहुत चर्चित हुआ था जिसमें उन्होंने कहा था कि हम दिल्ली से जो एक रुपया गरीबों के लिए भेजते हैं तो उसमें से उनके पास कुल पन्द्रह पैसे ही पहुँच पाते हैं। विपक्षियों ने इसका अर्थ यह लगाया था कि पिचासी पैसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ जाते हैं जिसके लिए सरकार और सत्तारूढ दल ही जिम्मेवार हैं जिसकी स्वीकरोक्ति स्वयं कांग्रेस के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री ने स्वयं की है,

? वीरेन्द्र जैन


नरेंद्र मोदी को कांग्रेस नहीं, भाजपा निपटा रही है

         कुछ समय पूर्व आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नरेंद्र मोदी को प्रधान मंत्री पद के लिये सबसे उपयुक्त बताया था। इससे माया मोह से दूर रहने का दावा करने वाले मोदी के अंदर भी प्रधान मंत्री बनने की इच्छा जागृत हो गई। पहले नरेंद्र मोदी कहा करते थे कि वह गुजरात के लिये बने हैं और गुजरात में ही रहना पसंद करेंगे किंतु जब अभिभावक संगठन आरएसएस ने उन्हें प्रधानमंत्री घोषित कर ही दिया तो परिवारविहीन मोदी ने भी भाग्य आजमाने का निर्णय ले लिया। आनन फानन में अपनी छवि सुधारने के प्रयास प्रारंभ कर दिये। गुजरात दंगों से दागदार हो चुके चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी  के लिये डाक्टर ढूंढने लगे।

? मोकर्रम खान


दूर के ढोल सुहावने हैं

मोदी के विकास के दावे

       गुजरात के चुनावों का परिणाम कुछ भी हो। चुनाव में अपने भड़काऊ मुस्लिम विरोधी रवैये के कारण भले ही नरेन्द्र मोदी फिर से सरकार बनाने में सफल हो जायें परन्तु मैंने मेरे पांच दिन के गुजरात प्रवास के दौरान यह महसूस किया कि नरेन्द्र मोदी का विकास पुरूष होने का दावा खोखला है।

               जब भारतीय जनता पार्टी केन्द्र की सरकार की असफलताओं की सूची बनाती है तो उसमें सर्वोच्च प्राथमिकता अनियंत्रित बढ़ती मंहगाई को देती है। पर शायद भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व को गुजरात की हकीकत मालूम नहीं। अन्यथा वह यह आरोप केन्द्र की सरकार पर नहीं लगाती।

 ?   एल.एस.हरदेनिया


किसान विरोधी

भाजपा सरकार

                  ध्यप्रदेश में शासन कर रही भाजपा सरकार से जुड़े नेता बार-बार किसानों के कल्याण, खेती को लाभ का धंधा बनाये जाने की लोक लुभावन बातें करते हैं। शासन की बैठकों से लेकर सार्वजनिक आमसभा, सेमिनार, पार्टी संगठन की बैठक में बार-बार किसानों के हित को लेकर चर्चा चिंतन देखने सुनने को मिलता है। सत्तारूढ नेता किसान हितों की जितनी बातें करते है यदि गंभीरता से उन पर काम हो तो प्रदेश में खेती करने वाले सभी किसान समृध्द हो गये होते। हकीकत यह है कि किसानों के कल्याण के जो दावे किये जा रहे हैं उनमें से ज्यादातर कागजी साबित हो रहे है।

? अमिताभ पाण्डेय


आत्मघात के लिए मजबूर होते म.प्र. के किसान

      ध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहें हैं।कांग्रेस के विधायक रामनिवास रावत द्वारा उठाए इस मुद्दे से मालूम हुआ कि इस साल 1 मार्च से 31 अक्टूबर तक 655 किसानों और 886 कृषि मजदूरों ने मौत को गले लगाया अर्थात प्रतिदिन आठ किसान और कृषि मजदूरों ने आत्मघाती कदम उठाया है। किसान और कृषि मजदूरों की आत्महत्या  के मामले  किसी विशेष अंचल तक ही सीमित नहीं है, वरन सारे प्रदेश में समान रूप से किसान आत्मघाती कदम उठाने मजबूर हैं।

? डॉ. सुनील शर्मा


क्रिसमस पर विशेष -

आपका हृदय प्रभु का दरबार है

ईसा मसीह का जगत को संदेश

      विभिन्न धर्म प्रवर्तकों ने इस दुनिया में जन्म लेकर अपने मानवतावादी संदेशों के माध्यम से मानव समाज को एकसूत्र में बांधने और उनमें परस्पर प्रेम, दया, करुणा और सद्भाव बढ़ाने के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग तक कर दिया। जब जब मानवता के अस्तित्व को आघात पहुँचाने वाली शक्तियों ने सामाजिक समरसता में विष घोलने का प्रयास किया और जब-जब अन्याय, अत्याचार और मानव-उत्पीड़न बढ़ता चला गया, तब-तब संसार में किसी ऐसी शक्ति का प्रादुर्भाव हुआ जिसमें ईश्वरत्व के दर्शन हुए।

? राजेन्द्र जोशी


मंडी बन गये हैं

मीडिया के सरोकार

        मीडिया के बदलते सरोकारों पर अक्सर बहस होती रहती है और ऐसे निष्कर्ष भी निकाले जा रहे हैं कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए प्राणवायु माने जाने वाले इस जन माध्यम की सोच व सरोकार में पतनशील परिवर्तन हो रहा है जो कि इस माध्यम के लिए ही नहीं बल्कि देश के राजनीतिक भविष्य के लिए भी घातक होगा। देश की राजधानी दिल्ली में दो सम्पादक कथित तौर पर घूस मॉगने के आरोप में जेल में निरुध्द हैं और अदालत ने उनकी जमानत याचिका भी इस आधार पर खारिज कर दी है कि जेल से छूटने पर वे गवाहों व सबूतों को प्रभावित कर सकते हैं।

? सुनील अमर


समाज की जरूरत हैं

चिड़ियॉ और पक्षी

       भांति-भांति के पक्षियों और चिड़ियों का चहेता देश भारत इन दिनों अपने ऊपर मंडराते खतरे से लगभग बेफिक्र और निश्चिंत नजर आता है। जबकि पिछले कुछ सालों में देश के पक्षियों और चिड़ियों की विभिन्न प्रजातियों में भारी गिरावट महसूस की गई है। आंकड़े बताते हैं कि प्रजातीय विविधता के मामले में हमारा देश पहले स्थान पर रहा है। दुनियाभर में पक्षियों की 12प्रतिशत प्रजातियां हमारे देश में पाई जाती हैं और यह भी कि एक दशक पहले चिड़ियों की करीब 8,650 प्रजातियां थीं  जिसमें से 1200 के लगभग भारत में पाई जाती थीं। दुख है कि इस रंगीन अनमोल विरासत के आंकड़े अब अपनी चमक खो रहे हैं।    

? शब्बीर कादरी


अपनी हिन्दी, कितनी हिन्दी

        दि आप क्रिकेट प्रेमी हैं, तो क्रिकेट कमेंट्री हिन्दी में आने से जुड़ा विज्ञापन 'जो बात हिन्दी में है, वह किसी में नहीं' तो जरूर सुना या देखा होगा। जिन लोगों ने नहीं देखा है, उनके लिए बताते चलें कि विज्ञापन में आस्ट्रेलिया के पूर्व गेंदबाज शेर्न वार्न 'जो बात हिन्दी में है, वह किसी में नहीं' कहते हुए फिल्माया गया है ।

 

? ऋषि कुमार सिंह


  17 दिसम्बर-2012

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