संस्करण: 17नवम्बर-2008

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नाथुराम गोडसे के असली वारिस

मालेगांव-मोडासा बम विस्फोट में साधवी प्रज्ञा ठाकुर की अगुआई में हिन्दू आतंकवादियों के विस्तृत मोडयूल के खुलासे के बाद पहले बचावात्मक पैंतरा अख्तियार किए संघ परिवार ने फिलवक्त एक नया राग अलापा है, जिसमें उसने यह कहना शुरू किया है  > सुभाष गाताड़े


यह कहना बेबुनियाद है कि

''हिन्दू कभी आतंकवादी हो ही नहीं सकता''

 

'हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता।' इस घोषणा के साथ दिनांक 10 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मध्यप्रदेश विधान सभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी के चुनाव अभियान का श्रीगणेश किया। दिनांक 10 नवम्बर को लगभग एक स्वर में एक दर्जन से ज्याद >एल.एस.हरदेनिया


भारत की परेशानी बढ़ाएंगे ओमाबा !

जा्ज डब्लू बुश के उत्तराधिकारी के रूप में बराक हुसैन ओबामा की ताजपोशी के बाद अब अमेरिका से भावी संबंधों को लेकर आकलन शुरू हो गया है. पिछले कुछ सालों में भारत-अमेरिका एक दूसरे के काफी करीब आए हैं. खासकर परमाणु करार ने दोनों देशों के बीच की दूरी पाटने  >नीरज नैयर


  

प्रदूषित हो रही है-

सियासत की पावन-गंगा

 

गीरथ ने जिस उद्देश्य से पुण्य सलिला गंगा को पृथ्वी पर उतारा था, उसका हश्र आज संपूर्ण जगत देख रहा है। पापियों के पापों को धोते-धोते पतित पावनी माता-गंगा का आंचल आज इस हद तक मैला हो चुका है कि वह हमारी सांस्कृतिक आस्था की एक परिचायक अवश्य है, >राजेन्द्र जोशी


सन्दर्भ: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव

भाजपा के दिखाने के दाँतों की असलियत

 

भारतीय जनता पार्टी काँग्रेस पर एक राजनीतिक दल न होने का आरोप लगाती हुयी अपने आप को अलग तरह की पार्टी बतलाती रही है। किंतु मध्यप्रदेश के तात्कालिक विधानसभा चुनावों के दौरान उनके टिकिट वितरण के ढंग और उस वितरण के दौरान हुये जूतमपैजार >वीरेन्द्र जैन


विकास की दौड़ में पिछड़ा म.प्र.

इस समय म.प्र. में विधानसभा चुनाव का प्रचार पूरे शबाब पर है वर्तमान सत्ताधारी भाजपा येनकेन प्रकारेण पुन: प्रदेश की सत्ता प्राप्त करने आतुर है। भाजपा द्वारा अपने पॉच वर्षीय कार्यकाल में किए गए कार्यों को कथित विकास का आईना बताकर एवं अपने नेतृत्व को विकास पुरूष  >डॉ. सुनील शर्मा


दलित उत्पीड़न और सत्ता मोह

उत्तर भारत के दलित मुख्यमंत्री मायावती के सत्ता में आने के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि दलित उत्पीड़न की घटनाएं बतौर अपवाद ही सामने आएंगी और सामाजिक समरसता का वातावरण निर्मित होगा ।  >प्रमोद भार्गव


सिर्फ़ गंगा नदी की चिन्ता क्यों ?

केन्द्र सरकार ने गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित करने का निर्णय किया है। गंगा नदी से भारतवासियों का आध्यात्मिक एवं भावनात्मक लगाव सर्वविदित है। इस देश में अनेक नदियाँ हैं और आदिकाल से उनकी पूजा का विधान यहाँ प्रचलित है। पर्वों-त्योहारों पर यहाँ पवित्र स्नान  >डॉ.गीता गुप्त


25 नवंबर-विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस पर विशेष

''हरित भंडारों का निरंतर क्षरण, कैसे हो पर्यावरण संरक्षण''

 

भारत के किसी भी बड़े शहर को देख कर पर्यावरण पर जनसंख्या के दबाव का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है। मुंबई में रेलवे स्टेशन के भीतर और बाहर लोग कीड़ों की भांति रेंगने दिखाई देते हैं, लोगों का यह समुद्र जब काम पर जाने के लिए उमड़ता ह >स्वाति शर्मा


टेलीविजन पत्रकारिता :

आखिर मंजिल कौन सी है ?

 

हमारे मुल्क में टेलिविजन पत्रकारिता का इतिहास कोई ज्यादा पुराना नहीं है. दूरदर्शन पर बीस मिनट के न्यूज बुलेटिन से शुरु हुई पत्रकारिता की यात्रा आज 24 घण्टे की हो गई है. टेलिविजन पर चैनलों की भीड़ में कोई एक सैंकड़ा से अधिक समाचार चैनल हैं. >ज़ाहिद खान


आओ एड्स के खिलाफ़ एक हो जाएँ

कुछ समय पहले अखबारों में पढ़ा था कि पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति के रक्त की जांच में उसे एचआईवी पॉजीटिव पाया गया। इसके बाद तो उस व्यक्ति का जीना ही मुहाल हो गया। उसे अपने ही नाते-रिश्तेदारों की उपेक्षा सहनी पड़ी। उसे समाज से ही बहिष्कृत कर दिया गया। >डॉ. महेश परिमल


17नवम्बर2008

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